272 प्लॉट घोटाले में एसओजी ASP हिरासत में, 2 करोड़ की रिश्वत लेते दलाल गिरफ्तार

Jageshwar prasad | Sept 27, 2026, 09:43 IST
SOG ASP रिश्वत कांड: 2 करोड़ लेते दलाल गिरफ्तार, ASP डिटेन
उदयपुर में 272 प्लॉट घोटाले में एफआर लगाने के बदले 2 करोड़ रुपए की रिश्वत लेते दलाल सज्जन सिंह जैन को एसीबी ने गिरफ्तार किया। रिश्वत एसओजी के एडिशनल एसपी मुकेश सोनी के नाम पर मांगी जा रही थी। एसीबी ने मुकेश सोनी को बालोतरा से हिरासत में लिया है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • उदयपुर के 500 करोड़ के घोटाले में नया मोड़।
  • एसओजी के ASP मुकेश सोनी हिरासत में।
  • 2 करोड़ की रिश्वत लेते दलाल गिरफ्तार।
  • कार में हुई डील, मोबाइल पर लिखा 2 करोड़।
  • 272 प्लॉट घोटाले में एफआर के लिए हुई डील।

उदयपुर नगर निगम के 272 प्लॉट घोटाले में बड़ी कार्रवाई हुई है। एफआर लगाने और जब्त सामान छोड़ने के बदले 2 करोड़ रुपए की रिश्वत लेते हुए दलाल सज्जन सिंह जैन को एसीबी ने गिरफ्तार किया। यह रिश्वत एसओजी के एडिशनल एसपी मुकेश सोनी के नाम पर मांगी जा रही थी।



शनिवार देर रात एडिशनल एसपी मुकेश सोनी को बालोतरा में उनके घर से हिरासत में ले लिया गया। एसीबी डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह ने पूरे मामले की जानकारी दी।



शिकायत में क्या कहा गया?

एसीबी डीआईजी के मुताबिक परिवादी ने शिकायत दी थी। उसके खिलाफ सूरजपोल थाने में 272 प्लॉट घोटाले का केस दर्ज है। जांच एसओजी के एएसपी मुकेश सोनी कर रहे हैं। मामले में एफआर लगाने के लिए 2 करोड़ रुपए की घूस मांगी गई है।



सत्यापन के बाद दलाल को रिश्वत लेने के लिए बुलाया गया। जैसे ही दलाल ने रुपए से भरा बैग लिया, इंस्पेक्टर डॉ. सोनू शेखावत की टीम ने ट्रैप कर लिया। एसीबी ने परिवादी से 4 लाख रुपए के असली नोट और 1.96 करोड़ रुपए के डमी नोट रखवाए थे।



कार में हुई थी डील

सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला ने शिकायतकर्ता का भरोसा जीतने के लिए उसकी मुलाकात एएसपी मुकेश सोनी से करवाई थी। मुलाकात किसी दफ्तर में नहीं, बल्कि उदयपुर में एक चौराहे के पास खड़ी कार में हुई।



शिकायतकर्ता ने अधिकारियों को बताया कि कार की आगे वाली सीट पर एएसपी मुकेश सोनी बैठे थे। पीछे की सीट पर वह और दलाल सज्जन सिंह जैन थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सज्जन सिंह ने उससे संपर्क कर मामला निपटाने के बदले में दो करोड़ रुपए नकद मांगे थे।



मोबाइल स्क्रीन पर लिखा 2 करोड़

इतनी बड़ी रकम की मांग पर शिकायतकर्ता ने कहा कि पहले उसकी एएसपी से मुलाकात करवाई जाए। इससे उसे विश्वास हो सके कि सौदा उन्हीं के लिए किया जा रहा है। इसके बाद सज्जन सिंह ने उसकी उदयपुर में एएसपी मुकेश सोनी से मुलाकात करवाई।



कार में बातचीत के दौरान दलाल ने मामला निपटाने के बदले दो करोड़ रुपए देने की बात कही। बातचीत रिकॉर्ड होने के डर से पूरे समय मुकेश सोनी चुप बैठे रहे। काफी टटोलने के बाद भी उन्होंने पैसे या मामले से जुड़ी कोई बात नहीं की। आखिरी समय में उन्होंने अपने मोबाइल की स्क्रीन पर सिर्फ 2 करोड़ लिखकर परिवादी को दिखाया और मामला खत्म करने का आश्वासन देने का इशारा किया।



इस मुलाकात के बाद सज्जन सिंह लगातार परिवादी के संपर्क में रहा। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया और शनिवार को कार्रवाई करते हुए दलाल सज्जन सिंह को रिश्वत के मामले में रंगे हाथ पकड़ लिया।



क्या है 272 प्लॉट घोटाला?

यह मामला फर्जी दस्तावेज और मिलीभगत से खाली व रद्द प्लॉटों पर अवैध कब्जा कर उन्हें बेचने से जुड़ा है। साल 2012 में यूआईटी ने कई कॉलोनियां निगम को ट्रांसफर की थीं। इनमें करोड़ों के प्लॉट खाली थे।



आरोप है कि भू-माफियाओं और निगम अधिकारी-कर्मचारियों की मिलीभगत से खाली जमीनों के फर्जी दस्तावेज और लीज डीड तैयार करवा लिए गए। फर्जी व्यक्तियों के नाम नामांतरण खोलकर उन्हें आगे महंगे दामों पर बेच दिया गया।



पहले भी हुई हैं गिरफ्तारियां

2022 में निगम 272 प्लॉट घोटाले की एफआईआर सूरजपोल थाने में दर्ज कराई गई थी। एसओजी ने 4 अगस्त को सुखेर निवासी पूर्व जिला अल्पसंख्यक अधिकारी हेमलता कांकरिया और उनके पति निरंजन मोगरा को गिरफ्तार किया था।



उनके घर से 2 किलो सोने के जेवर और 11 लाख रुपए जब्त किए थे। इसी मामले में एफआर लगाने और जब्त सामान छोड़ने के लिए रिश्वत ली गई है। यह 500 करोड़ का घोटाला विधानसभा में भी उठ चुका है। अप्रैल 2022 से एसओजी मामले की जांच कर रही है। इसमें करीब 6 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।



क्यों अहम है यह कार्रवाई

यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप से जुड़ा है। जांच अधिकारी पर ही रिश्वत लेने का आरोप है। इससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।



एसीबी की यह कार्रवाई अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में मानी जा रही है। रिश्वत की रकम 2 करोड़ रुपए है। इससे साफ है कि मामला कितना गंभीर है। अब जांच में आगे क्या खुलासे होते हैं, यह देखना बाकी है।



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