एक्टर इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस क्यों? OCI कार्ड पर सरकार के क्या अधिकार, कब कर सकती इसे रद्द?
Saurabh Mishra | Oct 16, 2026, 20:02 IST
एक्टर इमरान खान
मुंबई में 10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल हुए एक्टर इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस मिला है। इमरान अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास OCI कार्ड है। ऐसे में सवाल उठता है कि OCI कार्ड क्या होता है, और सरकार किन परिस्थितियों में किसी OCI कार्ड होल्डर को भारत छोड़ने का आदेश दे सकती है?
बॉलीवुड एक्टर इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने के लिए कहा गया है। उन्हें यह नोटिस मुंबई में 10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद मिला है। इमरान अमेरिका के नागरिक हैं और उनके पास भारत का OCI (Overseas Citizens of India) कार्ड भी है।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या OCI कार्ड होल्डर भारत में विरोध प्रदर्शन नहीं कर सकता? सरकार उसे अचानक देश छोड़ने को कैसे कह सकती? और क्या कोर्ट इस आदेश पर रोक लगा सकती ?
इन बातों को जानने से पहले ये समझ लेते हैं कि एक्टर इमरान खान को लेकर पूरा विवाद क्या है? क्यों उन्हें 28 अक्तूबर तक देश छोड़ने को कहा गया और किस कानून के तहत उन्हें नोटिस जारी हुआ।
मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में बीते 10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन हुआ था। एक्टर इमरान खान भी इसमें शामिल हुए थे। पुलिस ने दूसरे प्रदर्शनकारियों के साथ उन्हें भी हिरासत में लिया था।
इसके बाद भाजपा नेता किरीट सोमैया ने पुलिस से शिकायत की थी। उनका आरोप था कि इमरान अमेरिकी नागरिक हैं। इसलिए राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल होकर उन्होंने विदेशी नागरिकों से जुड़े नियम तोड़े। शिकायत मुंबई के गामदेवी पुलिस स्टेशन पहुंची। वहां से मामला फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस यानी FRRO को भेजा गया।
FRRO ने इमरान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस जारी कर दिया। इसमें इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। हालांकि, सिर्फ प्रदर्शन में शामिल होने से कौन-सा नियम टूटा, यह सवाल अभी विवाद का हिस्सा है।
OCI का पूरा नाम ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया है। भारत सरकार ने यह व्यवस्था 2005 में शुरू की थी। इसे ऐसे विदेशी नागरिकों के लिए बनाया गया है, जिनका भारत से पारिवारिक या पुश्तैनी रिश्ता है। पात्रता के लिए नागरिकता कानून में तय शर्तें पूरी करनी होती हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि ओसीआई कार्ड भारतीय नागरिकता नहीं है। मसलन, कोई व्यक्ति अमेरिकी नागरिक है और उसके पास OCI कार्ड है तो उसका पासपोर्ट अमेरिकी ही रहेगा।
भारत उसे कुछ खास सुविधाएं देगा लेकिन वह भारतीय नागरिक नहीं बन जाएगा। भारत दोहरी नागरिकता की अनुमति भी नहीं देता। इमरान खान के मामले में यही फर्क अहम है।
OCI कार्ड होने का सबसे बड़ा फायदा भारत आने-जाने और यहां रहने में मिलता। कार्ड होल्डर को आजीवन कई बार भारत आने का वीजा मिलता। उसे सामान्य तौर पर लंबे समय तक रहने पर फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (Foreigners Regional Registration Office) में रजिस्ट्रेशन भी नहीं कराना पड़ता। कुछ शर्तों के साथ पढ़ाई, नौकरी, पेशेवर काम और संपत्ति खरीदने की सुविधाएं भी मिलती हैं। हालांकि, खेती की जमीन और फार्महाउस जैसी संपत्तियों पर पाबंदियां हैं।
