1 जून का इतिहास: World Milk Day, जानें दूध उत्पादन में भारत क्यों है दुनिया में नंबर 1
World Milk Day: हमारी घरों में सुबह की शुरुआत भले ही चाय की चुस्की या बच्चों के दूध के गिलास से होती हो। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह सफेद अमृत आज वैश्विक अर्थव्यवस्था और पोषण का सबसे बड़ा आधार बन चुका है? संयुक्त राष्ट्र द्वारा शुरू किए गए इस खास दिन का मकसद दुनिया को दूध के फायदों के प्रति जागरूक करना है।
इस बार का यह उत्सव इसलिए भी खास है क्योंकि भारत ने दूध उत्पादन में अपना पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए पूरी दुनिया में पहला स्थान बरकरार रखा है। आइए, इस खास मौके पर जानते हैं दूध का दिलचस्प इतिहास, इसके फायदे और भारत की इस श्वेत क्रांति की पूरी कहानी।
विश्व दुग्ध दिवस का इतिहास क्या है
इस खास दिन को मनाने की शुरुआत साल 2001 में हुई थी। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन ने इसे शुरू किया था। तब से हर साल इसे धूमधाम से मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को पोषण के प्रति जागरूक करना है।
दूध को हमारे समाज में संपूर्ण आहार का दर्जा मिला हुआ है। यह हमारे शरीर के विकास के लिए बहुत जरूरी है। शुरुआत में बहुत कम देश इस अभियान से जुड़े थे। लेकिन आज करीब पूरी दुनिया इस उत्सव को मनाती है। इसके जरिए डेयरी सेक्टर को भी बढ़ावा दिया जाता है।
दुनिया में सबसे ज्यादा दूध का प्रोडक्शन कौन सा देश करता है
जब बात दूध प्रोडक्शन की आती है, तो भारत का नाम सबसे ऊपर चमकता है। हमारा भारत देश आज पूरी दुनिया में नंबर वन है। यह हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। वैश्विक स्तर पर कुल दूध उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है।
दुनिया का लगभग 24 प्रतिशत दूध अकेले भारत में पैदा होता है। यह आंकड़ा वाकई में हैरान करने वाला है। भारत के बाद इस सूची में अमेरिका का नाम आता है। अमेरिका दूसरे स्थान पर और चीन तीसरे स्थान पर मौजूद है। पाकिस्तान भी इस लिस्ट में चौथे नंबर पर आता है।
भारत में कौन सा राज्य दूध उत्पादन में सबसे आगे है
अब बात करते हैं अपने देश के भीतर की। भारत के राज्यों में भी दूध उत्पादन को लेकर एक स्वस्थ प्रतियोगिता चलती है।
- इसमें उत्तर प्रदेश राज्य सबसे आगे चल रहा है। उत्तर प्रदेश देश के कुल उत्पादन में सबसे बड़ा योगदान देता है।
- इसके बाद दूसरे नंबर पर वीर भूमि राजस्थान का नाम आता है।
- तीसरे नंबर पर मध्य प्रदेश अपनी जगह बनाए हुए है।
- गुजरात और आंध्र प्रदेश भी इस मामले में बहुत आगे हैं।
- इन राज्यों के लाखों किसान डेयरी उद्योग से अपनी आजीविका चलाते हैं। वे देश की सेहत सुधारने में जुटे हैं।
इंसान किन-किन जीवों का दूध पी सकता है
प्रकृति ने हमें दूध के रूप में एक अनमोल वरदान दिया है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में इंसान कई जीवों का दूध पीता है। चलिए इनके बारे में थोड़ी चर्चा करते हैं। सबसे ज्यादा गाय और भैंस का दूध पसंद किया जाता है।
भारतीय घरों में इनका दूध बहुत ही चाव से पिया जाता है। यह आसानी से पच भी जाता है और सुलभ है। इसके अलावा लोग बकरी का दूध भी बहुत पसंद करते हैं। ऊंटनी का दूध भी कुछ खास इलाकों में पिया जाता है। पहाड़ी क्षेत्रों में याक और भेड़ का दूध इस्तेमाल होता है।
दूध पीने से सेहत को क्या-क्या फायदे मिलते हैं
