Amazon Success Story: जब एक जिद ने किताबों के डिब्बे को बना दिया कुबेर का खजाना
Amazon Success Story: आज के समय में ऑनलाइन शॉपिंग हमारी लाइफ का एक बड़ा हिस्सा बन चुकी है। हम हर छोटे सामान के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। इस ऑनलाइन शॉपिंग की दुनिया में अमेजन सबसे बड़ा और पसंदीदा नाम माना जाता है।
भारत सहित पूरी दुनिया में इसके करोड़ों यूजर्स हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस बड़ी कंपनी की शुरुआत कैसे हुई थी? इसके पीछे एक बेहद दिलचस्प और इंस्पायरिंग कहानी है। इस कहानी की शुरुआत होती है साल 1994 में अमेरिका के सिएटल शहर से। तब इंटरनेट का नया दौर शुरू ही हो रहा था।
उस समय जेफ बेजोस न्यूयॉर्क की एक अच्छी कंपनी में एक शानदार नौकरी कर रहे थे। उनका करियर बहुत ही बढ़िया चल रहा था। लेकिन जेफ बेजोस के दिमाग में हमेशा से कुछ बड़ा और नया करने का आइडिया था। वे इंटरनेट की ताकत को समझ चुके थे। उन्होंने देखा कि इंटरनेट का इस्तेमाल हर साल बहुत तेजी से बढ़ रहा है। इसी बदलाव ने उन्हें एक नया रास्ता दिखाया।
एक छोटे गैराज से हुई शुरुआत
जेफ बेजोस ने अपनी अच्छी भली नौकरी छोड़ने का एक बहुत बड़ा रिस्क लिया। उनके इस फैसले से हर कोई काफी हैरान था। नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने अपने घर के एक छोटे गैराज को अपना ऑफिस बनाया। यहीं से अमेजन का सफर शुरू हुआ।
शुरुआत में जेफ बेजोस के पास बहुत ज्यादा पैसे या बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं था। उनके साथ केवल कुछ ही लोग काम करते थे। उन्होंने इस कंपनी की शुरुआत एक ऑनलाइन बुक स्टोर के रूप में की थी। वे इंटरनेट के जरिए पुरानी किताबें बेचते थे।
जेफ बेजोस का मानना था कि किताबों का मार्केट बहुत बड़ा और आसान होता है। इसे ऑनलाइन संभालना काफी ज्यादा सरल था।शुरुआत में लोग ऑनलाइन सामान खरीदने से काफी ज्यादा डरते थे।
उन्हें इंटरनेट पर पैसे देने में बहुत हिचक होती थी। लेकिन जेफ बेजोस ने हार नहीं मानी और अपने काम पर पूरा फोकस रखा। वे खुद ही किताबों को पैक करने का काम करते थे।
किताबों से लेकर हर सामान तक
अमेजन के ऑनलाइन बुक स्टोर का आइडिया बहुत ही जल्द सुपरहिट हो गया। लोग घर बैठे अपनी पसंदीदा किताबें मंगाने लगे। शुरुआत के कुछ ही महीनों में कंपनी को अच्छे ऑर्डर्स मिलने शुरू हो गए। इससे जेफ बेजोस का हौसला काफी बढ़ गया।
किताबों की सफलता के बाद जेफ बेजोस ने बिजनेस को बढ़ाने का प्लान बनाया। वे सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहना चाहते थे। उन्होंने धीरे-धीरे अपनी वेबसाइट पर दूसरे सामान भी लिस्ट करने शुरू कर दिए।
इसमें म्यूजिक सीडी और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर शामिल थे। इसके बाद उन्होंने खिलौने, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स का सामान भी बेचना शुरू किया। अब अमेजन एक बड़ा स्टोर बनने लगी थी।
जेफ बेजोस का विजन था कि उनकी कंपनी पर हर तरह का सामान मिलना चाहिए। वे इसे 'एवरीथिंग स्टोर' बनाना चाहते थे। कंपनी के लोगो में भी 'ए' से लेकर 'जेट' तक एक एरो बनाया गया है। इसका मतलब है कि यहाँ सब कुछ मिलता है।
