गुड टच-बैड टच ने खोला राज, छात्रा ने बताई शिक्षकों की करतूत, दो टीचर सस्पेंड
समझें क्या है पूरा मामला
- अजमेर के मॉडल स्कूल में छात्राओं से अश्लील हरकत का मामला।
- गुड टच-बैड टच क्लास के बाद छात्रा ने बताई PTI की करतूत।
- अनैतिक चैटिंग और आपत्तिजनक कंटेंट मिली, दबाने का प्रयास।
- संयुक्त निदेशक ने की कार्रवाई, पीटीआई और शिक्षक निलंबित।
- ग्रामीणों के विरोध के बाद ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को भेजी रिपोर्ट।
राजस्थान के सरकारी स्कूल से शिक्षा के पेशे को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। अजमेर जिले के पीसांगन स्थित एक सरकारी मॉडल स्कूल में छात्राओं के साथ अश्लील हरकतें करने और उनके मोबाइल पर अनैतिक चैटिंग करने के गंभीर आरोपों में वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक (PTI) ललित कुमार और अध्यापक मोहम्मद अली को निलंबित कर दिया गया है।
अजमेर संभाग के संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा डॉ. महावीर प्रसाद शर्मा ने यह आदेश जारी किए। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू हो गई है। यदि जांच में दोषी पाए गए तो सरकारी सेवा से बर्खास्तगी भी हो सकती है।
पुलिस की जागरूकता क्लास ने दिया हौसला
इस पूरे मामले का खुलासा 24 जुलाई को एक जागरूकता सत्र के बाद हुआ। पीसांगन थाना पुलिस ने उस दिन स्कूल में गुड टच-बैड टच और साइबर अपराध विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया था।
इस कार्यक्रम से प्रेरित होकर स्कूल से घर लौटने पर एक पीड़ित छात्रा ने हिम्मत जुटाई और अपने परिजनों को PTI ललित कुमार और अध्यापक मोहम्मद अली की करतूतों के बारे में बता दिया।
पहले प्राचार्या ने दबाने की कोशिश की
परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि पीड़ित छात्रा ने पहले इस बात की शिकायत स्कूल की प्राचार्या से की थी। लेकिन प्राचार्या ने मामला सुलझाने की बजाय छात्रा को डरा-धमकाकर चुप कराने का प्रयास किया।
जब परिजन और ग्रामीण स्कूल पहुंचे और जोरदार विरोध किया तब जाकर प्राचार्या ने आरोपी शिक्षकों और पीड़ित छात्रा के मोबाइल फोन की जांच की। जांच में अनैतिक चैटिंग और आपत्तिजनक सामग्री की पुष्टि हुई।
मोबाइल में मिला सबूत
मोबाइल जांच में आरोप सही पाए जाने पर प्राचार्या ने रिपोर्ट तैयार कर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBO) को भेज दी। इसके बाद संयुक्त निदेशक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपी शिक्षकों को तत्काल निलंबित कर दिया।
दोनों के नए मुख्यालय तय
निलंबन काल में PTI ललित कुमार का मुख्यालय मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, डेगाना (नागौर) और अध्यापक मोहम्मद अली का मुख्यालय मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, अराई निर्धारित किया गया है। दोनों को बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ना होगा।
छात्राओं की सुरक्षा और भरोसे का सवाल
यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि सरकारी मॉडल स्कूल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में छात्राओं की सुरक्षा कितनी सुनिश्चित है। साथ ही यह भी कि प्राचार्या स्तर पर मामला दबाने की कोशिश क्यों हुई। ग्रामीणों और परिजनों के दबाव के बिना शायद यह मामला कभी सामने न आता।
ये भी पढ़ें:-
स्कूल में मर्यादा की हद पार, पैसे गुम हुए तो छात्राओं के उतरवाए कपड़े
केंद्रीय विश्वविद्यालय में जल संकट, अब एक महीने चलेंगी ऑनलाइन कक्षाएं
शिक्षा विभाग में बंपर तबादले, डेढ़ हजार से अधिक प्रिंसिपल इधर-उधर
कोर्ट ने रद्द की नरेश मीणा की जमानत, जारी हुआ गिरफ्तारी वारंट