24 मई का इतिहास: आज ही के दिन हुआ था इतिहास की सबसे ताकतवर महारानी विक्टोरिया का जन्म
Kaushiki | May 24, 2026, 08:00 IST
queen victoria birthday
24 मई 1819 को ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड की महारानी विक्टोरिया का जन्म हुआ था। उन्होंने महज 18 साल की उम्र में गद्दी संभाली थी। उनके नाम पर ही इतिहास के एक बड़े हिस्से को 'विक्टोरियन युग' कहा जाता है। जानिए उनकी पूरी कहानी।
आज के दिन की कहानी: क्या आप जानते हैं कि दुनिया की सबसे ताकतवर महिला कौन थी? इतिहास गवाह है कि वह नाम महारानी विक्टोरिया का ही था। आज यानी 24 मई को उनका जन्मदिन मनाया जाता है। उनका जन्म साल 1819 में लंदन में हुआ था।
वह एक ऐसी रानी थीं जिनका दबदबा पूरी दुनिया पर था। उनके राज में ब्रिटिश साम्राज्य का कभी सूरज नहीं डूबता था। आज हम आपको उनकी जिंदगी की एक बहुत ही दिलचस्प कहानी बताने जा रहे हैं।
ये कहानी एक छोटी बच्ची के क्वीन बनने के सफर की है। इस सफर ने पूरी दुनिया का जियोग्राफी और हिस्ट्री बदल कर रख दिया था। आइए जानों कि वे कैसे इतनी ताकतवर महारानी बनीं।
![रानी विक्टोरिया - विकिपीडिया]()
महारानी विक्टोरिया (Queen Victoria) ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड की एक बहुत ही ताकतवर और मशहूर क्वीन थीं। उनका जन्म 24 मई 1819 को हुआ था। वे महज 18 साल की उम्र में ब्रिटिश साम्राज्य की महारानी बन गई थीं। उन्होंने करीब 63 साल तक राज किया। इसे ब्रिटिश इतिहास में 'विक्टोरियन युग' (Victorian Era) कहा जाता है।
साल 1876 में उन्हें आधिकारिक रूप से 'भारत की साम्राज्य' (Empress of India) भी घोषित किया गया था। उनके शासनकाल के दौरान ब्रिटेन में बहुत बड़ी औद्योगिक क्रांति, नई तकनीक और आर्थिक तरक्की हुई, जिसने पूरी दुनिया का इतिहास बदल दिया।
![महारानी विक्टोरिया के समय से स्वतंत्रता तक का भारत - द हिस्ट्री प्रेस]()
राजकुमारी विक्टोरिया का जन्म लंदन के केंसिंग्टन पैलेस में हुआ था। उनके पिता का नाम प्रिंस एडवर्ड था। जब विक्टोरिया बहुत छोटी थीं, तब उनके पिता का निधन हो गया था।
इसके बाद उनकी मां ने उनका पालन-पोषण किया। उनकी मां उन पर बहुत कड़ा पहरा रखती थीं। विक्टोरिया को बचपन में किसी से मिलने की आजादी नहीं थी। उनका बचपन बहुत अकेलेपन में बीता था।
वे कड़े नियमों के साए में बड़ी हुईं। लेकिन उन्होंने अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया। वे कई भाषाएं बोलना और लिखना सीख चुकी थीं। उन्हें बचपन से ही कला और संगीत का बहुत शौक था।
![महारानी विक्टोरिया के बारे में पाँच रोचक तथ्य - आउलकेशन]()
साल 1837 में एक बहुत बड़ा बदलाव आया। विक्टोरिया के ताऊ किंग विलियम चतुर्थ का निधन हो गया। उस समय विक्टोरिया की उम्र सिर्फ 18 साल की थी।
नियम के मुताबिक, विक्टोरिया को ब्रिटेन की गद्दी मिली। इतनी कम उम्र में उन्होंने पूरी सल्तनत को संभाल लिया। केंसिंग्टन पैलेस के अकेलेपन से वे सीधे शाही दरबार पहुँच गईं।
शुरुआत में लोगों को लगा कि वे कमजोर साबित होंगी। लेकिन विक्टोरिया ने सबको गलत साबित कर दिया। उन्होंने बहुत सूझबूझ के साथ अपने फैसले लेने शुरू किए। उनकी ताकत धीरे-धीरे बढ़ने लगी।
![ब्रिटेन पर राज करने वाली इस महारानी को नहीं था अपनी मां, पति पर भरोसा - Education AajTak]()
