4 जुलाई का इतिहास: US Independence Day पर जानें कैसे पड़ा अमेरिकी राजधानी का नाम
US Independence Day: क्या आप जानते हैं कि अमेरिका का असली जन्मदिन कब है? आज दुनिया का सबसे ताकतवर देश माना जाने वाला अमेरिका भी कभी गुलाम था। हर साल 4 जुलाई को अमेरिका अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है। इस दिन को वहां Fourth of July भी कहा जाता है।
ये कहानी साल 1776 से शुरू होती है। उस समय अमेरिका में ब्रिटिश राजा का क्रूर शासन चलता था। ब्रिटेन ने अमेरिका के 13 राज्यों पर अपना कब्जा जमा रखा था। वहां के लोग ब्रिटिश सरकार के भारी टैक्स से बेहद परेशान थे।
फिर सभी राज्यों के लोगों ने मिलकर एक होने का फैसला किया। उन्होंने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ एक बहुत बड़ी क्रांति की शुरुआत की। इस आंदोलन का नेतृत्व कुछ महान विचारकों और वीर नेताओं ने मिलकर किया था।
थॉमस जेफरसन और आजादी का घोषणा पत्र
आजादी की इस लड़ाई में एक बड़ा मोड़ 1776 में आया। फिलाडेल्फिया शहर में 13 राज्यों के प्रतिनिधि एक साथ इकट्ठा हुए। उन्होंने मिलकर एक ऐतिहासिक डॉक्यूमेंट तैयार करने का फैसला किया। इस डॉक्यूमेंट को आजादी का घोषणा पत्र कहा जाता है।
इस घोषणा पत्र को लिखने का मेन काम थॉमस जेफरसन ने किया था। उन्होंने इसमें लिखा कि सभी इंसानों को भगवान ने बराबर बनाया है। सबको आजादी से जीने और खुश रहने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए।
4 जुलाई 1776 को इस घोषणा पत्र को पूरी मंजूरी मिल गई। इसी के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका यानी यूएसए का जन्म हुआ। लोग सड़कों पर उतरकर जश्न मनाने लगे। हर तरफ आजादी की खुशियां मनाई जाने लगीं।
पहले प्रेसिडेंट जॉर्ज वाशिंगटन की कहानी
अमेरिका को आजाद कराने में सबसे बड़ा हाथ जॉर्ज वाशिंगटन का था। वे अमेरिकी सेना के मेजर कमांडर थे। उन्होंने अपनी सूझबूझ से ब्रिटिश सेना को कई युद्धों में धूल चटाई। लोग उन्हें अपना सबसे बड़ा मसीहा मानने लगे थे।
जब देश आजाद हुआ तो संविधान बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई। साल 1789 में जॉर्ज वाशिंगटन को देश का पहला राष्ट्रपति चुना गया। उन्होंने देश को एक मजबूत डेमोक्रेटिक फ्रेमवर्क देने का काम किया।
वे इतने फेमस थे कि उनके नाम पर ही नई राजधानी बनाने का फैसला हुआ। देश के लोग उनके कंट्रीब्यूशन को कभी भूलना नहीं चाहते थे। इसलिए अमेरिका के दिल को उनका नाम दिया गया।
वाशिंगटन डीसी के नाम का असली सच
अमेरिका की राजधानी का पूरा नाम वाशिंगटन डीसी है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस नाम का मतलब क्या है। वाशिंगटन नाम तो पहले राष्ट्रपति के सम्मान में रखा गया था। इसके आगे लगे डीसी का मतलब डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया है।
इस नाम के पीछे एक महिला का बहुत बड़ा कॉन्टेक्स्ट छिपा हुआ है। इतिहास के मुताबिक ये नाम क्रिस्टोफर कोलंबस के नाम से प्रेरित है। कोलंबस ने ही साल 1492 में अमेरिकी महाद्वीप की खोज की थी।
कोलंबस के नाम को थोड़ा बदलकर कोलंबिया शब्द बनाया गया था। उस दौर में कवियों ने अमेरिका को देवी कोलंबिया का रूप माना था। कोलंबिया को एक वीर और रक्षक महिला के रूप में दिखाया जाता था।
