भारत की पहली वंदे भारत मालगाड़ी का कोटा में ट्रायल, 130 किमी की रफ्तार से दौड़ी

Saurabh Mishra | Aug 14, 2026, 17:33 IST
देश की पहली वंदे भारत फ्रेट ट्रेन का कोटा में सफल ट्रायल, 130 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ी
भारत की पहली वंदे भारत फ्रेट ट्रेन (मालगाड़ी) का कोटा-रोहल खुर्द सेक्शन पर 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रायल हुआ। यह 16 कोच वाली फ्रेट ईएमयू है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • पहली वंदे भारत फ्रेट ट्रेन का ट्रायल कोटा-रोहल खुर्द सेक्शन पर हुआ।
  • ट्रेन ने 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़कर परीक्षण पास किया।
  • यह ट्रायल वेस्ट सेंट्रल रेलवे (WCR) के कोटा-रोहल खुर्द सेक्शन में हुआ।
  • इसमें आरडीएसओ और आईसीएफ की टीमें मौजूद रहीं।
  • 16 कोच वाली ट्रेन को पार्सल और सामान की तेज ढुलाई के लिए बनाया गया है।

भारत की पहली वंदे भारत मालगाड़ी का वेस्ट सेंट्रल रेलवे (West Central Railway) के कोटा-रोहल खुर्द सेक्शन पर 130 kmph की स्पीड से ट्रायल रन हुआ। यह ट्रायल टेक्निकल टेस्टिंग के हिस्से के तौर पर किया गया, जिसमें रिसर्च डिज़ाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइज़ेशन (RDSO) और इंटीग्रल कोच फ़ैक्टरी (ICF) की टीमें मौजूद थीं।



रेलवे अधिकारियों ने ट्रायल के दौरान ट्रेन के इलेक्ट्रिकल और प्रोपल्शन सिस्टम की जांच की। इसमें रीजेनरेटिव एनर्जी, थर्मल क्षमता, ट्रैक्शन और ब्रेकिंग परफॉर्मेंस के साथ-साथ लोड की स्थिति में जर्क लेवल को भी परखा गया।



कोटा मंडल के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर सौरभ जैन ने बताया कि रीजेनरेटिव एनर्जी टेस्ट में यह देखा गया कि ब्रेक लगाते समय ट्रेन कितनी कुशलता से बिजली रिकवर कर पाती है। थर्मल क्षमता टेस्ट में तेज रफ्तार पर इलेक्ट्रिकल और प्रोपल्शन सिस्टम के प्रदर्शन को परखा गया।



वंदे भारत मालगाड़ी का कोटा-रोहल खुर्द सेक्शन में ट्रायल रन

ट्रैक्शन और ब्रेकिंग टेस्ट में वंदे भारत मालगाड़ी की खींचने और रोकने की क्षमता जांची गई। वहीं जर्क टेस्ट में यह देखा गया कि लोड के साथ चलते समय ट्रेन कितनी आसानी से गति बढ़ाती और घटाती है।



वंदे भारत मालगाड़ी ने कोटा-रोहल खुर्द सेक्शन पर पास किया परीक्षण


16 कोच की खास फ्रेट EMU का क्या फायदा?

वंदे भारत सीरीज़ पर आधारित, 16-कोच वाले फ्रेट EMU को पार्सल और दूसरे सामान को तेज़ स्पीड से ट्रांसपोर्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया। इसे चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ने तैयार किया है। ट्रेन में एडवांस प्रोपल्शन और ब्रेकिंग सिस्टम लगे हैं। पार्सल लोडिंग के लिए इसमें खास रोलर फ्लोर सिस्टम दिया गया है।



इसके अलावा ट्रेन में ऑटोमैटिक वाइड स्लाइडिंग दरवाजे, तापमान नियंत्रित (रेफर) सुविधा, सीसीटीवी निगरानी और फायर डिटेक्शन सिस्टम भी लगाए गए हैं।



रेलवे अधिकारी ने बताया ट्रायल का मकसद

कोटा रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ जैन ने बताया कि तकनीकी ट्रायल का मकसद ट्रेन के अलग-अलग सिस्टम की कार्यक्षमता, विश्वसनीयता और परफॉर्मेंस की तेज रफ्तार पर डिटेल जांच करना है। उनके मुताबिक ट्रायल सफल होने पर यह ट्रेन भारतीय रेलवे में तेज, सुरक्षित और समय पर पार्सल व लॉजिस्टिक्स ढुलाई में अहम भूमिका निभा सकती है।



FAQ

  1. वंदे भारत मालगाड़ी का ट्रायल कहां हुआ?
    यह ट्रायल वेस्ट सेंट्रल रेलवे के कोटा-रोहल खुर्द सेक्शन पर हुआ। ट्रेन ने 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से यह सफर पूरा किया।
  2. वंदे भारत मालगाड़ी के ट्रायल में क्या-क्या जांचा गया?
    इसमें रीजेनरेटिव एनर्जी, थर्मल क्षमता, ट्रैक्शन, ब्रेकिंग और जर्क लेवल की जांच की गई। यह सभी टेस्ट लोड की स्थिति में किए गए।
  3. यह मालगाड़ी किस मकसद से डिजाइन की गई है?
    यह 16 कोच की फ्रेट ईएमयू पार्सल और सामान की तेज ढुलाई के लिए बनाई गई है। इसे इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ने डिजाइन किया है।

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