कस्टमर सर्विस को बनाया हथियार
अमेजन की इस बड़ी सफलता के पीछे एक बहुत ही खास वजह रही है। वह वजह है उनकी सबसे बेहतरीन कस्टमर सर्विस। जेफ बेजोस हमेशा कहते हैं कि कंपनी को सिर्फ अपने ग्राहकों के बारे में सोचना चाहिए।
ग्राहकों की संतुष्टि ही सबसे जरूरी है। उन्होंने डिलीवरी सिस्टम को तेज करने के लिए बहुत सारे नए प्रयोग किए। सामान को सही समय पर पहुंचाना उनकी प्राथमिकता थी। अगर किसी ग्राहक को सामान पसंद नहीं आता तो रिफंड की आसान सुविधा दी गई।
इससे लोगों का भरोसा बहुत मजबूत हो गया। इस भरोसे की वजह से लोग बार-बार अमेजन से ही शॉपिंग करने लगे। कंपनी का वर्ड ऑफ माउथ पब्लिसिटी से बहुत विकास हुआ। जेफ बेजोस ने मुनाफे से ज्यादा ध्यान कंपनी के विस्तार पर दिया।
वे होने वाली कमाई को वापस बिजनेस में ही लगाते रहे। उनकी इस स्ट्रेटजी की वजह से कंपनी ने मार्केट में अपनी एक अलग पहचान बनाई। बाकी कंपनियां उनके सामने टिक नहीं पाईं।
जब आया इंटरनेट का सबसे बड़ा संकट
साल 2000 के आस-पास पूरी दुनिया में डॉट कॉम का एक बड़ा संकट आया था। इस संकट में कई बड़ी इंटरनेट कंपनियां डूब गईं। शेयर मार्केट में इंटरनेट कंपनियों के शेयर बहुत तेजी से नीचे गिर गए थे।
अमेजन को भी इस दौरान भारी नुकसान उठाना पड़ा। कई एक्सपर्ट्स का मानना था कि अब अमेजन कंपनी भी पूरी तरह बंद हो जाएगी। निवेशकों में डर का माहौल बन गया था। लेकिन जेफ बेजोस को अपने बिजनेस मॉडल पर पूरा भरोसा था।
उन्होंने मुश्किल समय में भी बहुत ही समझदारी से काम लिया। उन्होंने अपने खर्चों को कम किया और बिजनेस के तरीके में कुछ जरूरी बदलाव किए। वे इस मुश्किल दौर से बाहर निकल आए।
इस संकट के बाद अमेजन पहले से भी ज्यादा मजबूत और बड़ी कंपनी बनकर उभरी। उसने नए सेक्टर्स में कदम रखने का फैसला किया। इसके बाद कंपनी ने ई-कॉमर्स के अलावा टेक्नोलॉजी की दुनिया में भी हाथ आजमाया। यह फैसला कंपनी के लिए गेम चेंजर साबित हुआ।
टेक्नोलॉजी की दुनिया में नया धमाका
अमेजन ने केवल ऑनलाइन शॉपिंग तक ही खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने अमेजन वेब सर्विसेज यानी एडब्ल्यूएस की शुरुआत की। यह एक क्लाउड कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म है जो दुनिया की बड़ी कंपनियों को डेटा सेव करने की आधुनिक सर्विस देता है।
आज के समय में एडब्ल्यूएस कंपनी की कमाई का एक बहुत ही बड़ा जरिया बन चुका है। बड़ी-बड़ी वेबसाइट्स इसी पर चलती हैं। इसके बाद अमेजन ने किंडल नाम का एक बेहतरीन ई-रीडर डिवाइस भी मार्केट में उतारा। इसने पढ़ाई के तरीके को बदल दिया। डिजिटल एंटरटेनमेंट के लिए कंपनी ने अमेजन प्राइम वीडियो सर्विस भी शुरू की।
इस पर लोग फिल्में और वेब सीरीज देखते हैं। साथ ही प्राइम मेंबरशिप के जरिए ग्राहकों को फास्ट और फ्री डिलीवरी की सुविधा मिलती है। इससे प्राइम यूजर्स की संख्या करोड़ों में है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में कंपनी ने अलेक्सा नाम का स्मार्ट वॉयस असिस्टेंट बनाया। यह घर-घर में काफी पॉपुलर है।
आज कहां खड़ी है जेफ बेजोस की कंपनी