OCI कार्ड होल्डर भारत में वोट नहीं डाल सकता। वह लोकसभा या विधानसभा चुनाव भी नहीं लड़ सकता। राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पदों पर भी नहीं पहुंच सकता। यानी भारत में लंबे समय तक रहने की सुविधा और भारतीय नागरिक के राजनीतिक अधिकार अलग-अलग बातें हैं।
एक्टर इमरान खान के मामले में सबसे बड़ा कानूनी सवाल यही है। भारत के संविधान का आर्टिकल 19 नागरिकों को बोलने और शांतिपूर्ण सभा करने की आजादी देता है। यह अधिकार खास तौर पर भारतीय नागरिकों के लिए है। दूसरी ओर, 2021 में जारी OCI नियमों में रिसर्च, पत्रकारिता, धार्मिक प्रचार से जुड़ी कुछ गतिविधियों और प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने के लिए विशेष अनुमति जरूरी बताई गई है लेकिन इन नियमों में राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल होने पर साफ तौर पर अलग से रोक नहीं लिखी गई।
भारत में सितंबर 2025 से नया इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट लागू है, जिसने 1946 के पुराने कानून की जगह ली है। इस कानून के तहत OCI कार्ड रखने वाले लोग भी विदेशी नागरिक माने जाते हैं। हालांकि, कानून में ऐसा कहीं साफ नहीं लिखा है कि विदेशी नागरिक किसी राजनीतिक रैली, धरने या प्रदर्शन में हिस्सा नहीं ले सकते, लेकिन सरकार को उनकी गतिविधियों पर रोक लगाने और उन्हें भारत छोड़ने का आदेश देने का अधिकार है।
एक्टर इमरान खान को जारी नोटिस में इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 की धारा 7(2) (c) और धारा 29 का इस्तेमाल किया गया है। धारा 7(2)(c) के तहत सरकार किसी विदेशी नागरिक को भारत या देश के किसी खास इलाके में रहने से रोक सकती। वहीं, धारा 29 के तहत नियम तोड़ने या सुरक्षा से जुड़ी प्रतिकूल रिपोर्ट मिलने पर उसे देश से निकाला जा सकता।
सरकार विदेशी नागरिकों के कुछ लोगों से मिलने-जुलने और खास गतिविधियों में हिस्सा लेने पर भी रोक लगा सकती। सितंबर 2025 से FRRO अधिकारियों को भी ऐसी कार्रवाई करने का अधिकार मिला हुआ है। हालांकि, इससे पहले 2020 में कलकत्ता हाईकोर्ट ने CAA विरोधी रैली में शामिल हुए पोलैंड के एक छात्र को देश छोड़ने का नोटिस रद्द कर दिया था। कोर्ट ने तब कहा था कि सिर्फ राजनीतिक रैली में शामिल होने के आधार पर ऐसी कार्रवाई करना सही नहीं है। हालांकि, वह फैसला पुराने कानून के तहत दिया गया था।
हां, लेकिन भारत छोड़ने का नोटिस और OCI कार्ड रद्द करना दो अलग प्रक्रियाएं हैं। OCI रजिस्ट्रेशन रद्द करने के नियम नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 7D में हैं। अगर किसी ने झूठी जानकारी देकर कार्ड लिया हो, जरूरी तथ्य छिपाए हों, संविधान के प्रति असंतोष दिखाया हो या युद्ध के दौरान दुश्मन की मदद की हो तो कार्रवाई हो सकती।
गंभीर अपराधों में दोषसिद्धि और कुछ दूसरे कानूनी उल्लंघन भी रजिस्ट्रेशन रद्द करने का आधार बन सकते। सरकार देश की सुरक्षा, संप्रभुता, अखंडता, दूसरे देशों से रिश्तों या सार्वजनिक हित को लेकर भी OCI रद्द कर सकती, लेकिन इसके लिए संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का उचित मौका देना जरूरी। इमरान खान को फिलहाल भारत छोड़ने का नोटिस मिला है। उनका OCI कार्ड रद्द किए जाने की पुष्टि नहीं है। यहां ये समझना भी जरूरी है कि सिटीजनशिप एक्ट क्या है और भारत की नागरिकता कैसे मिलती है।
भारत में नागरिकता से जुड़े नियम मुख्य रूप से नागरिकता अधिनियम, 1955 यानी Citizenship Act में दिए गए हैं। इस कानून में नागरिकता हासिल करने, छोड़ने और कुछ परिस्थितियों में समाप्त होने की व्यवस्था है। भारत सरकार का नागरिकता पोर्टल नागरिकता हासिल करने के चार सामान्य तरीके बताता है। इन्हें अलग-अलग समझते हैं।
इमरान खान का मामला अपनी तरह का पहला विवाद नहीं है। इससे पहले भी OCI कार्ड होल्डर से जुड़े ऐसे विवाद सामने आ चुके हैं। आइए उनके बारे में जानते हैं।
