स्कूलों में जुड़ेगा मतदाता जागरुकता का पाठ, बच्चों को सिखाए जाएंगे लोकतंत्र के अधिकार और कर्तव्य
राजस्थान के स्कूली बच्चों के लिए अब एक नई पहल की शुरुआत होने जा रही है। शिक्षा विभाग और निर्वाचन विभाग के बीच प्रस्तावित एमओयू के बाद स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को मतदाता जागरुकता का पाठ पढ़ाया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य है कि न केवल बच्चे लोकतांत्रिक अधिकारों और कर्तव्यों को समझें, बल्कि भविष्य में जिम्मेदार मतदाता भी बन सकें।
योजना के अनुसार, इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब की गतिविधियों को औपचारिक रूप से स्कूल सिलेबस से जोड़ा जाएगा। बच्चों को इस विषय से संबंधित पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें मतदान प्रक्रिया, मतदाता सूची, पहचान पत्र और लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों की जानकारी शामिल होगी।
कांग्रेस नेता अरुण यादव बोले एमपी में भी मतदाता सूचियों की होगी जांच
दो चरणों में लागू होगा कार्यक्रम
यह कार्यक्रम दो चरणों में लागू होगा। पहले चरण में उच्च प्राथमिक स्तर (मिडिल स्कूल) में बच्चों के लिए मतदाता जागरुकता को सिलेबस का हिस्सा बनाया जाएगा। वहीं दूसरे चरण में उच्च शिक्षा विभाग के साथ भी एमओयू होगा। इससे कॉलेज और विश्वविद्यालयों में भी छात्र-छात्राओं को यह पाठ पढ़ाया जाएगा। प्रस्तावित एमओयू में दोनों विभागों की भूमिकाएं तय होंगी। सिलेबस में शामिल होने वाले बिंदुओं और पाठ्य सामग्री की रूपरेखा पर भी सहमति बनेगी। जल्द ही सचिवालय में मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित होगी, जिसमें समझौते पर मोहर लगने की संभावना है।
बिहार की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में SIR की तैयारी? मतदाता सूची पुनरीक्षण पर सियासी घमासान
बिहार की तर्ज पर राजस्थान में भी घर-घर जाकर मतदाता सूचियों को जांचेंगे, चलेगा बड़ा अभियान
एमपी की मतदाता सूची में बड़ा बदलाव, 10 प्रतिशत वोटर फर्जी, लिस्ट से हटाए जाएंगे 60 लाख नाम
जिम्मेदारी की भावना बढ़ने की उम्मीद
शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, जब बच्चे स्कूल में लोकतांत्रिक प्रक्रिया का व्यावहारिक ज्ञान पाएंगे, तो उनके भीतर जिम्मेदारी की भावना भी बढ़ेगी। विश्लेषक मानते हैं कि यह पहल वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम बन सकती है। मतदाता जागरुकता को स्कूली और उच्च शिक्षा सिलेबस का हिस्सा बनाने से न केवल बच्चों में मतदान प्रक्रिया की समझ विकसित होगी, बल्कि आने वाले समय में यह पहल लोकतंत्र को और सशक्त बनाने में भी मददगार साबित हो सकती है।
FAQ
- Q1: क्या इस पहल का उद्देश्य केवल वोटिंग प्रतिशत बढ़ाना है?
नहीं, इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को लोकतंत्र के अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में जागरूक करना है, ताकि वे भविष्य में जिम्मेदार मतदाता बन सकें। - Q2: यह कार्यक्रम कब से शुरू होगा और किसे इसमें शामिल किया जाएगा?
यह कार्यक्रम दो चरणों में लागू होगा, पहले चरण में मिडिल स्कूल के बच्चों को शामिल किया जाएगा, और दूसरे चरण में कॉलेज और विश्वविद्यालयों में इसे लागू किया जाएगा। - Q3: क्या यह कार्यक्रम सिर्फ राजस्थान में लागू होगा या इसे अन्य राज्यों में भी लागू किया जाएगा?
फिलहाल यह पहल राजस्थान में लागू की जा रही है, लेकिन यह कदम अन्य राज्यों में भी लागू किया जा सकता है यदि इसके परिणाम सकारात्मक होते हैं।
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्स और एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