UPSC 2025: टॉपर अनुज अग्निहोत्री को इंटरव्यू में मिले रिकॉर्ड 204 अंक, 5 साल में इस बार सबसे कठिन रही कट-ऑफ
News In Short
- यूपीएससी टॉपर अनुज अग्निहोत्री को इंटरव्यू में मिले रिकॉर्ड 204 अंक।
- पांच साल में किसी भी टॉपर को इतने नंबर अंक नहीं मिल पाए।
- पांच साल के टॉपर की तुलना में अनुज को लिखित परीक्षा में कम अंक मिले।
- 2018 के बाद पहली बार फाइनल कट-ऑफ में बड़ी बढ़त देखी गई।
- पहली चार रैंक के उम्मीदवारों के कुल अंकों में 15 अंकों का अंतर।
News In Detail
Jaipur: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 की कट-ऑफ और चयनित अभ्यर्थियों के अंकों का ब्योरा जारी कर दिया गया है। इस साल के आंकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि प्रतियोगिता का स्तर न केवल बढ़ा है, बल्कि इंटरव्यू में मिलने वाले अंकों ने अंतिम चयन और रैंक निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस वर्ष के रिजल्ट में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय राजस्थान के टॉपर अनुज अग्निहोत्री (कुल अंक 1071) रहे हैं। अनुज ने न केवल ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की, बल्कि इंटरव्यू में 204 अंक प्राप्त कर पांच साल का पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
लिखित परीक्षा मिले कम अंक
यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में पांच साल में किसी भी टॉपर को इंटरव्यू में इतने अधिक अंक नहीं मिले थे। दिलचस्प बात यह है कि अनुज अग्निहोत्री के लिखित परीक्षा के अंक पिछले पांच साल के टॉपर्स की तुलना में सबसे कम रहे हैं, लेकिन इंटरव्यू की बड़ी बढ़त ने उन्हें शीर्ष पर पहुंचा दिया।
कट-ऑफ विश्लेषण: 2018 के बाद सबसे बड़ी उछाल
UPSC 2025 की कट-ऑफ लिस्ट पर नजर डालें तो सामान्य श्रेणी के लिए यह साल चुनौतीपूर्ण रहा है। 2018 के बाद यह पहली बार है, जब फाइनल कट-ऑफ में इतनी बड़ी बढ़त देखी गई है।
प्रारंभिक परीक्षा (Prelims): 92.66 अंक
मुख्य परीक्षा (Mains): 739 अंक
अंतिम चयन (Final): 963 अंक
आंकड़ों की तुलना करें तो 2024 के मुकाबले फाइनल कट-ऑफ में 16 अंकों की वृद्धि हुई है। वहीं, मुख्य परीक्षा की कट-ऑफ 2024 के मुकाबले 10 अंक बढ़कर 739 पर पहुंच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रारंभिक परीक्षा की कट-ऑफ पिछले 6 साल में सबसे अधिक रही है, जो पेपर की बदलती प्रकृति और बढ़ते कंपटीशन को दर्शाती है।
पिछले 6 साल की कट-ऑफ पर एक नजर
वर्ष प्रीलिम्स (Prelims) मेन्स (Mains) फाइनल (Final)
2025 92.66 739 963
2024 87.98 729 947
2023 75.41 741 953
2022 88.22 748 960
2021 87.54 745 953
2020 92.51 736 944
एक-एक नंबर की 'जंग'
शीर्ष रैंक वाले उम्मीदवारों के बीच अंकों का अंतर बहुत कम रहा है। पहली चार रैंक के उम्मीदवारों के कुल अंकों में 15 अंकों तक का फासला है, लेकिन चौथी रैंक के बाद यह अंतर सिमटकर महज 1-1 अंक का रह गया है।
अंकों का विश्लेषण यह भी बताता है कि लिखित परीक्षा में उम्मीदवारों के बीच भारी उतार-चढ़ाव रहा। उदाहरण के लिए, जहां रैंक-1 उम्मीदवार को लिखित परीक्षा में 867 अंक मिले, वहीं पांचवीं रैंक वाले उम्मीदवार को 823 अंक प्राप्त हुए। ऐसे में इंटरव्यू में मिलने वाले अंक (जो औसतन 165 से 225 के बीच होते हैं) गेम चेंजर साबित हुए हैं।
2020 से बढ़ा इंटरव्यू में कंपटीशन
तुलनात्मक अध्ययन से पता चलता है कि 2020 से 2023 के बीच टॉपर्स के फाइनल मार्क्स काफी ऊंचे थे, लेकिन 2024 के बाद इनमें मामूली गिरावट आई है। हालांकि, इंटरव्यू के मार्क्स का औसत ग्राफ साल 2020 के बाद से लगातार बढ़ा है
UPSC एक्सपर्ट का कहना है कि साल 2017 के बाद से मुख्य परीक्षा में 'कॉन्सेप्ट बेस्ड' प्रश्नों की संख्या बढ़ी है। अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में अधिक अंक लाने का प्रयास करना चाहिए क्योंकि रैंक सुधारने में वही सबसे बड़ा आधार बनते हैं।
राजस्थान के टॉपर अनुज अग्निहोत्री (कुल अंक 1071) की सफलता यह सिद्ध करती है कि मुख्य परीक्षा में औसत अंक होने के बावजूद, एक उत्कृष्ट व्यक्तित्व परीक्षण (इंटरव्यू) आपको देश के टॉपर्स की सूची में खड़ा कर सकता है।
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