एसएमएस हॉस्पिटल में महिला डॉक्टर से दुर्व्यवहार, जांच कमेटी ने माना दोषी
समझें क्या है पूरा मामला
- एसएमएस हॉस्पिटल के डॉ. सतीश वर्मा जांच में दोषी पाए गए।
- महिला डॉक्टर प्रताड़ना मामले में हटाने की सिफारिश हुई।
- प्रशासन ने कार्रवाई की जगह नई जांच कमेटी बना दी।
- फार्मासिस्ट संघ ने भी डॉ. वर्मा के खिलाफ मोर्चा खोला।
- ट्रांसफर आदेश और पुराने विवादों को लेकर विरोध बढ़ा।
सवाई मानसिंह हॉस्पिटल के अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. सतीश वर्मा को जांच कमेटी ने दोषी माना है। यह मामला एक महिला डॉक्टर को प्रताड़ित करने से जुड़ा है। कमेटी ने उन्हें पद से हटाने की सिफारिश की है। इसके बावजूद प्रशासन ने नई जांच कमेटी बना दी। अब फार्मासिस्ट कर्मचारी संघ भी उनके खिलाफ उतर आया है।
जांच कमेटी ने माना दोषी
महिला डॉक्टर प्रताड़ना मामले की जांच के लिए तीन सीनियर प्रोफेसरों की कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में डॉ. वर्मा को दोषी करार दिया।
कमेटी ने साफ सिफारिश की कि उन्हें पद से हटाया जाए। लेकिन एसएमएस अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी ने सीधी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने मामला एसएमएस मेडिकल कॉलेज के पास भेज दिया।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इसके बाद एक दूसरी जांच कमेटी बना दी। इस नई कमेटी को मामले की दोबारा जांच करने को कहा गया है।
फार्मासिस्टों ने किया विरोध
डॉ. वर्मा के खिलाफ अब फार्मासिस्ट कर्मचारी संघ भी खड़ा हो गया है। विवादित ड्यूटी आदेश को लेकर 50 से ज्यादा फार्मासिस्ट ने हॉस्पिटल अधीक्षक का घेराव किया।
उन्होंने आदेश निरस्त करने की मांग रखी। साथ ही डॉ. वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की गई। राजस्थान फार्मासिस्ट संघ एकीकृत ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
संघ का कहना है कि डॉ. वर्मा ने नियम विरुद्ध आदेश जारी कर 15 फार्मासिस्ट के इंटरनल ट्रांसफर किए। जबकि नियम के अनुसार यह अधिकार संबंधित मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज के पास ही होता है।
संघ ने यह भी आरोप लगाया कि जिन फार्मासिस्ट का ट्रांसफर हुआ, उनमें से कुछ का डॉ. वर्मा से पहले से विवाद चल रहा था। संघ का कहना है कि यह आदेश निजी द्वेष के चलते जारी किए गए।
दो साल से किचन के प्रभारी
डॉ. सतीश वर्मा दो साल से ज्यादा समय से एसएमएस हॉस्पिटल की किचन के मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज (MOIC – Medical Officer In-Charge) हैं। इस दौरान मरीजों को पर्याप्त डाइट न मिलने की कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
FAQ
- SMS हॉस्पिटल के अतिरिक्त अधीक्षक पर क्या आरोप है?
डॉ. सतीश वर्मा पर महिला डॉक्टर को प्रताड़ित करने का आरोप है। जांच कमेटी ने उन्हें दोषी मानते हुए पद से हटाने की सिफारिश की है। - फार्मासिस्टों ने विरोध क्यों किया?
फार्मासिस्टों का आरोप है कि डॉ. वर्मा ने नियम विरुद्ध 15 फार्मासिस्ट का ट्रांसफर किया। इसे लेकर उन्होंने अधीक्षक का घेराव किया।
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