टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: वारदात से पहले खरीदी बाइक, सूरत में बदली ट्रेन; कोटा में पकड़े गए आरोपी
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। कोटा एसपी तेजस्विनी गौतम के मुताबिक, आरोपियों ने वारदात से पहले बाइक खरीदी थी और फायरिंग के बाद पुलिस से बचने के लिए ट्रेन बदली थी। कोटा पुलिस ने जयपुर-पुणे एक्सप्रेस से दो युवकों को गिरफ्तार किया, जबकि एक नाबालिग को निरुद्ध किया है।
वारदात के बाद बाइक से अंधेरी स्टेशन पहुंचे
पुलिस के मुताबिक, मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग करने के बाद तीनों आरोपी बाइक से मौके से भागे। वे एसवी रोड से विले पार्ले होते हुए अंधेरी रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां से उन्होंने ट्रेन पकड़ी और मुंबई से बाहर निकलने की कोशिश की। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अपनी पहचान और लोकेशन छिपाने के लिए सफर के दौरान रास्ता बदला।
सूरत में ट्रेन बदली, जयपुर-पुणे एक्सप्रेस में चढ़े
पुलिस के अनुसार, आरोपी पहली ट्रेन से करीब दो स्टेशन आगे गुजरात के सूरत में उतरे। इसके बाद वे वहां खड़ी जयपुर-पुणे एक्सप्रेस के जनरल कोच में सवार हो गए। उन्हें लगा कि ट्रेन बदलने से पुलिस को चकमा दिया जा सकेगा। हालांकि, मुंबई पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जानकारी के आधार पर उनके सफर का पता लगा लिया।
कोटा पुलिस को मिली सूचना, 15 मिनट में स्टेशन पर घेराबंदी
मुंबई क्राइम ब्रांच ने आरोपियों की लोकेशन मिलने के बाद कोटा सिटी पुलिस को सूचना दी। इसके बाद एसपी तेजस्विनी गौतम ने रेलवे कॉलोनी थाना, भीमगंज मंडी थाना, जिला विशेष टीम, साइबर टीम, आरपीएफ और एजीटीएफ को तुरंत सक्रिय किया। महज 15 मिनट में कोटा रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए। स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वारों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई।
जनरल कोच की ऊपर वाली सीट पर मिले तीनों संदिग्ध
जयपुर-पुणे एक्सप्रेस के कोटा पहुंचने पर सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी जनरल कोच में चढ़े। ट्रेन के अलग-अलग गेट पर भी जवान तैनात किए गए थे। तलाशी के दौरान तीनों संदिग्ध आगे की ओर लगे जनरल डिब्बे की ऊपरी सीट पर सोते हुए मिले। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और मुंह ढककर स्टेशन से बाहर ले गई। तकनीकी आधार पर पहचान की पुष्टि के बाद उन्हें पुलिस कार्यालय पहुंचाया गया।
हरियाणा और बिहार के रहने वाले हैं आरोपी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार युवकों की पहचान हरियाणा के सोनीपत की ईदगाह कॉलोनी निवासी रेहान उर्फ सुवका (18) और बिहार के बेगूसराय के पिपराई निवासी ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन (22) के रूप में हुई है। तीसरा आरोपी नाबालिग है। पुलिस ने फिलहाल तीनों को बापर्दा रखा है। पूछताछ में सामने आया कि ऋतिक मुंबई के अंधेरी वेस्ट इलाके में रहता था और रैपिडो बाइक चलाता था, जबकि रेहान और नाबालिग मजदूरी करते थे।
मोटी रकम और विदेश में नौकरी का लालच देने का आरोप
प्रारंभिक पूछताछ के अनुसार, आरोपियों को फायरिंग की वारदात के लिए मोटी रकम देने का लालच दिया गया था। पुलिस का कहना है कि रेहान को अनिल पंडित ने वारदात के बाद विदेश में नौकरी दिलवाने और वहीं बसाने का आश्वासन दिया था। इस कथित संपर्क और फायरिंग की साजिश के बीच संबंधों की जांच की जा रही है। फिलहाल आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद नहीं हुए हैं।
पौने दो घंटे में कोटा पहुंची मुंबई पुलिस
कोटा पुलिस द्वारा आरोपियों को हिरासत में लिए जाने के करीब पौने दो घंटे बाद मुंबई पुलिस की टीम कोटा पहुंच गई। इसके बाद तीनों को मुंबई पुलिस के हवाले करने की प्रक्रिया शुरू की गई। अब आगे की पूछताछ में फायरिंग के पीछे की पूरी साजिश, हथियारों की लोकेशन और अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश होगी। पुलिस जांच के बाद ही मामले के सभी पहलू स्पष्ट हो सकेंगे।