एक छोटे गैराज से शुरू हुई अमेजन आज दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल है। इसका टर्नओवर अरबों डॉलर का है। आज अमेजन के पास पूरी दुनिया में लाखों की संख्या में कर्मचारी काम करते हैं। इसके वेयरहाउस हर बड़े देश में मौजूद हैं।
जेफ बेजोस इस कंपनी की बदौलत दुनिया के सबसे अमीर इंसानों की लिस्ट में शामिल हुए। उनका यह सफर कमाल का है। वे अब अमेजन के सीईओ का पद छोड़ चुके हैं लेकिन कंपनी की ग्रोथ लगातार जारी है। उनका विजन आज भी काम कर रहा है।
अमेजन (Amazon company owner Jeff Bezos) अब केवल धरती तक ही सीमित नहीं है। जेफ बेजोस अपनी कंपनी ब्लू ओरिजिन के जरिए अंतरिक्ष क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उनकी यह कहानी सिखाती है कि अगर आपके पास एक अच्छा आइडिया और जिद है।
तो आप एक छोटे गैराज से भी दुनिया बदल सकते हैं। हार्ड वर्क, सही विजन और ग्राहकों पर फोकस करके ही इतनी बड़ी कामयाबी पाई जा सकती है। यह कहानी हमेशा प्रेरित करती रहेगी।
भारत में इसकी मार्केटिंग का सच
- कस्टमर ट्रस्ट और लोकल टच: भारत में एंट्री करते ही Amazon ने समझ लिया था कि यहाँ लोगों का भरोसा जीतना सबसे जरूरी है। कंपनी ने 'अमेज़न अपनी दुकान' जैसे देसी और इमोशनल स्लोगन्स के साथ मार्केटिंग कैंपेन्स चलाए, जिसने भारतीय ग्राहकों के दिलों में जगह बनाई।
- कैश ऑन डिलीवरी का बड़ा दांव: शुरुआत में जब भारतीयों को ऑनलाइन पेमेंट करने में डर लगता था, तब Amazon ने कैश ऑन डिलीवरी (COD) सर्विस को बड़े पैमाने पर प्रमोट किया। इस मास्टरस्ट्रोक मार्केटिंग स्ट्रेटजी ने छोटे शहरों के कंज्यूमर्स को भी ऑनलाइन शॉपिंग से जोड़ दिया।
- त्योहारों पर मेगा सेल्स की धूम: भारत के त्योहारों को टार्गेट करके Great Indian Festival Sale जैसी बड़ी सेल की मार्केटिंग करना कंपनी का सबसे बड़ा हथियार है। दिवाली और धनतेरस जैसे बड़े मौकों पर आक्रामक टीवी, डिजिटल और प्रिंट विज्ञापनों के जरिए यह प्लेटफॉर्म हर घर की पहली पसंद बन गया।
- प्राइम इकोसिस्टम का जाल: सिर्फ शॉपिंग ही नहीं, बल्कि भारतीय दर्शकों को बांधे रखने के लिए Amazon Prime Video पर 'मिर्जापुर' और 'द फैमिली मैन' जैसे लोकल कंटेंट की भारी मार्केटिंग की गई। फास्ट डिलीवरी के साथ फ्री वीडियो स्ट्रीमिंग का कॉम्बो देकर कंपनी ने करोड़ों वफादार ग्राहक तैयार कर लिए।
- कड़ा मुकाबला और मौजूदा चुनौतियां: मौजूदा (अमेजन कंपनी के मालिक जेफ बेजोस)समय में भारत के ई-कॉमर्स मार्केट में Amazon (अमेजन इंडिया)को Flipkart, JioMart और बेहद सस्ते सामान बेचने वाले Meesho जैसे प्लेटफॉर्म्स से तगड़ा कॉम्पिटिशन मिल रहा है। इसके साथ ही, क्विक कॉमर्स ऐप्स जैसे Blinkit और Zepto के 10-minute डिलीवरी मॉडल से निपटने के लिए कंपनी अब अपनी Same-Day Delivery सर्विस को तेजी से अपग्रेड और प्रमोट कर रही है।
05 जुलाई की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 05 जुलाई का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 05 जुलाई (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व और भारत इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1977: पाकिस्तान की सैनिक क्रांति में प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को सत्ता से हटाया गया और जनरल जिया उल हक ने देश की कमान संभाली।