महारानी विक्टोरिया की लव लाइफ भी बहुत चर्चा में रही। साल 1840 में उन्होंने अपने चचेरे भाई प्रिंस अल्बर्ट से शादी की। यह शादी कोई समझौता नहीं, बल्कि सच्चा प्यार थी।
प्रंस अल्बर्ट ने विक्टोरिया के काम में बहुत मदद की। दोनों के कुल नौ बच्चे हुए। उनकी संतानें पूरे यूरोप के शाही परिवारों में ब्याही गईं। इसलिए उन्हें 'ग्रैंडमदर ऑफ यूरोप' भी कहते हैं।
लेकिन साल 1861 में प्रिंस अल्बर्ट की अचानक मौत हो गई। इस दुख ने महारानी विक्टोरिया को पूरी तरह तोड़ दिया। वे गहरे अवसाद में चली गईं और हमेशा काले कपड़े पहनने लगीं।
![प्रसिद्ध व्यक्ति की कहानी: महारानी विक्टोरिया – महारानी विक्टोरिया ने आधुनिक दुनिया को कैसे आकार दिया? - Giggle Academy Blog]()
महारानी विक्टोरिया का 'भारत की सम्राज्ञी' बनना और उनका विक्टोरियन युग इतिहास का एक बहुत बड़ा टर्निंग पॉइंट है। साल 1857 में जब भारत में ब्रिटिश शासन के खिलाफ पहला बड़ा विद्रोह हुआ, तो लंदन में बैठी ब्रिटिश सरकार हिल गई। इसके बाद ईस्ट इंडिया कंपनी का रूल पूरी तरह खत्म कर दिया गया और भारत की कमान सीधे ब्रिटिश क्राउन (शाही परिवार) के हाथों में आ गई।
फिर साल 1876 में ब्रिटिश पार्लियामेंट ने एक कानून पास किया, जिसके तहत क्वीन विक्टोरिया को आधिकारिक रूप से 'भारत की सम्राज्ञी' घोषित किया गया। क्वीन विक्टोरिया भारत को अपने ब्रिटिश एम्पायर का सबसे कीमती और चमकीला रत्न यानी "Jewel in the Crown" मानती थीं।
![महारानी विक्टोरिया - भारतकोश, ज्ञान का हिन्दी महासागर]()
महारानी विक्टोरिया ने करीब 63 साल 7 महीने तक राज किया। उनके इस पूरे टाइम पीरियड को इतिहास में विक्टोरियन युग कहा जाता है। यह वो दौर था जब ब्रिटेन में इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन हुई, रेलवे नेटवर्क फैला और साइंस-टेक्नोलॉजी में नए-नए आविष्कार हुए।
इसी दौर में ब्रिटिश एम्पायर इतना बड़ा हो गया कि कहा जाने लगा कि "ब्रिटिश राज का सूरज कभी नहीं डूबता।" साल 1901 में 81 वर्ष की उम्र में उनका निधन हुआ, लेकिन उनका प्रभाव आज भी दुनिया भर में देखा जा सकता है।
आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 24 मई का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 24 मई (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
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वह एक ऐसी रानी थीं जिनका दबदबा पूरी दुनिया पर था। उनके राज में ब्रिटिश साम्राज्य का कभी सूरज नहीं डूबता था। आज हम आपको उनकी जिंदगी की एक बहुत ही दिलचस्प कहानी बताने जा रहे हैं।
ये कहानी एक छोटी बच्ची के क्वीन बनने के सफर की है। इस सफर ने पूरी दुनिया का जियोग्राफी और हिस्ट्री बदल कर रख दिया था। आइए जानों कि वे कैसे इतनी ताकतवर महारानी बनीं।
रानी विक्टोरिया - विकिपीडिया
महारानी विक्टोरिया कौन थीं
साल 1876 में उन्हें आधिकारिक रूप से 'भारत की साम्राज्य' (Empress of India) भी घोषित किया गया था। उनके शासनकाल के दौरान ब्रिटेन में बहुत बड़ी औद्योगिक क्रांति, नई तकनीक और आर्थिक तरक्की हुई, जिसने पूरी दुनिया का इतिहास बदल दिया।
महारानी विक्टोरिया के समय से स्वतंत्रता तक का भारत - द हिस्ट्री प्रेस
कैसा बीता महारानी विक्टोरिया का बचपन
