सट्टा बाजार में 'कमल' को बढ़त, फलौदी से कोलकाता तक आंकड़ों ने बढ़ाई धड़कनें

Jageshwar prasad | Apr 26, 2026, 12:35 IST
Photograph: (the sootr)
पश्चिम बंगाल चुनाव के पहले चरण के बाद सट्टा बाजारों ने भाजपा को बड़ी बढ़त दी है। फलौदी, दिल्ली और कोलकाता सट्टा बाजारों के अनुसार भाजपा बहुमत का आंकड़ा पार कर सकती है। एंटी-इंकंबेंसी और भारी मतदान को इस बदलाव का मुख्य कारण माना जा रहा है।

News In Short

  • 93% रिकॉर्ड मतदान के बाद सटोरियों ने सट्टा बाजारों में भाजपा को बड़ी बढ़त दी।
  • मशहूर फलौदी सट्टा बाजार भाजपा को 170 और टीएमसी को 120 सीटें दे रहा है।
  • दिल्ली के बाजार में भाजपा 180 सीटों के साथ टीएमसी से काफी आगे दिख रही है।
  • कोलकाता के बाजार में भाजपा को सर्वाधिक 190 सीटें मिलने का दावा है ।
  • सटोरिए 93% रिकॉर्ड मतदान और सत्ता विरोधी लहर को भाजपा की जीत का आधार मान रहे।

News In Detail

पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र के महापर्व का आगाज होते ही जीत-हार के दावों का बाजार गर्म हो गया है। जहां एक तरफ मतदाता ईवीएम में प्रत्याशियों की किस्मत कैद कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ देश के प्रमुख सट्टा बाजारों ने अपनी संभावित लिस्ट जारी कर दी है। इन आंकड़ों ने बंगाल की सत्ता पर काबिज टीएमसी (TMC) और मुख्य विपक्षी दल भाजपा (BJP) के बीच मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है।



फलौदी सट्टा बाजार

देशभर में अपने सटीक अनुमानों के लिए मशहूर राजस्थान के फलौदी सट्टा बाजार की हलचल सबसे ज्यादा है। फलौदी के सटोरियों के गणित के अनुसार:


BJP: 170 सीटें


TMC: 120 सीटें


यहाँ भाजपा को स्पष्ट बहुमत (148 का आंकड़ा) पार करते हुए दिखाया जा रहा है, जिससे भाजपा खेमे में उत्साह है।



दिल्ली सट्टा बाजार

दिल्ली के सट्टा बाजार में भी भाजपा का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। यहाँ के आंकड़े बताते हैं कि भाजपा की पकड़ बंगाल के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मजबूत हुई है:


BJP: 180 सीटें


TMC: 110 सीटें


दिल्ली के अनुमानों में टीएमसी की सीटों में बड़ी गिरावट की आशंका जताई जा रही है।



कोलकाता सट्टा बाजार

सबसे चौंकाने वाले आंकड़े खुद कोलकाता सट्टा बाजार से आ रहे हैं। बंगाल की धरती पर चल रहे इस सट्टे में भाजपा को सबसे बड़ी बढ़त दी गई है:


BJP: 190 सीटें


TMC: 100 सीटें


यदि ये आंकड़े हकीकत में बदलते हैं, तो यह बंगाल की राजनीति में अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर साबित होगा।



सट्टा बाजार के इन आंकड़ों के पीछे के 3 बड़े कारण

परिवर्तन की लहर: एंटी-इंकंबेंसी (सत्ता विरोधी लहर) को सटोरिए एक बड़ा फैक्टर मान रहे हैं।


महिला वोटर और योजनाएं: जहां टीएमसी अपनी योजनाओं पर भरोसा कर रही है, वहीं भाजपा सुरक्षा और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर आक्रामक है।


वोटिंग प्रतिशत: पहले चरण में हुआ 93% से अधिक का रिकॉर्ड मतदान अक्सर बड़े बदलाव का संकेत माना जाता है।



यह केवल अनुमान

सट्टा बाजार के आंकड़े पूरी तरह से अनुमानों और जोखिमों पर आधारित होते हैं। इनका कोई आधिकारिक या वैज्ञानिक आधार नहीं होता। चुनाव के असली नतीजे 4 मई 2026 को मतगणना के बाद ही साफ होंगे।



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