कौन है विष्णु जाट, जिसने डकैत जगन गुर्जर को अजमेर जेल में मार डाला
समझें क्या है पूरा मामला
- डकैत जगन गुर्जर की हत्या करने वाला विष्णु जाट कभी मामूली चोर हुआ करता था।
- विष्ण ने सोमवार को अजमेर जेल में बंद जगन की गला घोंटकर हत्या कर दी।
- विष्णु जाट कभी भरतपुर की गलियों में छोटी-मोटी चोरियां करता था।
- सेवर जेल में गैंगस्टर पंकज के संपर्क में आने के बाद उसका अपराध नेटवर्क बढ़ गया।
- वह गैंगस्टर कुलदीप जघीना के मर्डर मामले में तीन साल से जेल में बंद था।
Bharatpur: अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद चंबल के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या ने सबको चौंका दिया है। लेकिन, इस पूरे हत्याकांड के केंद्र में विष्णु जाट है, जिसने इस वारदात को अंजाम दिया।
विष्णु जाट ने कभी भरतपुर की गलियों में छोटी-मोटी चोरियों से शुरुआत की थी। आज उसने डकैत जगन गुर्जर को ठिकाने लगाकर सभी को चौंका दिया। उसी के बैरक में बंद विष्णु जाट ने तौलिए से उसकी गला घोंटकर कर दी।
बाइक चोरी से शुरुआत
भरतपुर के अजान गांव का रहने वाला विष्णु जाट किसी आपराधिक पृष्ठभूमि से नहीं आता। उसके परिवार की माली हालत बेहद खराब है। माता-पिता और भाई आज भी मजदूरी करके पेट पालते हैं।
विष्णु अविवाहित है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उस पर बाइक चोरी सहित 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं। विष्णु की जिंदगी में टर्निंग पॉइंट तब आया जब वह बाइक चोरी के एक मामले में भरतपुर की सेवर सेंट्रल जेल गया।
कैसे बदला विष्णु का गियर?
विष्णु जाट एक आम चोर से शातिर शूटर कैसे बना, इसकी कहानी भरतपुर की सेवर सेंट्रल जेल से शुरू होती है।
बाइक चोरी के आरोप में जब विष्णु सेवर जेल गया, तो वहां उसकी मुलाकात कुख्यात गैंगस्टर पंकज से हुई। बड़े अपराधियों की सोहबत में आकर उसने चोरी का रास्ता छोड़ दिया।
सीधे हत्या व रंगदारी जैसी बड़ी वारदातों की प्लानिंग का हिस्सा बन गया। जेल से बाहर आते ही उसने एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया जिससे वह पूरे राजस्थान की पुलिस की नजरों में आ गया।
लाइव लोकेशन देकर किया था कुलदीप जघीना का मर्डर
विष्णु जाट पहली बार सुर्खियों में तब आया जब उसने 12 जुलाई 2023 को गैंगस्टर कुलदीप जघीना की सरेआम हत्या कर दी। इस हत्याकांड में विष्णु का रोल सबसे खतरनाक और सटीक था।
पुलिस जब गैंगस्टर कुलदीप जघीना को जयपुर जेल से भरतपुर कोर्ट ले जा रही थी, तो विष्णु खुद एक आम यात्री बनकर उसी रोडवेज बस में कुलदीप के ठीक पीछे वाली सीट पर बैठ गया।
विष्णु फोन पर लगातार अपने साथियों को बस की लाइव लोकेशन दे रहा था। जैसे ही बस अमोली टोल प्लाजा के पास धीमी हुई, विष्णु अपनी सीट से उठा और उसने कुलदीप पर पहली गोली दाग दी। इसके बाद बस में चीख-पुकार मच गई और उसके साथियों ने बस में घुसकर पुलिस की आंखों में मिर्ची झोंकी और कुलदीप को गोलियों से भून दिया।
वारदात के बाद जब पुलिस घेराबंदी करने गई, तो विष्णु ने पुलिस पर भी फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी और वह गिरफ्तार हुआ। तब से वह अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था।
डकैत जगन गुर्जर की हत्या
अजमेर जेल की कड़ी सुरक्षा वाली बैरक में विष्णु जाट को चंबल के खूंखार डकैत जगन गुर्जर के साथ रखा गया था। जगन गुर्जर का चंबल में कभी खौफ हुआ करता था। वह जेल के भीतर भी अपनी धौंस जमाता था।
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि जगन गुर्जर लगातार विष्णु जाट को ताने मारता था। उसे नीचा दिखाने की कोशिश करता था।
विष्णु खुद को अब एक बड़ा शूटर मानने लगा था। उसे यह बर्दाश्त नहीं हुआ। घटना के दिन सोमवार सुबह दोनों ने साथ में बैरक साफ की, लूडो खेला, लेकिन दोपहर होते-होते विष्णु ने जगन के तानों का हिसाब चुकता करने की ठान ली। उसने तौलिए का फंदा बनाया और जगन गुर्जर का गला घोंटकर उसे हमेशा के लिए शांत कर दिया।
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