दूध को पोषक तत्वों का खजाना माना जाता है। इसमें प्रचुर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है। कैल्शियम हमारी हड्डियों और दांतों को बहुत मजबूत बनाता है। दूध में बेहतरीन क्वालिटी का प्रोटीन भी मौजूद होता है।
यह प्रोटीन हमारे शरीर की मांसपेशियों को विकसित करता है। यह हमें दिनभर काम करने की ऊर्जा भी देता है।इसके सेवन से शरीर को विटामिन-डी और बी-12 भी मिलता है। यह हमारे दिमाग और नर्वस सिस्टम को दुरुस्त रखता है। रोज एक गिलास दूध पीना लंबी उम्र की चाबी है।
दूध से जुड़े कुछ मजेदार मुहावरे
हमारे बुजुर्गों ने दूध को लेकर कई मजेदार मुहावरे बनाए हैं। बच्चों को समझाने के लिए अक्सर इनका इस्तेमाल किया जाता है। आइए आज इनमें से कुछ मुहावरों को याद करते हैं। जैसे हम कहते हैं, "दूध का दूध और पानी का पानी होना।" इसका सीधा सा अर्थ होता है कि पूरी तरह से सही न्याय होना। सच और झूठ का बिल्कुल साफ पता चल जाना।
एक और बहुत ही प्रसिद्ध मुहावरा है, "दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है।" इसका मतलब है कि एक बार धोखा खाने के बाद इंसान बहुत सावधान हो जाता है।
एक मुहावरा बच्चों के लिए अक्सर बोला जाता है, "छठी का दूध याद आना।" जब कोई बहुत कठिन काम सामने आता है, तब लोग इस बात का इस्तेमाल करते हैं। इसका अर्थ बहुत भारी मुसीबत में पड़ना है।
हमें कब और कैसे दूध पीना चाहिए
आयुर्वेद के अनुसार दूध पीने का सबसे सही समय रात का होता है। रात को गुनगुना दूध पीने से नींद बहुत अच्छी आती है। यह शरीर की थकान को भी मिटा देता है।
सुबह के समय दूध पीना भी सेहत के लिए अच्छा होता है। लेकिन जिन लोगों का पाचन तंत्र कमजोर है, उन्हें सुबह इससे बचना चाहिए। वे दोपहर या शाम को इसे ले सकते हैं।
दूध में कभी भी नमक वाली चीजें मिलाकर नहीं खानी चाहिए। ऐसा करने से त्वचा से जुड़ी बीमारियां होने का खतरा रहता है। दूध को हमेशा सादा या हल्दी के साथ लें।
आज इस विश्व दुग्ध दिवस पर हमें एक संकल्प लेना चाहिए। हम खुद भी रोज दूध पिएंगे और बच्चों को भी देंगे। सेहतमंद भारत से ही एक मजबूत भविष्य का निर्माण होगा।
1 जून की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 01 जून का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 01 जून (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व और भारत इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1992: भारत और इजरायल के बीच ऐतिहासिक हवाई समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
- 1999: मध्य चीन के ह्यूबी प्रान्त में 770-256 ईसा पूर्व की 300 प्राचीन कब्रों की खोज हुई।
- 1999: अमेरिका की हवाई यूनिवर्सिटी में वैज्ञानिकों ने पहली बार एक नर चूहे का प्रतिरूप (Clone) विकसित किया।
- 2001: नेपाल के शाही परिवार में राजा वीरेन्द्र विक्रम शाह और उनकी पत्नी सहित पूरे परिवार की नृशंस हत्या कर दी गई, जिसके बाद ज्ञानेन्द्र कार्यवाहक राजा बने।
- 2001: दक्षिण अफ्रीका का प्रसिद्ध 'सत्य मित्र आयोग' समाप्त हुआ।
- 2004: इराकी प्रशासकीय परिषद के प्रमुख और सुन्नी नेता 'गाजी मशाल अजीज अल यावर' इराक के नए राष्ट्रपति बने।
- 2005: प्रसिद्ध पर्वतारोही अप्पा शेरपा ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर 15वीं बार सफल चढ़ाई की।
- 2006: चीन के दक्षिण पूर्वी जियांग्शी प्रान्त के शांगीपन गांव में आदि मानव के प्राचीन पदचिह्न मिले।
