स्कूल में देखा सपना पहले ही प्रयास में पूरा किया, आईएएस काजोल सिंह ने UPSC में हासिल की 149वीं रैंक
आईएएस काजोल सिंह आज उन युवाओं के लिए मिसाल हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। काजोल ने महज 23 साल की उम्र में अपने पहले ही प्रयास में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास कर 149वीं रैंक हासिल की। उन्होंने यह साबित कर दिया कि सही रणनीति, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
अलग-अलग शहरों में हुई पढ़ाई
काजोल के पिता अनिल कुमार, लखनऊ में एडिशनल फूड कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी नौकरी ट्रांसफर होने के कारण काजोल की स्कूली शिक्षा कई शहरों में हुई।उन्होंने शुरुआती पढ़ाई नैनीताल से की। उसके बाद लखनऊ के सिटी मॉन्टेसरी स्कूल में एडमिशन लिया और वहां से 12वीं पूरी की।
दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस कॉलेज से जियोग्राफी ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उन्होंने जेएनयू, दिल्ली से भूगोल में एमए की पढ़ाई शुरू की।
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परिवार का मजबूत सहारा
काजोल के परिवार ने हर कदम पर उनका साथ दिया। उनकी मां किरण देवी गृहिणी हैं, जबकि छोटा भाई वरुण कुमार इंग्लैंड में पढ़ाई कर रहा है। परिवार के समर्थन और सकारात्मक माहौल ने काजोल को मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखा।
9वीं- 10वीं में ही तय कर लिया था लक्ष्य
काजोल सिंह के मन में आईएएस बनने का सपना बहुत जल्दी जन्म ले चुका था। वे बताती हैं कि 9वीं- 10वीं कक्षा में ही उन्होंने तय कर लिया था कि उन्हें सिविल सेवा में जाना है। यही वजह रही कि उन्होंने अपनी पढ़ाई को शुरू से ही एक स्पष्ट दिशा में आगे बढ़ाया। उनके लिए यूपीएससी सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि जीवन का एकमात्र लक्ष्य था। जिसके लिए उन्होंने कोई ‘प्लान-बी’ नहीं रखा।
इंटरनेट बना सबसे बड़ा सहारा
काजोल ने तैयारी के दौरान ऑनलाइन स्टडी मटेरियल और इंटरनेट संसाधनों का भरपूर इस्तेमाल किया। वे मानती हैं कि आज के दौर में छोटे जिलों के छात्र भी डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बेहतर तैयारी कर सकते हैं। काजोल रोज 7- 8 घंटे अनुशासन के साथ पढ़ाई करती थीं। एमए की पढ़ाई के साथ सिविल सर्विस यूपीएससी की तैयारी आसान नहीं थी, लेकिन समय प्रबंधन और निरंतर अभ्यास ने उन्हें मजबूती दी।
पहले भी कर चुकी हैं प्रतियोगी परीक्षाएं पास
UPSC से पहले काजोल 2021 में उत्तर प्रदेश पीसीएस परीक्षा भी क्वालिफाई कर चुकी थीं, जिसमें उन्हें जिला समाज कल्याण अधिकारी का पद मिला था। हालांकि उनकी असली मंजिल IAS थी और उन्होंने उसी दिशा में पूरा फोकस बनाए रखा।
UPSC कैंडिडेट्स के लिए टिप्स
आईएएस काजोल सिंह का मानना है कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। विषय पर पकड़ और निरंतर अभ्यास से प्रतियोगी परीक्षाएं कठिन नहीं रह जातीं।
वे सलाह देती हैं कि परीक्षा को लेकर अत्यधिक तनाव लेने के बजाय खुले मन से आत्मविश्वास के साथ तैयारी करें। लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास ईमानदार हों, तो सफलता जरूर मिलती है।
निबंध के पेपर में अच्छा स्कोर कर सकते हैं। इसके लिए वो न्यूज़पेपर्स, योजना और कुरुक्षेत्र जैसी मैगजीन ले सकते हैं।
आईएएस काजोल सिंह की सफलता यह साबित करती है कि शहर या संसाधन कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकते। अगर इरादा मजबूत हो तो पहली कोशिश में भी इतिहास रचा जा सकता है।
करियर एक नजर
- नाम: आईएएस काजोल सिंह
- जन्म: 23/10/1997
- जन्मस्थान: राजापुर, उत्तरप्रदेश
- एजुकेशन: एमए
- बैच: 2023
- कैडर: मध्य प्रदेश
पदस्थापना
आईएएस काजोल सिंह वर्तमान में सहायक कलेक्टर, छतरपुर के पद पर कार्यरत हैं।
FAQ
- आईएएस काजोल सिंह ने यूपीएससी किस प्रयास में पास की?
काजोल सिंह ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा अपने पहले ही प्रयास में पास की थी। - UPSC में आईएएस काजोल सिंह की ऑल इंडिया रैंक क्या रही?
उन्होंने वर्ष 2023 में ऑल इंडिया रैंक 149 हासिल की। - काजोल सिंह की शैक्षणिक पृष्ठभूमि क्या है?
उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस से जियोग्राफी ऑनर्स किया और इसके बाद जेएनयू से भूगोल में एमए की पढ़ाई की।
(प्रोफाइल 374- 2 मार्च 2026 तक अपडेट)