देवी कोलंबिया और अमेरिकी इतिहास का संबंध
पुराने जमाने में कोलंबिया नाम की महिला छवि बहुत मशहूर थी। कला और साहित्य में उसे अमेरिका की रक्षक देवी माना जाता था। वह स्वतंत्रता और न्याय का प्रतीक बनकर उभरी थी।
जब नई राजधानी के लिए जमीन तय की गई तो विवाद शुरू हुआ। कोई राज्य राजधानी को अपने हिस्से में नहीं देखना चाहता था। तब सरकार ने एक अलग जिला बनाने का ऐतिहासिक फैसला लिया।
इस विशेष जिले का नाम डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया यानी डीसी रखा गया। इसमें जॉर्ज वाशिंगटन का नाम भी जोड़ दिया गया। इस तरह यह शहर वाशिंगटन डीसी के नाम से जाना गया।
पोटोमैक नदी के किनारे बसा एक सुंदर शहर
वाशिंगटन डीसी शहर को बहुत सोच-समझकर बसाया गया है। यह शहर पोटोमैक नदी के खूबसूरत किनारे पर स्थित है। जॉर्ज वाशिंगटन ने खुद इस जगह का चुनाव किया था। उन्होंने शहर का नक्शा बनाने के लिए फ्रांसीसी इंजीनियर की मदद ली थी।
इस शहर में राष्ट्रपति के रहने के लिए व्हाइट हाउस बनाया गया। लेकिन जॉर्ज वाशिंगटन कभी इस व्हाइट हाउस में नहीं रह पाए। उनके कार्यकाल के बाद यह पूरी तरह बनकर तैयार हुआ था।
आज यह शहर दुनिया की राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र है। यहां बड़े-बड़े ऐतिहासिक स्मारक और सरकारी इमारतें बनी हुई हैं। यह शहर अमेरिकी गौरव और उसकी ताकत का जीता-जागता प्रतीक है।
अमेरिका की आजादी से जुड़े कुछ रोचक तथ्य
क्या आपको पता है कि आजादी के समय अमेरिका कैसा दिखता था? साल 1776 में अमेरिका में केवल 13 राज्य शामिल थे। आज के समय में अमेरिका में कुल 50 राज्य मौजूद हैं। समय के साथ यह देश बहुत बड़ा और समृद्ध होता गया।
एक और अजीब इत्तेफाक अमेरिकी इतिहास में दर्ज है। आजादी का घोषणा पत्र तैयार करने वाले दो महान नेता थे। थॉमस जेफरसन और जॉन एडम्स दोनों ही अमेरिका के राष्ट्रपति बने।
इन दोनों नेताओं की मौत 4 जुलाई 1826 को हुई थी। यह अमेरिका की आजादी की ठीक 50वीं सालगिरह का दिन था। इतिहासकार आज भी इस घटना को एक बड़ा संयोग मानते हैं।
आज कैसे मनाया जाता है ये महान त्योहार
आज के समय में 4 जुलाई अमेरिका का सबसे बड़ा राष्ट्रीय त्योहार है। इस दिन पूरे देश में सरकारी छुट्टी रहती है। लोग अपने घरों को लाल, सफेद और नीले रंगों से सजाते हैं।
सुबह के समय हर छोटे-बड़े शहर में भव्य परेड निकाली जाती है। लोग अपने परिवार के साथ पिकनिक मनाने पार्कों में जाते हैं। बारबेक्यू और देशभक्ति के गीतों से पूरा माहौल गूंज उठता है।
रात के समय आसमान आतिशबाजी की रोशनी से नहा जाता है। न्यूयॉर्क और वाशिंगटन जैसे शहरों में लाखों लोग इसे देखने आते हैं। यह दिन अमेरिकियों को अपनी आजादी की कीमत याद दिलाता है।
इतिहास से सीखकर आगे बढ़ता हुआ अमेरिका
4 जुलाई 1776US Independence Day की उस घटना ने पूरी दुनिया को बदल दिया। अमेरिका की आजादी ने कई अन्य देशों को भी रास्ता दिखाया। फ्रांस की क्रांति भी इसी अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम से प्रेरित थी।
आज अमेरिका (America) दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। तकनीक से लेकर विज्ञान तक हर क्षेत्र में उसका दबदबा है। जॉर्ज वाशिंगटन और देवी कोलंबिया का नाम आज भी अमर है।
