स्कूल में मर्यादा की हद पार, पैसे गुम हुए तो छात्राओं के उतरवाए कपड़े
समझें क्या है पूरा मामला
- स्कूल में शिक्षिका ने पैसे खोने पर छात्राओं के कपड़े उतरवाए।
- सवाईमाधोपुर में शर्मनाक घटना से भड़के अभिभावक, स्कूल में लगाया ताला।
- शिक्षिका सरस्वती मीणा सस्पेंड, प्रिंसिपल की भूमिका पर भी सवाल।
- छात्राओं को मानसिक प्रताड़ना, डराने-धमकाने के आरोप भी लगे।
- सीबीईओ ने मौके पर जाकर लिया बयान, विभाग ने दिखाई सख्ती।
सवाईमाधोपुर के बामनवास उपखंड क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लिवाली में शर्मनाक घटना हुई। वरिष्ठ शिक्षिका सरस्वती मीणा के करीब एक हजार रुपए खो गए। उन्होंने 9वीं और 11वीं की छात्राओं पर शक जताया और जांच के नाम पर उनके कपड़े उतरवा लिए।
घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों और अभिभावकों ने स्कूल में तालाबंदी कर दी। विभाग ने शिक्षिका को सस्पेंड कर दिया है और प्रिंसिपल की भूमिका की भी जांच हो रही है।
क्या है पूरा मामला?
वरिष्ठ अध्यापिका (हिंदी) सरस्वती मीणा के करीब एक हजार रुपए खो गए। आरोप है कि शिक्षिका ने सीधे तौर पर कक्षा 9वीं और 11वीं की छात्राओं पर शक जताया। उन्होंने छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। जांच के नाम पर छात्राओं के कपड़े तक खुलवा दिए गए।
घटना के बाद डरी-सहमी छात्राओं ने घर जाकर परिजनों को बताया। इसके बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। अभिभावकों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
ग्रामीणों ने घेरा स्कूल
बुधवार सुबह बड़ी संख्या में अभिभावक और ग्रामीण स्कूल के बाहर जमा हो गए। उन्होंने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया और जमकर प्रदर्शन किया। स्कूल में तालाबंदी और हंगामे की सूचना पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रतिभा मीणा मौके पर पहुंचीं।
सीबीईओ ने पीड़ित छात्राओं को ढांढस बंधाया। उन्होंने उनसे वन-टू-वन बात कर पूरी घटना की जानकारी ली। छात्राओं के बयानों में मामले की गंभीरता और सत्यता देखते हुए सीबीईओ ने रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी।
शिक्षिका सस्पेंड, प्रिंसिपल पर भी सवाल
सीबीईओ की रिपोर्ट पर स्कूल शिक्षा भरतपुर मंडल के संयुक्त निदेशक दलवीर सिंह ने तत्काल एक्शन लिया। उन्होंने राजस्थान सिविल सेवा नियम 1958 के तहत शिक्षिका सरस्वती मीणा को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया।
निलंबन काल में उनका मुख्यालय सीबीईओ कार्यालय राजाखेड़ा (धौलपुर) रहेगा। स्कूल की व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षक वंदना शर्मा को भी कार्यमुक्त कर दिया गया है।
स्कूल के प्रधानाचार्य मनोज कुमार मीणा की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। सीबीईओ ने माना कि प्रधानाचार्य ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और उसे दबाने का प्रयास किया। उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है।
अभिभावकों ने लगाए और आरोप
अभिभावकों ने मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के समक्ष आरोप लगाया कि विद्यालय के कुछ शिक्षकों ने छात्राओं को घटना की जानकारी किसी को नहीं देने के लिए डराया-धमकाया।
उन्होंने कहा कि अगर अभिभावकों या अन्य किसी को बताया तो कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों ने ऐसे सभी शिक्षकों की भूमिका की जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की। सीबीईओ ने सभी आरोपों की जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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