आतिश तासीर: लेखक आतिश तासीर का OCI कार्ड 2019 में रद्द हुआ था। तब सरकार ने कहा था कि उन्होंने अपने पिता की पाकिस्तानी नागरिकता की जानकारी छिपाई थी। तासीर ने आरोप से इनकार किया था और कार्रवाई को अपने काम से जोड़ा था।
अशोक स्वैन: स्वीडन में रहने वाले शिक्षाविद अशोक स्वैन का OCI रद्द किया गया था। सरकार ने उनके आर्टिकल और सोशल मीडिया पोस्ट पर आपत्ति जताई थी। मार्च 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश रद्द कर दिया था, क्योंकि उन्हें आरोपों से जुड़ी सामग्री देकर जवाब का उचित मौका नहीं मिला था।
क्रिस्टो थॉमस फिलिप: अमेरिकी नागरिक फिलिप पर धार्मिक प्रचार से जुड़ी गतिविधियों के आरोप लगे थे। उनका भी OCI रद्द हुआ था, लेकिन 2019 में दिल्ली हाईकोर्ट ने कार्रवाई का पर्याप्त कानूनी आधार नहीं पाया और कार्ड बहाल करने का आदेश दिया था।
खालिद जहांगीर काजी: उन पर भारत विरोधी गतिविधियों के आरोप लगे थे। उनका OCI रद्द हुआ और उन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया गया था। नवंबर 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट ने अस्पष्ट आरोपों के आधार पर हुई कार्रवाई रद्द कर दी थी।
इमरान के पास पहला विकल्प FRRO या केंद्र सरकार से नोटिस वापस लेने या उस पर दोबारा विचार करने की मांग करना है। दूसरा रास्ता बॉम्बे हाईकोर्ट जाना है। संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत वह नोटिस की वैधता को चुनौती दे सकते। वह कोर्ट से अंतरिम राहत भी मांग सकते, ताकि मामले की सुनवाई होने तक उन्हें भारत न छोड़ना पड़े। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके वकील नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे।
फिलहाल नोटिस में एक्टर इमरान खान को 28 अक्टूबर की समय सीमा दी गई है। अगर FRRO आदेश वापस लेता है या उसमें बदलाव करता है तो स्थिति बदल सकती। इसी तरह कोर्ट नोटिस पर रोक लगा दे तो इमरान को कानूनी राहत मिल सकती, लेकिन केवल अदालत में याचिका दाखिल करने से आदेश अपने आप नहीं रुकता। इसके लिए अदालत से स्पष्ट राहत मिलना जरूरी। यही इस पूरे विवाद का सबसे अहम पहलू है।
OCI कार्ड भारत में रहने की बड़ी सुविधा देता है, लेकिन विदेशी नागरिक को भारत में रहने का बिना शर्त अधिकार नहीं देता। दूसरी ओर, सरकार की कार्रवाई भी कानून और न्यायिक जांच के दायरे में आती है। अब इमरान खान के मामले में आगे क्या होगा, यह FRRO के फैसले और अदालत की संभावित सुनवाई पर निर्भर करेगा।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या OCI कार्ड होल्डर भारत में विरोध प्रदर्शन नहीं कर सकता? सरकार उसे अचानक देश छोड़ने को कैसे कह सकती? और क्या कोर्ट इस आदेश पर रोक लगा सकती ?
इन बातों को जानने से पहले ये समझ लेते हैं कि एक्टर इमरान खान को लेकर पूरा विवाद क्या है? क्यों उन्हें 28 अक्तूबर तक देश छोड़ने को कहा गया और किस कानून के तहत उन्हें नोटिस जारी हुआ।
एक्टर इमरान खान से जुड़ा विवाद क्या है?
इसके बाद भाजपा नेता किरीट सोमैया ने पुलिस से शिकायत की थी। उनका आरोप था कि इमरान अमेरिकी नागरिक हैं। इसलिए राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल होकर उन्होंने विदेशी नागरिकों से जुड़े नियम तोड़े। शिकायत मुंबई के गामदेवी पुलिस स्टेशन पहुंची। वहां से मामला फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस यानी FRRO को भेजा गया।
FRRO ने इमरान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस जारी कर दिया। इसमें इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। हालांकि, सिर्फ प्रदर्शन में शामिल होने से कौन-सा नियम टूटा, यह सवाल अभी विवाद का हिस्सा है।
OCI कार्ड क्या और किसे मिलता है?