यह इतिहास हमें सिखाता है कि एकता में कितनी बड़ी ताकत होती है। 13 छोटे राज्यों ने मिलकर दुनिया के सबसे बड़े साम्राज्य को हरा दिया था। यही अमेरिका की असली और सच्ची कहानी है।
अमेरिकी इतिहास से जुड़े कुछ रोचक तथ्य
- 13 कॉलोनिज का असली सच (The 13 Colonies):
आजादी के समय अमेरिका आज जैसा विशाल नहीं था। शुरू में केवल 13 ब्रिटिश कॉलोनिज ने मिलकर विद्रोह किया था। इनमें न्यू यॉर्क, वर्जीनिया, और पेंसिल्वेनिया जैसे राज्य शामिल थे। आज अमेरिकी झंडे पर दिखने वाली 13 लाल-सफेद पट्टियां इन्हीं शुरुआती राज्यों का प्रतीक हैं। - द ग्रेट ब्रिटेन का डार्क रूल (British Taxation):
ब्रिटिश सरकार किंग जॉर्ज III के नेतृत्व में अमेरिकी जनता पर बिना उनकी मर्जी के भारी टैक्स लगा रही थी। इसी के खिलाफ एक मशहूर नारा बुलंद हुआ था— "नो टैक्सेशन विदाउट रिप्रेजेंटेशन" (No Taxation without Representation)। यानी जब संसद में हमारा कोई प्रतिनिधि नहीं, तो हम टैक्स क्यों दें? - बोस्टन टी पार्टी की घटना (Boston Tea Party 1773):
यह अमेरिकी क्रांति का टर्निंग पॉइंट था। दिसंबर 1773 में, चाय पर लगे टैक्स के विरोध में अमेरिकी देशभक्तों ने बोस्टन हार्बर पर ब्रिटिश जहाजों से चाय के सैकड़ों बक्से समुद्र में फेंक दिए थे। इस घटना ने आजादी की आग को और भड़का दिया। - स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी का कनेक्शन (Statue of Liberty):
न्यू यॉर्क में खड़ी यह मशहूर मूर्ति अमेरिका को फ्रांस ने गिफ्ट की थी। ये गिफ्ट 1776 की आजादी के घोषणा पत्र के 100 साल पूरे होने के मौके पर दोस्ती के प्रतीक के रूप में दिया गया था। इस मूर्ति के हाथ में मौजूद किताब पर 4 जुलाई 1776 लिखा हुआ है। - संविधान का निर्माण (US Constitution 1787):
आजादी मिलने के बाद देश को चलाने के लिए 1787 में फिलाडेल्फिया में अमेरिकी संविधान का ड्राफ्ट तैयार किया गया। यह दुनिया का पहला लिखित प्रांतीय संविधान है, जिसने आगे चलकर भारत सहित कई देशों के संविधान को प्रेरित किया। - बेंजामिन फ्रैंकलिन का योगदान (Benjamin Franklin's Role):
जॉर्ज वाशिंगटन के अलावा बेंजामिन फ्रैंकलिन भी अमेरिका के फाउंडिंग फादर्स में से एक थे। उन्होंने न केवल आजादी के घोषणा पत्र पर साइन किए, बल्कि फ्रांस के साथ डिप्लोमैटिक एलायंस बनाकर अमेरिकी सेना को युद्ध जिताने में बड़ी मदद की थी।
04 जुलाई की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 04 जुलाई का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 04 जुलाई (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व और भारत इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1914: प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बर्दुन का ऐतिहासिक युद्ध समाप्त हुआ।
- 1996: रूस के राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन फिर से चार साल के कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति चुने गए।
- 1997: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का यान 'सोजर्नर' सफलतापूर्वक मंगल ग्रह की सतह पर पहुँचा।
- 1998: चेक गणराज्य की टेनिस खिलाड़ी याना नावोत्ना ने विम्बलडन का महिला एकल ख़िताब जीता।