इसके बाद उनकी मां ने उनका पालन-पोषण किया। उनकी मां उन पर बहुत कड़ा पहरा रखती थीं। विक्टोरिया को बचपन में किसी से मिलने की आजादी नहीं थी। उनका बचपन बहुत अकेलेपन में बीता था।
वे कड़े नियमों के साए में बड़ी हुईं। लेकिन उन्होंने अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया। वे कई भाषाएं बोलना और लिखना सीख चुकी थीं। उन्हें बचपन से ही कला और संगीत का बहुत शौक था।
महारानी विक्टोरिया के बारे में पाँच रोचक तथ्य - आउलकेशन
18 साल में संभाली दुनिया की सबसे बड़ी सल्तनत
नियम के मुताबिक, विक्टोरिया को ब्रिटेन की गद्दी मिली। इतनी कम उम्र में उन्होंने पूरी सल्तनत को संभाल लिया। केंसिंग्टन पैलेस के अकेलेपन से वे सीधे शाही दरबार पहुँच गईं।
शुरुआत में लोगों को लगा कि वे कमजोर साबित होंगी। लेकिन विक्टोरिया ने सबको गलत साबित कर दिया। उन्होंने बहुत सूझबूझ के साथ अपने फैसले लेने शुरू किए। उनकी ताकत धीरे-धीरे बढ़ने लगी।
ब्रिटेन पर राज करने वाली इस महारानी को नहीं था अपनी मां, पति पर भरोसा - Education AajTak
प्रिंस अल्बर्ट से प्यार और शादी
प्रंस अल्बर्ट ने विक्टोरिया के काम में बहुत मदद की। दोनों के कुल नौ बच्चे हुए। उनकी संतानें पूरे यूरोप के शाही परिवारों में ब्याही गईं। इसलिए उन्हें 'ग्रैंडमदर ऑफ यूरोप' भी कहते हैं।
लेकिन साल 1861 में प्रिंस अल्बर्ट की अचानक मौत हो गई। इस दुख ने महारानी विक्टोरिया को पूरी तरह तोड़ दिया। वे गहरे अवसाद में चली गईं और हमेशा काले कपड़े पहनने लगीं।
प्रसिद्ध व्यक्ति की कहानी: महारानी विक्टोरिया – महारानी विक्टोरिया ने आधुनिक दुनिया को कैसे आकार दिया? - Giggle Academy Blog
भारत में विक्टोरियन युग का क्या है पूरा इतिहास
फिर साल 1876 में ब्रिटिश पार्लियामेंट ने एक कानून पास किया, जिसके तहत क्वीन विक्टोरिया को आधिकारिक रूप से 'भारत की सम्राज्ञी' घोषित किया गया। क्वीन विक्टोरिया भारत को अपने ब्रिटिश एम्पायर का सबसे कीमती और चमकीला रत्न यानी "Jewel in the Crown" मानती थीं।
महारानी विक्टोरिया - भारतकोश, ज्ञान का हिन्दी महासागर
महारानी विक्टोरिया ने करीब 63 साल 7 महीने तक राज किया। उनके इस पूरे टाइम पीरियड को इतिहास में विक्टोरियन युग कहा जाता है। यह वो दौर था जब ब्रिटेन में इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन हुई, रेलवे नेटवर्क फैला और साइंस-टेक्नोलॉजी में नए-नए आविष्कार हुए।
इसी दौर में ब्रिटिश एम्पायर इतना बड़ा हो गया कि कहा जाने लगा कि "ब्रिटिश राज का सूरज कभी नहीं डूबता।" साल 1901 में 81 वर्ष की उम्र में उनका निधन हुआ, लेकिन उनका प्रभाव आज भी दुनिया भर में देखा जा सकता है।
24 मई की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आइए जानते हैं 24 मई (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व और भारत इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1994: सऊदी अरब के मीना में हज के दौरान अचानक भगदड़ मचने से 250 से ज्यादा हाजियों की मौत हो गई थी।
- 2000: इस्रायली सेना दक्षिण लेबनान से वापस लौटी और वहां चल रहा 22 साल का लंबा खूनी दौर खत्म हुआ।
- 2002: नेपाल की नेपाली कांग्रेस पार्टी ने कड़ा फैसला लेते हुए प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा को पार्टी से सस्पेंड कर दिया था।
