किस बात को लेकर अक्सर परेशान रहते थे आईएएस ऐश्वर्य वर्मा
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में गिना जाता है। हर साल लाखों युवा इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन सफलता कुछ ही लोगों को मिलती है। उज्जैन के ऐश्वर्य वर्मा उन्हीं चंद लोगों में से एक हैं। ऐश्वर्य ने 2022 बैच में ऑल इंडिया रैंक- 4 हासिल कर यह साबित कर दिया कि सही रणनीति, धैर्य और आत्मविश्वास के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
फैमिली बैकग्राउंड
आईएएस ऐश्वर्या वर्मा एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता बैंकिंग सेक्टर में कार्यरत हैं। शुरुआती शिक्षा उन्होंने मध्य प्रदेश के उज्जैन में पूरी की। पढ़ाई में शुरू से ही तेज रहे ऐश्वर्य ने आगे की पढ़ाई उत्तराखंड में की।उन्होंने उधम सिंह नगर के रुद्रपुर स्थित होली चाइल्ड स्कूल से 10वीं और 12वीं की परीक्षा पास की। 10वीं में 93 प्रतिशत और 12वीं में 87.41 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।
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इंजीनियरिंग से सिविल सेवा तक का सफर
स्कूली शिक्षा के बाद ऐश्वर्य ने गोविंद वल्लभ पंत विश्वविद्यालय, पंतनगर (उत्तराखंड) से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक किया। ग्रेजुएशन के दौरान ही उन्होंने तय कर लिया था कि उनका लक्ष्य सिविल सेवा है। इसके लिए उन्होंने फील्ड प्लेसमेंट छोड़कर पूरी तरह यूपीएससी की तैयारी का रास्ता चुना।
सेल्फ स्टडी बनी सबसे बड़ी ताकत
ऐश्वर्य दिल्ली जाकर कोचिंग लेना चाहते थे, लेकिन 2020 में कोविड-19 महामारी के चलते हालात बदल गए। उन्हें घर पर रहकर ही तैयारी करनी पड़ी। इस दौरान उन्होंने सेल्फ स्टडी को ही अपना मुख्य हथियार बनाया।ऐश्वर्य मानते हैं कि निरंतरता और आत्मअनुशासन ने कठिन परिस्थितियों में भी उन्हें लक्ष्य से भटकने नहीं दिया।
असफलताओं से हार नहीं मानी
यूपीएससी की यात्रा ऐश्वर्य के लिए भी आसान नहीं रही। पहले प्रयास में वे प्रीलिम्स पास नहीं कर सके। दूसरे और तीसरे प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो पाया। तीसरा प्रयास उनके लिए मानसिक रूप से सबसे चुनौतीपूर्ण रहा।
इस दौर में उनके माता-पिता और दोस्तों का समर्थन उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। परिवार ने उन्हें भरोसा दिलाया कि असफलता अंत नहीं है, बल्कि सीखने का अवसर है।
चौथे प्रयास में AIR-4 के साथ पुरुष वर्ग में किया टॉप
लगातार आत्ममंथन, रणनीति में बदलाव और मेहनत के बाद ऐश्वर्य वर्मा ने चौथे प्रयास में यूपीएससी 2023 में ऑल इंडिया रैंक 4 हासिल की। इसके पहले वर्ष 2019 में उन्होंने CAT परीक्षा लगभग 98 पर्सेंटाइल के साथ पास की थी।
जरूरी नहीं की टॉपर ही सफल हों
ऐश्वर्य वर्मा कहते हैं कि अक्सर लोग सोचते हैं कि यूपीएससी सिविल सर्विसेज में सफल होने वाले टॉपर होते हैं। यह एक मिथ है। मैं कभी टॉपर या एक्सेप्शनल स्टूडेंट नहीं रहा। लेकिन, सही प्लानिंग और अपने आत्मविश्वास से मैंने सफलता हासिल की।
नाम को लेकर रहे परेशान
