श्रीसांवलिया सेठ मंदिर में मासिक भंडार खुला, अब तक 29 करोड़ की दानराशि

Ashish Bhardwaj | Jul 20, 2026, 14:01 IST
श्रीसांवलिया सेठ मंदिर
राजस्थान के श्रीसांवलिया सेठ मंदिर के मासिक भंडार से अब तक 29 करोड़ से ज्यादा की दानराशि गिनी जा चुकी है। मंदिर में पांच चरण की गिनती पूरी हो चुकी है और छठे चरण की गिनती जारी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • राजस्थान के श्रीसांवलिया सेठ मंदिर के मासिक भंडार से अब तक 29 करोड़ रुपए से ज्यादा गिने गए हैं।
  • 13 जुलाई को कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन मंदिर मंडल की मौजूदगी में भंडार खोला गया।
  • पांच चरणों में 10.11 करोड़, 6.49 करोड़, 7.63 करोड़, 3.01 करोड़ और 1.90 करोड़ रुपए गिने गए।
  • सोमवार को छठा और अंतिम चरण चल रहा है, जिसमें सोने-चांदी और विदेशी मुद्रा की गिनती भी होगी।
  • श्रद्धालु और व्यापारी श्रीसांवलिया सेठ को बिजनेस पार्टनर मानते हुए चढ़ावा अर्पित करते हैं।

राजस्थान के सुप्रसिद्ध कृष्ण धाम श्रीसांवलिया सेठ मंदिर के मासिक भंडार से निकली दानराशि की गिनती लगातार जारी है। अब तक पांच चरणों में 29 करोड़ रुपए से ज्यादा की दानराशि गिनी जा चुकी है।



13 जुलाई को कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन मंदिर मंडल के प्रशासनिक अधिकारी, मंदिर मंडल अध्यक्ष और सदस्यों की मौजूदगी में मासिक भंडार खोला गया था।



पांच चरणों की गिनती पूरी

गिनती के पहले चरण में 10 करोड़ 11 लाख 83 हजार रुपए निकले। दूसरे चरण में 6 करोड़ 49 लाख रुपए की गिनती हुई। तीसरे चरण में 7 करोड़ 63 लाख 30 हजार रुपए सामने आए।



चौथे चरण में 3 करोड़ 1 लाख रुपए और पांचवें चरण में 1 करोड़ 90 लाख रुपए की गिनती की गई। इस तरह अब तक कुल पांच चरणों में 29 करोड़ 15 लाख 13 हजार रुपए की दानराशि गिनी जा चुकी है।



आज होगा छठा और अंतिम चरण

सोमवार को छठे चरण की गिनती की जा रही है। दानपात्र के अलावा मंदिर कार्यालय, भेंट कक्ष और ऑनलाइन आने वाले चढ़ावे की गिनती अभी बाकी है।



इसके साथ ही सोने-चांदी का तौल और विदेशी मुद्राओं की काउंटिंग भी की जानी है। बताया जा रहा है कि आज दानराशि गिनती का अंतिम चरण होने जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद ही इस महीने खोले गए भंडार से मिले चढ़ावे का पूरा आंकड़ा सामने आ पाएगा।



श्रीसांवलिया सेठ को बनाते हैं बिजनेस पार्टनर

श्रीसांवलिया सेठ मंदिर से जुड़ी एक खास मान्यता भी है। यहां आने वाले कई व्यापारी श्रीसांवलिया सेठ को अपना बिजनेस पार्टनर बनाते हैं। वे अपने व्यापार में हुए मुनाफे का एक हिस्सा श्रीसांवलिया सेठ को दान करते हैं।



मान्यता है कि श्रीसांवलिया सेठ को बिजनेस पार्टनर बनाने से व्यापार में अच्छा खासा मुनाफा होता है। इसी अटूट आस्था के चलते देश-विदेश से भक्त यहां पहुंचकर अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं।



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