भड़ाना हत्याकांड और संघ प्रचारक की पिटाई पर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने DGP को किया तलब, सख्त कार्रवाई के निर्देश
राजस्थान में पूर्व भाजपा विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या और नरैना थाने में संघ प्रचारक के साथ मारपीट के मामलों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा को विधानसभा में तलब किया। देवनानी ने दोनों घटनाओं की जानकारी लेते हुए पुलिस कार्रवाई और जांच की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने साफ कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा ना हो इसके लिए असरदार कार्रवाई जरूरी है। अपराधियों में कानून का भय रहना चाहिए, ताकि आम लोगों का कानून-व्यवस्था पर भरोसा बना रहे।
स्पीकर देवनानी ने बताया कि संघ प्रचारक से जुड़े मामले में राजस्थान सरकार जरूरी कार्रवाई कर चुकी है, जबकि पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या के मामले में जांच जारी है। विधानसभा अध्यक्ष ने दोनों घटनाओं को गंभीर बताते हुए संबंधित मामलों में कार्रवाई की जानकारी ली और आगे भी प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया।
दो घटनाओं पर पुलिस से मांगा जवाब
पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या और नरैना थाने में संघ प्रचारक के साथ मारपीट की घटनाओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। इन्हीं मामलों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने DGP से जानकारी ली।
देवनानी का जोर इस बात पर रहा कि ऐसी घटनाओं को केवल जांच तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि भविष्य में उनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी ठोस कदम उठाए जाएं। दोनों मामलों में पुलिस की कार्रवाई और जांच की स्थिति की समीक्षा को इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
संघ प्रचारक से जुड़े मामले में सरकार की ओर से कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई है। वहीं, अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड में जांच अभी जारी है। उपलब्ध जानकारी में जांच के अंतिम नतीजे या आरोपियों के संबंध में विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।
विधानसभा की सुरक्षा के लिए नई तकनीक
एक तरफ देवनानी ने कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों की समीक्षा की, तो दूसरी तरफ राजस्थान विधानसभा परिसर की सुरक्षा को आधुनिक बनाने की दिशा में भी कदम उठाया। गुरुवार को विधानसभा परिसर में अंडर व्हीकल सर्विलांस सिस्टम (UVSS) का उद्घाटन किया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने रिमोट का बटन दबाकर इस प्रणाली की शुरुआत की।
UVSS सिस्टम पर खर्च हुए 1 करोड़
इस आधुनिक सिस्टम को स्थापित करने पर करीब 1 करोड़ 6 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। इसका इस्तेमाल विधानसभा परिसर में प्रवेश करने वाले वाहनों की जांच के लिए किया जाएगा। UVSS के जरिए वाहनों के निचले हिस्से की तस्वीरें ली जा सकेंगी। इससे सुरक्षा कर्मियों को गाड़ी के नीचे का हिस्सा देखने और संदिग्ध वस्तुओं की पहचान करने में मदद मिलेगी।
गाड़ी के नीचे छिपे सामान की जांच आसान
आमतौर पर किसी वाहन के निचले हिस्से का निरीक्षण करना आसान नहीं होता। कई बार सामान्य जांच के दौरान वहां मौजूद संदिग्ध वस्तुओं को देख पाना मुश्किल हो सकता है। UVSS इस काम को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में मदद करेगा।
विधानसभा परिसर में आने वाले वाहनों की तस्वीरें मिलने से सुरक्षा कर्मियों को जांच के दौरान स्पष्ट दृश्य उपलब्ध होगा। इससे वाहनों की तलाशी की प्रक्रिया को तकनीकी रूप से मजबूत किया जा सकेगा। हालांकि, यह प्रणाली सुरक्षा व्यवस्था का एक हिस्सा है। इसके साथ सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता और निर्धारित जांच प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण रहेगी।
संवैधानिक संस्थान की सुरक्षा सबसे ऊपर
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि राजस्थान विधानसभा एक महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्थान है। यहां जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, आगंतुकों और अन्य लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए वाहन जांच व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
दो आपराधिक घटनाओं की समीक्षा और विधानसभा परिसर में नई सुरक्षा प्रणाली की शुरुआत, दोनों मामलों में देवनानी ने सुरक्षा और जवाबदेही पर जोर दिया। अब नजर इस बात पर रहेगी कि अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में पुलिस आगे क्या कदम उठाती है।