- 1877: अंग्रेजी भाषा की बेहतरीन और प्रतिभाशाली भारतीय कवयित्री तोरु दत्त का निधन हुआ।
- 1901: मशहूर भारतीय फिल्म निर्माता और कलकत्ता के 'न्यू थियेटर्स' के संस्थापक बी. एन. सरकार का जन्म हुआ।
- 1918: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के दिग्गज नेता और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री के. करुणाकरन का जन्म हुआ।
- 1920: प्रसिद्ध भारतीय तैराक सचिन नाग का जन्म हुआ, जिन्होंने देश का नाम रोशन किया।
- 1920: चित्रकला, मूर्तिकला और नक्काशी के मशहूर जर्मन कलाकार मैक्स क्लिंजर का निधन हुआ।
- 1931: हिंदी साहित्य के जाने-माने और प्रतिष्ठित लेखक शरद पगारे का जन्म हुआ।
- 1946: भारतीय दलित राजनीति के बड़े नेता और लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष रामविलास पासवान का जन्म हुआ।
- 1946: मशहूर प्राध्यापक, नाटककार और हिंदी के प्रसिद्ध रचनाकार असग़र वजाहत का जन्म हुआ।
- 1947: भारत के नामी जीव विज्ञानी (Biologist) और 'डीएनए फिंगरप्रिंटिंग के जनक' लालजी सिंह का जन्म हुआ।
- 1956: समकालीन हिंदी कविता के जाने-माने कवि और लेखक ज्योति खरे का जन्म हुआ।
- 1957: भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, वकील और आधुनिक बिहार के निर्माता अनुग्रह नारायण सिन्हा का निधन हुआ।
- 1960: भारत के दिग्गज निवेशक, शेयर व्यापारी और 'बिग बुल' कहे जाने वाले राकेश झुनझुनवाला का जन्म हुआ।
- 1994: इजरायल के कब्जे वाले जेरिको (Jericho) इलाके में फिलिस्तीनी स्वशासन की आधिकारिक शुरुआत हुई।
- 1994: जेफ बेजोस ने एक छोटे से गैराज से दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन (Amazon India) की स्थापना की।
- 1995: भारत की शान और विश्व प्रसिद्ध बैडमिंटन खिलाड़ी पी. वी. सिंधु का जन्म हुआ।
- 1998: टेनिस स्टार पीट सम्प्रास ने रिकॉर्ड बनाते हुए पांचवीं बार विम्बलडन का एकल (Single) खिताब जीता।
- 1999: संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) ने कड़ा रुख अपनाते हुए तालिबान संगठन पर कड़े प्रतिबंधों की घोषणा की।
- 2000: कजाकिस्तान के दुशानबे शहर में शंघाई-5 (अब शंघाई सहयोग संगठन) देशों का महत्वपूर्ण सम्मेलन शुरू हुआ।
- 2001: चुनाव में करारी हार मिलने के बाद बुल्गारिया के प्रधानमंत्री श्वान कोस्तोव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
- 2002: नेपाल के काठमांडू में स्थित नेपाली कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय में हुए भीषण बम विस्फोट में 10 लोग घायल हुए।
- 2004: ग्रीस ने फुटबॉल इतिहास में बड़ा उलटफेर करते हुए यूरो कप 2004 की ट्रॉफी जीतकर नया इतिहास रचा।
- 2007: मैक्सिको के दक्षिणी प्रांत ट्यूबला में आए भीषण भूस्खलन (Landslide) के कारण 60 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
- 2007: ईरान ने अपने विवादित परमाणु मुद्दे को सुलझाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के अफसरों को बातचीत का न्योता दिया।
- 2008: नेपाल की अंतरिम कैबिनेट ने अपने देश के संविधान में संशोधन (Amendment) के लिए एक नया विधेयक लाने का प्रस्ताव पास किया।
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