भारत उसे कुछ खास सुविधाएं देगा लेकिन वह भारतीय नागरिक नहीं बन जाएगा। भारत दोहरी नागरिकता की अनुमति भी नहीं देता। इमरान खान के मामले में यही फर्क अहम है।
OCI कार्ड होल्डर को कौन-कौन से अधिकार मिलते हैं ?
OCI कार्ड होल्डर भारत में वोट नहीं डाल सकता। वह लोकसभा या विधानसभा चुनाव भी नहीं लड़ सकता। राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पदों पर भी नहीं पहुंच सकता। यानी भारत में लंबे समय तक रहने की सुविधा और भारतीय नागरिक के राजनीतिक अधिकार अलग-अलग बातें हैं।
क्या प्रदर्शन में शामिल होने पर OCI को देश छोड़ने को कहा जा सकता ?
भारत में सितंबर 2025 से नया इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट लागू है, जिसने 1946 के पुराने कानून की जगह ली है। इस कानून के तहत OCI कार्ड रखने वाले लोग भी विदेशी नागरिक माने जाते हैं। हालांकि, कानून में ऐसा कहीं साफ नहीं लिखा है कि विदेशी नागरिक किसी राजनीतिक रैली, धरने या प्रदर्शन में हिस्सा नहीं ले सकते, लेकिन सरकार को उनकी गतिविधियों पर रोक लगाने और उन्हें भारत छोड़ने का आदेश देने का अधिकार है।
किस कानून के तहत इमरान खान को भारत छोड़ने को कहा गया?
सरकार विदेशी नागरिकों के कुछ लोगों से मिलने-जुलने और खास गतिविधियों में हिस्सा लेने पर भी रोक लगा सकती। सितंबर 2025 से FRRO अधिकारियों को भी ऐसी कार्रवाई करने का अधिकार मिला हुआ है। हालांकि, इससे पहले 2020 में कलकत्ता हाईकोर्ट ने CAA विरोधी रैली में शामिल हुए पोलैंड के एक छात्र को देश छोड़ने का नोटिस रद्द कर दिया था। कोर्ट ने तब कहा था कि सिर्फ राजनीतिक रैली में शामिल होने के आधार पर ऐसी कार्रवाई करना सही नहीं है। हालांकि, वह फैसला पुराने कानून के तहत दिया गया था।
क्या सरकार OCI कार्ड भी रद्द कर सकती ?
गंभीर अपराधों में दोषसिद्धि और कुछ दूसरे कानूनी उल्लंघन भी रजिस्ट्रेशन रद्द करने का आधार बन सकते। सरकार देश की सुरक्षा, संप्रभुता, अखंडता, दूसरे देशों से रिश्तों या सार्वजनिक हित को लेकर भी OCI रद्द कर सकती, लेकिन इसके लिए संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का उचित मौका देना जरूरी। इमरान खान को फिलहाल भारत छोड़ने का नोटिस मिला है। उनका OCI कार्ड रद्द किए जाने की पुष्टि नहीं है। यहां ये समझना भी जरूरी है कि सिटीजनशिप एक्ट क्या है और भारत की नागरिकता कैसे मिलती है।
भारत की नागरिकता कैसे मिलती है?
- जन्म के आधार पर नागरिकता: भारत में जन्म लेने वाले व्यक्ति को उसकी जन्मतिथि और माता-पिता की नागरिकता के आधार पर नागरिकता मिल सकती। 1 जुलाई 1987 से पहले भारत में जन्म लेने वालों के लिए नियम अलग थे। इसके बाद माता-पिता में कम से कम एक का भारतीय होना जरूरी हुआ। 3 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे बच्चों के लिए शर्तें और सख्त हुईं। माता-पिता दोनों भारतीय हों या एक भारतीय हो और दूसरा अवैध प्रवासी न हो। इसलिए अब सिर्फ भारत में जन्म लेना हर मामले में नागरिकता की गारंटी नहीं।
- वंश के आधार पर नागरिकता: अगर बच्चे का जन्म विदेश में हुआ है, लेकिन उसके माता-पिता भारतीय हैं, तो वह निर्धारित शर्तों पर भारतीय नागरिकता पा सकता।इसमें जन्म की तारीख, माता-पिता की नागरिकता और भारतीय दूतावास में जन्म का रजिस्ट्रेशन जैसे नियम लागू होते हैं।