- 2006: ईरान ने परमाणु शोध कार्यक्रम रोकने की अमेरिकी शर्त को ठुकराते हुए कहा कि वह बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन परमाणु कार्यक्रम बंद नहीं करेगा।
- 2006: ब्रिटेन के शिक्षाविदों ने इजरायली विश्वविद्यालयों का पूर्ण बहिष्कार करने का बड़ा निर्णय लिया।
- 2008: भारत की राजधानी नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी सम्मेलन का सफल समापन हुआ।
- 2008: अमेरिकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बराक ओबामा ने शिकागो के 'ट्रीनिटी यूनाइटेड चर्च' की सदस्यता से इस्तीफा दिया।
- 2010: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश के. जी. बालकृष्णन राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पहले दलित अध्यक्ष नियुक्त किए गए।
- 2010: गुजरात हाईकोर्ट ने वर्ष 2002 के अक्षरधाम मंदिर आतंकी हमले में तीन आरोपियों को फांसी और अन्य को सजा देने के निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा।
- 1927: भारत के 20वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) एस. मुखर्जी का जन्म हुआ था।
- 1929: भारतीय सिनेमा की दिग्गज और बेहद खूबसूरत अभिनेत्री नर्गिस दत्त का जन्म हुआ था।
- 1938: समकालीन हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध कवि और लेखक बलदेव वंशी का जन्म हुआ था।
- 1939: भारत के 34वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) एस. राजेन्द्र बाबू का जन्म हुआ था।
- 1945: भारत-पाकिस्तान युद्ध (1971) में अदम्य साहस दिखाने वाले 'महावीर चक्र' सम्मानित नौसेना नाविक चिमन सिंह यादव का जन्म हुआ।
- 1955: भारतीय जनता पार्टी के दिवंगत राजनेता और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश अंगदी का जन्म हुआ था।
- 1958: भारत के महान और प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ियों में से एक अशोक कुमार का जन्म हुआ था।
- 1967: भारतीय जनता पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री भगवंत खुबा का जन्म हुआ था।
- 1969: आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध राजनेता कुरुवा गोरान्तला माधव का जन्म हुआ था।
- 1972: भारतीय राजनीतिज्ञ और देश के प्रमुख कैबिनेट मंत्रियों में से एक मनसुख मंडाविया का जन्म हुआ था।
- 1975: ओलंपिक में पदक (कांस्य) जीतने वाली भारत की पहली महिला भारोत्तोलक (Weightlifter) कर्णम मल्लेश्वरी का जन्म हुआ था।
- 1991: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की शानदार स्पिन गेंदबाज राजेश्वरी गायकवाड़ का जन्म हुआ था।
- 1969: ब्रिटिश काल में पंजाब और उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल रहे विलियम मैल्कम हेली का निधन हुआ था।
- 1987: भारतीय सिनेमा के मशहूर फिल्म निर्देशक, पटकथा लेखक और उर्दू लेखक ख़्वाजा अहमद अब्बास का निधन हुआ।
- 1996: भारत के छठे राष्ट्रपति और प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी नीलम संजीव रेड्डी का निधन हुआ था।
- 2001: नेपाल के राजा और दक्षिण एशियाई देशों के प्रमुख नेता वीरेन्द्र वीर विक्रम शाह का राजशाही हत्याकांड में निधन हुआ।
- 2010: नेहरू स्मारक संग्रहालय के संस्थापक निदेशक और महात्मा गांधी पर कई प्रामाणिक पुस्तकें लिखने वाले इतिहासकार बाल राम नंदा का निधन हुआ।
- 2020: बॉलीवुड की मशहूर संगीतकार जोड़ी 'साजिद-वाजिद' के प्रसिद्ध संगीतकार वाजिद खान का असमय निधन हुआ था।
- विश्व दुग्ध दिवस
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