एसओजी ने स्कूल लेक्चरर को किया गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेजों से हथिया ली नौकरी
News In Short
- एसओजी ने फर्जी दस्तावेजों के आरोप में स्कूल लेक्चरर को किया गिरफ्तार।
- आरोपी ने बैक डेट में बनवाई थी मार्कशीट्स ।
- एसओजी ने आरोपी को बुधवार रात को किया था गिरफ्तार
- आरोपी को गुरुवार को किया कोर्ट में पेश किया।
News In Detail
राजस्थान में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक ऐसे स्कूल लेक्चरर को गिरफ्तार किया है, जिस पर फर्जी दस्तावेज के जरिए नौकरी पाने का आरोप है। आरोपी ने नौकरी के लिए बैक डेट में बनवाई हुई मार्कशीट का उपयोग किया था। आरोपी को बुधवार को गिरफ्तार किया था। गुरुवार सुबह 30 अप्रैल को कोर्ट ने उसे 5 दिन के रिमांड पर एसओजी को दिया है।
फर्जीवाड़े का खुलासा
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित प्राध्यापक/व्याख्याता कृषि विज्ञान (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2022 के माध्यम से आरोपी ने परीक्षा पास की। लेकिन जांच में यह सामने आया कि आरोपी ने आवश्यक योग्यता पूरी नहीं की थी। फिर भी उसने फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के जरिए खुद को योग्य दिखाया और चयनित हो गया।
एसओजी ने मार्च 2026 में इस मामले की जांच शुरू की और पाया कि आरोपी ने ओपीजेएस यूनिवर्सिटी के अधिकारियों के साथ मिलकर बैक डेट में बीएड (साल 2020-22) और एमएमसी एग्रीकल्चर (साल 2018-20) की मार्कशीट तैयार की थीं
आरोपी का नाम और गिरफ्तारी की जानकारी
एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि आरोपी का नाम अशोक कुमार यादव (33) है, जो कालाडेरा चौमूं का निवासी है। वह वर्तमान में शहीद गजराज सिंह राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल, दिवराला, श्रीमाधोपुर, सीकर में कृषि के स्कूल व्याख्याता के पद पर तैनात है। एसओजी को इस मामले में शिकायत मिली थी कि आरोपी ने फर्जी तरीके से प्रतियोगी परीक्षा में आवेदन किया और अपनी पोस्टिंग प्राप्त की।
एसओजी की कार्रवाई
एसओजी ने जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए बुधवार रात दबिश दी और उसे धर दबोचा। गुरुवार सुबह आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 5 दिन के रिमांड पर भेज दिया गया है। एसओजी अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और अन्य अधिकारियों की भूमिका भी उजागर करने की कोशिश कर रही है।
सख्त कार्रवाई की जाएगी
एसओजी के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस तरह के फर्जीवाड़े से प्रशासनिक व्यवस्था की साख को ठेस पहुंचती है, और एसओजी इसे रोकने के लिए अपनी जांच तेज कर दी है।
ये भी पढे़:-
पूर्व आईएएस पंवार के नेतृत्व में बनी समिति का कार्यकाल बढ़ा, अब सितंबर 2026 तक करेगी काम
पॉक्सो आरोपी का ASP कार्यालय में सुसाइड का प्रयास, पेपर कटर से काटा गला