- रजिस्ट्रेशन के जरिए नागरिकता: भारतीय मूल के कुछ विदेशी नागरिक, भारतीय नागरिकों के विदेशी जीवनसाथी और कुछ अन्य पात्र लोग रजिस्ट्रेशन के जरिए नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते। इसके लिए भारत में रहने की तय अवधि और दूसरी कानूनी शर्तें पूरी करनी होती। पात्र OCI कार्डधारकों के लिए भी नागरिकता पाने का रास्ता है। कानून के तहत पांच साल OCI रहने और आवेदन से पहले निर्धारित अवधि तक भारत में निवास जैसी शर्तें लागू होती हैं।
- नैचुरलाइजेशन के जरिए नागरिकता: इसे आसान भाषा में लंबे समय तक भारत में रहने के बाद नागरिकता हासिल करना कह सकते हैं। सामान्य नियमों में आवेदन से ठीक पहले 12 महीने और उससे पहले के 14 सालों में कुल 11 साल के निवास या सरकारी सेवा जैसी शर्तें हैं। आवेदक को अन्य कानूनी शर्तें भी पूरी करनी होती हैं। सरकार कुछ विशेष परिस्थितियों में निवास की शर्तों में छूट दे सकती।
OCI कार्ड से जुड़े पहले भी विवाद हो चुके
आतिश तासीर: लेखक आतिश तासीर का OCI कार्ड 2019 में रद्द हुआ था। तब सरकार ने कहा था कि उन्होंने अपने पिता की पाकिस्तानी नागरिकता की जानकारी छिपाई थी। तासीर ने आरोप से इनकार किया था और कार्रवाई को अपने काम से जोड़ा था।
अशोक स्वैन: स्वीडन में रहने वाले शिक्षाविद अशोक स्वैन का OCI रद्द किया गया था। सरकार ने उनके आर्टिकल और सोशल मीडिया पोस्ट पर आपत्ति जताई थी। मार्च 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश रद्द कर दिया था, क्योंकि उन्हें आरोपों से जुड़ी सामग्री देकर जवाब का उचित मौका नहीं मिला था।
क्रिस्टो थॉमस फिलिप: अमेरिकी नागरिक फिलिप पर धार्मिक प्रचार से जुड़ी गतिविधियों के आरोप लगे थे। उनका भी OCI रद्द हुआ था, लेकिन 2019 में दिल्ली हाईकोर्ट ने कार्रवाई का पर्याप्त कानूनी आधार नहीं पाया और कार्ड बहाल करने का आदेश दिया था।
खालिद जहांगीर काजी: उन पर भारत विरोधी गतिविधियों के आरोप लगे थे। उनका OCI रद्द हुआ और उन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया गया था। नवंबर 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट ने अस्पष्ट आरोपों के आधार पर हुई कार्रवाई रद्द कर दी थी।
अब एक्टर इमरान खान के पास क्या विकल्प हैं?
क्या 28 अक्टूबर तक इमरान खान को भारत छोड़ना ही होगा?
OCI कार्ड भारत में रहने की बड़ी सुविधा देता है, लेकिन विदेशी नागरिक को भारत में रहने का बिना शर्त अधिकार नहीं देता। दूसरी ओर, सरकार की कार्रवाई भी कानून और न्यायिक जांच के दायरे में आती है। अब इमरान खान के मामले में आगे क्या होगा, यह FRRO के फैसले और अदालत की संभावित सुनवाई पर निर्भर करेगा।
FAQs
- FRRO नोटिस में एक्टर इमरान खान को क्या कहा गया है?
नोटिस में उन्हें 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने को कहा गया है। पुलिस के मुताबिक नोटिस उन्हें अमेरिका का निवासी बताता है। उसमें कानून के उल्लंघन की बात है। - क्या OCI कार्ड होल्डर राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल हो सकता?
मार्च 2021 के नियमों में OCI कार्डधारकों के प्रदर्शन में शामिल होने पर सीधी रोक नहीं है। हालांकि, वे विदेशी नागरिक हैं और अनुच्छेद 19 के अधिकार उन्हें नहीं मिलते। वहीं, 2025 का इमिग्रेशन कानून सरकार को उनके भारत में रहने पर रोक लगाने और देश छोड़ने का आदेश देने का अधिकार देता है। - इमरान खान के पास अब क्या कानूनी रास्ता है?
इमरान खान नोटिस वापस लेने के लिए FRRO या केंद्र सरकार से अपील कर सकते। वे संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट में भी इस आदेश को चुनौती दे सकते हैं। उनके हाईकोर्ट जाने की जानकारी सामने आई है।
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