ऐश्वर्य की मां विनीता वर्मा ने कहा कि बेटे के नाम की वजह से उसे कई बार गलतफहमियों का सामना करना पड़ा। परीक्षा परिणाम आने के बाद भी कुछ लोग और मीडिया कर्मी यह मान बैठे कि सफलता किसी लड़की ने हासिल की है। उन्होंने कहा कि आज ऐश्वर्य ने अपने नाम को सम्मान दिलाया है।
उन्होंने यह भी बताया कि ऐश्वर्य को परिवार से कभी कोई नाराजगी नहीं रही, लेकिन वह अक्सर हँसते हुए यही शिकायत करता था कि उसका नाम ऐश्वर्य क्यों रखा गया।
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स्मार्ट वर्क पर जोर
IAS Aishwarya Verma का मानना है कि यूपीएससी की तैयारी के लिए रोज 16-16 घंटे पढ़ना जरूरी नहीं है। जरूरी यह है कि सही रणनीति अपनाएं। स्मार्ट तरीके से तैयारी करें तो सफलता जरूर मिलेगी। वो कहते हैं कि दूसरों को फॉलो करने से बचें।
वही काम आप अच्छा कर सकते हैं जिसमें आपकी रुचि होगी। यूपीएससी की तैयारी शुरू करने के पहले शांत दिमाग से सोचें कि क्या वाकई आप इस फील्ड में आना चाहते हैं। मुझे हमेशा से लगता था कि मैं सिविल सेवा में ही अपना शत-प्रतिशत दे सकता हूं। इसलिए इस क्षेत्र में आने का फैसला किया।
UPSC कैंडिडेट्स को दिए सक्सेस टिप्स
- सिलेबस को छोटे हिस्सों में बांटना
- शॉर्ट-टर्म, मिड-टर्म और लॉन्ग-टर्म लक्ष्य तय करना
- नियमित रिवीजन और टेस्ट प्रैक्टिस
- समय सीमा में आंसर राइटिंग प्रैक्टिस
- नियमित रूप से न्यूजपेपर और मैगजीन पढ़ना
खेलों से मिला मानसिक संतुलन
पढ़ाई के साथ-साथ ऐश्वर्य शतरंज और क्रिकेट खेलने के शौकीन हैं। उनका मानना है कि खेल मानसिक तनाव को कम करते हैं और पढ़ाई में फोकस लाने में मदद करते हैं। यही संतुलन उन्हें लंबे समय तक प्रेरित रखता रहा।
माता-पिता और दोस्तों ने किया सपोर्ट
अपनी सफलता का श्रेय ऐश्वर्य वर्मा माता-पिता और दोस्तों को देते हैं। परीक्षा परिणाम आने के बाद उन्होंने सबसे पहले अपने परिवार और करीबी दोस्तों को यह खुशखबरी दी। उनका कहना है कि जीवन में दोस्तों की भूमिका बेहद अहम होती है। वे कठिन समय में साथ खड़े रहते हैं और आत्मविश्वास बनाए रखते हैं।
करियर एक नजर
- नाम: आईएएस ऐश्वर्य वर्मा
- जन्म: 8/3/1996
- जन्मस्थान: उज्जैन, मध्य प्रदेश
- एजुकेशन: बी टेक
- बैच: 2022
- कैडर: मध्य प्रदेश
ऐश्वर्य वर्मा कहते हैं कि असफलता से घबराने की जरूरत नहीं है। सही दिशा में निरंतर प्रयास और खुद पर भरोसा हो, तो किसी भी पृष्ठभूमि से आने वाला उम्मीदवार यूपीएससी जैसी परीक्षा में सफलता हासिल कर सकता है।
पदस्थापना
ऐश्वर्य वर्मा डिंडोरी में राजस्व विभाग में एसडीओ के पद पर कार्यरत हैं।
FAQ
- ऐश्वर्य वर्मा ने यूपीएससी किस प्रयास में सफलता हासिल की?
ऐश्वर्य वर्मा ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में चौथे प्रयास में सफलता हासिल की और ऑल इंडिया रैंक 4 प्राप्त की। - क्या ऐश्वर्य वर्मा ने यूपीएससी की तैयारी के लिए कोचिंग ली थी?
नहीं, कोविड-19 महामारी के कारण ऐश्वर्य वर्मा ने बिना किसी कोचिंग के सेल्फ स्टडी के माध्यम से यूपीएससी की तैयारी की। - वर्तमान में ऐश्वर्य वर्मा किस पद पर कार्यरत हैं?
वर्तमान में ऐश्वर्य वर्मा मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में राजस्व विभाग में एसडीओ के पद पर पदस्थ हैं।
(प्रोफाइल 363- 2 मार्च 2026 तक अपडेट)