- 1998: जापान ने मंगल ग्रह की खोज के लिए 'प्लेनेट-बी' नामक अपना पहला अंतराग्रहिक मिशन लॉन्च किया।
- 1998: ब्रिटेन की पावरबोट 'द केबल एंड वायरलेस एडवेंचर' ने 74 दिन 20 घंटे 38 मिनट में सबसे तेज विश्व भ्रमण का रिकॉर्ड बनाया।
- 2001: भारत सरकार ने मानवीय आधार पर पाकिस्तान के नागरिक कैदियों (बंदियों) की रिहाई के निर्देश जारी किए।
- 2003: पाकिस्तान में एक शिया मस्जिद पर हुए आत्मघाती हमले में 44 मासूम लोगों की जान चली गई।
- 2005: ऑस्ट्रेलिया के समुद्र में डाल्फ़िन की एक बिल्कुल नई प्रजाति खोजी गई, जिसे 'स्नबफ़िन' नाम दिया गया।
- 2006: गांधी शांति पुरस्कार विजेता और भारत में जर्मनी के पूर्व राजदूत गरहार्ड फ़िशर का निधन हुआ।
- 2007: प्रसिद्ध वेबसाइट सेंटिडो कॉमन की रिपोर्ट के अनुसार मैक्सिको के कॉर्लोस स्लिम दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने।
- 2008: लगभग 8 साल के लंबे इंतजार के बाद चीन और ताइवान के बीच पहली नियमित सीधी विमान सेवा शुरू हुई।
- 1957: चिराग शेट्टी - अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करने वाले प्रसिद्ध बैडमिंटन खिलाड़ी।
- 1956: लक्ष्मीकांत पारसेकर - भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और गोवा के 12वें मुख्यमंत्री।
- 1954: देवेन्द्र कुमार जोशी - भारतीय नौसेना के पूर्व प्रमुख और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल।
- 1945: सुशील कुमार - हिंदी सिनेमा (बॉलीवुड) के मशहूर और मंझे हुए अभिनेता।
- 1943: विमलेश कांति वर्मा - भाषाविज्ञान, कोश निर्माण और सांस्कृतिक अनुवाद के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाले भारतीय विद्वान।
- 1933: के. रोसैया - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ राजनेता, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और तमिलनाडु के पूर्व राज्यपाल।
- 1916: नसीम बानो - हिंदी सिनेमा के शुरुआती दौर की प्रसिद्ध और बेहद खूबसूरत अभिनेत्री (जिन्हें 'ब्यूटी क्वीन' कहा जाता था)।
- 1912: दक्षिणानी वेलायुधन - भारत की संविधान सभा में शामिल होने वाली एकमात्र दलित महिला और संविधान निर्माता।
- 1898: गुलज़ारीलाल नन्दा - भारत के दो बार कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनने वाले प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और राजनेता।
- 1978: अम्मू स्वामीनाथन - भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, सामाजिक कार्यकर्ता और भारत का संविधान बनाने वाली महिलाओं में से एक।
- 1982: भरत व्यास - बॉलीवुड के अत्यंत प्रसिद्ध और कालजयी गीतों के रचनाकार (गीतकार)।
- 1963: पिंगलि वेंकय्या - भारत के राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगा' का शुरुआती डिजाइन या नक्शा (अभिकल्प) तैयार करने वाले महापुरुष।
- 1902: स्वामी विवेकानन्द - सनातन धर्म और वेदांत दर्शन को दुनिया भर में फैलाने वाले महान आध्यात्मिक संत व दार्शनिक।
- 1857: धन सिंह गुर्जर - 1857 की क्रांति के महान स्वतंत्रता सेनानी, जिन्होंने मेरठ विद्रोह का नेतृत्व किया था।
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