आईएएस कंसोटिया के इशारे पर संतोष वर्मा की साजिश, अजाक्स ने झाड़ा पल्ला

Ramanand Tiwari | Jan 17, 2026, 20:14 IST
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ias kansotia santosh verma
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अजाक्स ने 18 जनवरी को प्रस्तावित बैठक और प्रदर्शन पर आरोप लगाया है। उन्होंने IAS संतोष वर्मा और IAS कंसोटिया पर साजिश का आरोप लगाया। अजाक्स ने इसे असंवैधानिक करार दिया।

News in Short

  • अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) एक बार फिर विवादों में है।
  • 18 जनवरी को प्रस्तावित बैठक और प्रदर्शन को लेकर संगठन ने आपत्तियां जताई हैं।
  • अजाक्स ने आरोप लगाया कि 18 जनवरी को प्रदर्शन और बैठक के जरिए संगठन के नाम का दुरुपयोग किया जा रहा है।
  • आईएएस संतोष वर्मा और सेवानिवृत्त प्रांताध्यक्ष आईएएस कंसोटिया संगठन को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं।
  • अजाक्स ने स्पष्ट किया कि 18 जनवरी को होने वाली बैठक और प्रदर्शन का संगठन से कोई संबंध नहीं है।

News in Detail

अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) फिर विवादों में है। 18 जनवरी को प्रस्तावित बैठक और प्रदर्शन को लेकर आपत्तियां दर्ज की गई हैं। इसे लेटरहेड के दुरुपयोग और अवैध गतिविधियों का हिस्सा बताया गया है। संगठन ने इसे सुनियोजित साजिश का हिस्सा बताया है।

अजाक्स नेतृत्व का आरोप है कि उनके नाम का दुरुपयोग किया जा रहा है। प्रदर्शन और बैठक के जरिए दबाव बनाने की रणनीति बनाई जा रही है। संगठन का कहना है कि यह कदम असंवैधानिक है। इससे अजाक्स की साख को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

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अजाक्स का दो टूक: संगठन से कोई संबंध नहीं

अजाक्स के प्रांतीय महासचिव मुरारीलाल लिथोरिया ने कहा कि आईएएस संतोष वर्मा की गतिविधियों से अजाक्स का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि 18 जनवरी को अजाक्स के नाम पर कोई बैठक या प्रदर्शन भ्रामक और अनधिकृत है।

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अधिकृत पदाधिकारी नहीं हैं संतोष वर्मा

लिथोरिया के अनुसार, संतोष वर्मा असिस्टेंट रजिस्ट्रार, फर्म एवं संस्थाएं के स्तर पर अजाक्स के अधिकृत पदाधिकारी नहीं हैं। ऐसे में उनके द्वारा जारी कोई भी पत्र, बैठक या आह्वान गैर-संवैधानिक माना जाएगा।

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कंसोटिया फिर विवादों के केंद्र में

अजाक्स ने इस पूरे घटनाक्रम का केंद्र सेवानिवृत्त पूर्व प्रांताध्यक्ष आईएएस जेएन कंसोटिया को बताया है। आरोप है कि कंसोटिया के इशारे पर संतोष वर्मा 18 जनवरी के आयोजन के जरिए संगठन को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं।

लेटरहेड का दुरुपयोग

प्रांतीय महासचिव ने कहा कि अजाक्स के लेटरहेड का अनधिकृत उपयोग किया जा रहा है। अवैध बैठकों, फर्जी नियुक्तियों और प्रदर्शन की तैयारी हो रही है। यह सब संघ के संविधान के विरुद्ध है और भ्रम फैलाने की रणनीति का हिस्सा है।

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वैध नेतृत्व से कोई संबंध नहीं

अजाक्स ने स्पष्ट किया कि इन गतिविधियों से चौ. मुकेश मौर्य का कोई संबंध नहीं है। वह असिस्टेंट रजिस्ट्रार द्वारा वैधानिक रूप से अधिकृत प्रांताध्यक्ष (मध्यप्रदेश अजाक्स) हैं। संगठन का वैध संचालन उनके नेतृत्व में हो रहा है।

पदाधिकारियों और सदस्यों से सीधी अपील

मुरारीलाल लिथोरिया ने प्रदेशभर के अजाक्स अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की। उन्होंने कहा कि 18 जनवरी को किसी भी अनधिकृत बैठक या प्रदर्शन का हिस्सा न बनें। संगठन की संवैधानिक व्यवस्था के साथ मजबूती से खड़े रहें।

अवैध कब्जे और फर्जी नियुक्तियों का आरोप

अजाक्स का आरोप है कि संतोष वर्मा और आईएएस कंसोटिया संगठन पर अवैध कब्जा बनाए रखने के लिए फर्जी नियुक्तियां कर रहे हैं। इससे अजाक्स को दो हिस्सों में बांटने की कोशिश हो रही है।

पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग

महासचिव ने कहा कि असिस्टेंट रजिस्ट्रार और संस्थाओं को पत्र लिखा जाए। पत्र में संतोष वर्मा और आईएएस कंसोटिया के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग की जाए। इससे अजाक्स कार्यालय पर कथित अवैध कब्जा हटाया जा सके।

सामाजिक सौहार्द पर खतरे की चेतावनी

अजाक्स ने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने समय पर हस्तक्षेप नहीं किया, तो प्रशासनिक प्रभाव का दुरुपयोग हो सकता है। इससे निजी स्वार्थ साधने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की जा सकती है।

संतोष वर्मा (आईएएस) का पक्ष

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए आईएएस संतोष वर्मा ने कहा, आप मुकेश मौर्य वाले संगठन की बात कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि उनके पास कुल पांच लोग हैं। "वे कौन होते हैं कुछ कहने वाले? संतोष वर्मा ने कहा, मैं कोई नहीं हूं। यह अधिकारी-कर्मचारी ही तय करेंगे। उन्होंने यह भी कहा, वैसे पेन छोड़ने की मेरी आदत है।"

आईएएस जेएन कंसोटिया से संपर्क नहीं
इस खबर पर आईएएस जेएन कंसोटिया से संपर्क किया गया। उन्होंने मोबाइल कॉल रिसीव नहीं की। इस कारण उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।





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