आसाराम को 20 दिन की पैरोल, फिर भी जेल में क्यों? हाई कोर्ट ने पूछा सवाल

Ashish Bhardwaj | Aug 08, 2026, 16:23 IST
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आसाराम बापू
आसाराम बापू

पैरोल मिलने के बावजूद आसाराम जेल से रिहा नहीं हुआ। हाई कोर्ट ने राजस्थान सरकार से जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने भी अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया। अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • आसाराम की पैरोल के बाद भी नहीं हुई रिहाई, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब।
  • राजस्थान सरकार और जेल प्रशासन से 17 अगस्त तक जवाब तलब।
  • सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत देने से किया इनकार।
  • एम्स रिपोर्ट के बाद आसाराम को केयरगिवर रखने की अनुमति मिली।
  • पैरोल और जमानत विवाद के बीच मामला फिर कोर्ट पहुंचा।
आसाराम को लेकर एक नया कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। हाई कोर्ट से 20 दिन की पैरोल मिली थी। इसके बावजूद जेल प्रशासन ने उसे रिहा नहीं किया। इस पर राजस्थान हाई कोर्ट ने राजस्थान सरकार से सवाल पूछा है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया।

हाई कोर्ट ने मांगा जवाब

आसाराम के वकीलों ने पैरोल पर अमल न होने से नाराज होकर फिर हाई कोर्ट का रुख किया। राजस्थान हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की बेंच में इस मामले पर सुनवाई हुई।

अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया। सरकार और जेल प्रशासन को अब बताना होगा कि पैरोल आदेश के बाद भी रिहाई क्यों नहीं हुई। इस मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त तय की गई है।

फिलहाल आसाराम जोधपुर के एक आयुर्वेद अस्पताल में इलाज करवा रहा है। वह पुलिस हिरासत में ही रह रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने जमानत से किया इनकार

दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने खराब सेहत के आधार पर मांगी गई अंतरिम जमानत ठुकरा दी। हालांकि याचिका पूरी तरह खारिज नहीं की गई है। इसे पेंडिंग रखा गया है।

कोर्ट ने कहा कि भविष्य में सेहत ज्यादा बिगड़ने पर दोबारा अर्जी दी जा सकती है। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने गंभीर आरोप भी लगाया।

उनका कहना था कि आसाराम ने हाईकोर्ट से पैरोल मांगते समय एक अहम बात छुपाई। यह बात सुप्रीम कोर्ट में चल रही उसकी अंतरिम जमानत याचिका से जुड़ी थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताई।

एम्स की रिपोर्ट के बाद मिली राहत

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने एम्स (AIIMS – All India Institute of Medical Sciences) से आसाराम की मेडिकल स्थिति पर रिपोर्ट मांगी थी। एम्स की टीम ने कहा कि उसे अस्पताल में भर्ती रखने की तुरंत जरूरत नहीं है।

हालांकि उम्र और बीमारियों को देखते हुए 24 घंटे निगरानी जरूरी बताई गई। इस रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने एक राहत दी। आसाराम को अपनी पसंद का प्रशिक्षित केयरगिवर रखने की अनुमति मिल गई।

अब आगे क्या होगा

आसाराम की रिहाई का मामला फिलहाल उलझा हुआ है। एक तरफ हाईकोर्ट के पैरोल आदेश पर अमल नहीं हो पाया है। दूसरी तरफ जानकारी छुपाने के आरोप ने मामले को और पेचीदा बना दिया है।

अब 17 अगस्त को हाई कोर्ट में सुनवाई होगी। तभी साफ होगा कि आसाराम को पैरोल पर बाहर आने का मौका मिलेगा या नहीं।

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