- 2003: इस्रायल के तत्कालीन प्रधानमंत्री एरियल शैरोन ने पश्चिम एशिया शांति योजना (Peace Plan) को अपनी मंजूरी दी थी।
- 2005: मंगोलिया के बड़े नेता एनबी इंकबेयर देश के नए राष्ट्रपति चुने गए थे।
- 2007: यूरोपीय संघ (EU) की संसद में मानवाधिकारों से जुड़ी प्रसिद्ध 'एमा निकोलसन रिपोर्ट' को पास किया गया था।
- 2008: उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने राज्य कर्मचारियों को तोहफा देते हुए महंगाई भत्ता (DA) 6% बढ़ाने का फैसला किया था।
24 मई को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति
- 1819: ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड की सबसे ताकतवर महारानी विक्टोरिया (Queen Victoria) का जन्म आज ही के दिन हुआ था।
- 1896: भारत की आजादी के लिए लड़ने वाले मशहूर और जांबाज क्रांतिकारी करतार सिंह सराभा का जन्म हुआ था।
- 1899: बांग्ला भाषा के प्रसिद्ध विद्रोही कवि, महान संगीतज्ञ और दार्शनिक काज़ी नज़रुल इस्लाम का जन्म हुआ था।
- 1920: भारतीय राजनीतिज्ञ और उड़ीसा (ओडिशा) राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री नीलमणि राउत्रे का जन्म आज ही के दिन हुआ था।
- 1928: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे दिग्गज नेता जन कृष्णमूर्ति का जन्म हुआ था।
- 1937: भारतीय जनता पार्टी के मशहूर और वरिष्ठ राजनीतिज्ञ थौनाओजम चौबा सिंह का जन्म हुआ था।
- 1952: भारत के पूर्व विदेश सचिव (Foreign Secretary) और अनुभवी राजनयिक रंजन मथाई का जन्म हुआ था।
- 1954: माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली भारत की पहली जांबाज महिला बछेंद्री पाल का जन्म आज ही के दिन हुआ था।
- 1955: बॉलीवुड फिल्मों को 'कहो ना प्यार है' जैसे सुपरहिट गाने देने वाले प्रसिद्ध संगीतकार राजेश रोशन का जन्म हुआ था।
- 1969: भारतीय थल सेना के जांबाज अशोक चक्र विजेता कमांडो सुधीर कुमार वालिया का जन्म आज ही के दिन हुआ था।
24 मई को हुए प्रमुख निधन
- 1543: दुनिया को यह बताने वाले कि पृथ्वी सूरज के चक्कर लगाती है, महान खगोलशास्त्री निकोलस कॉपरनिकस का निधन हुआ था।
- 1879: अमेरिका में गुलामी प्रथा के खिलाफ जोरदार आवाज उठाने वाले आंदोलनकारी विलियम लायड गैरिसन का निधन हुआ था।
- 1905: ब्रह्मसमाज के प्रसिद्ध और प्रभावशाली सामाजिक नेता प्रतापचंद्र मज़ूमदार ने आज ही के दिन दुनिया को अलविदा कहा था।
- 1981: भारत के दिग्गज स्वतंत्रता सेनानी और प्रमुख राजनेता एस. के. पाटिल का निधन आज ही के दिन हुआ था।
- 1990: भारत के प्रसिद्ध विधिवेत्ता, सुप्रीम कोर्ट के जज और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष के. एस. हेगड़े का निधन हुआ था।
- 1999: भारत में पहलवानी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले महान कुश्ती कोच और द्रोणाचार्य अवॉर्डी गुरु हनुमान का निधन हुआ था।
- 2000: बॉलीवुड फिल्मों के सबसे मशहूर और सदाबहार गीतकार व शायर मजरूह सुल्तानपुरी का आज ही के दिन निधन हुआ था।
- 2023: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के बेहद लोकप्रिय आध्यात्मिक और प्रमुख राजनीतिक नेता टी. रिनपोछे का निधन हुआ था।
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