16 जुलाई का इतिहास: जब पहली बार फटा परमाणु बम, मैनहट्टन प्रोजेक्ट की कहानी
First atom bomb test: यह कहानी साल 1945 की है। तब दूसरा विश्व युद्ध अपने चरम पर था। दुनिया भर में भारी तबाही मची हुई थी। हर देश खुद को शक्तिशाली साबित करना चाहता था। इसी बीच अमेरिका एक बेहद गुप्त मिशन पर काम कर रहा था।
इस मिशन का लक्ष्य सबसे घातक हथियार बनाना था। इतिहास में इसे मैनहट्टन प्रोजेक्ट के नाम से जाना गया। वैज्ञानिक दिन-रात इस काम में जुटे हुए थे। आखिरकार वैज्ञानिकों ने एक ऐसा बम तैयार कर लिया। यह बम पूरी दुनिया को पल भर में नष्ट कर सकता था।
रेगिस्तान में हुआ सबसे बड़ा धमाका
तारीख थी 16 जुलाई और साल था 1945। सुबह का वक्त था। स्थान था न्यू मैक्सिको का एक खाली और सुनसान रेगिस्तान। वहां सन्नाटा पसरा हुआ था। वैज्ञानिकों ने अपने पहले परमाणु बम को एक ऊंचे टावर पर फिट किया।
इस बम का कोडनेम गैजेट रखा गया था। सुबह के ठीक 5 बजकर 29 मिनट पर बटन दबाया गया। इसके बाद जो हुआ उसने सबको डरा दिया। रेगिस्तान में अचानक एक बहुत ही भयंकर विस्फोट हुआ। इसकी आवाज कई मील दूर तक सुनाई दी।
सूरज से भी तेज चमकी खौफनाक रोशनी
विस्फोट होते ही वहां एक बहुत बड़ा आग का गोला बना। वह गोला तेजी से आसमान की तरफ बढ़ा। उस समय वहां सूरज से भी तेज रोशनी पैदा हुई। कुछ पलों के लिए सब कुछ सफेद हो गया। वहां का तापमान लाखों डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।
आस-पास की रेत भी कांच में बदल गई। आसमान में मशरूम के आकार का एक विशाल धुआं उठा। यह धुआं कई किलोमीटर ऊंचा था। वैज्ञानिक दूर से इस खौफनाक नजारे को देख रहे थे। वे अपनी सफलता पर हैरान और परेशान भी थे।
ओपनहाइमर को याद आई थी गीता
इस पूरे महाप्रोजेक्ट के लीडर जे रॉबर्ट ओपनहाइमर थे। वे एक महान भौतिक वैज्ञानिक थे। धमाके के बाद वे बहुत ज्यादा भावुक हो गए थे। उन्हें उस समय हिंदू ग्रंथ गीता की एक बात याद आई। उन्होंने मन में कहा कि मैं अब मृत्यु बन चुका हूं।
मैं दुनिया का विनाश करने वाला बन गया हूं। उन्हें समझ आ गया था कि उन्होंने क्या बना दिया है। यह हथियार दुनिया के लिए वरदान नहीं, अभिशाप था। इस सफल परीक्षण को आधिकारिक तौर पर ट्रिनिटी टेस्ट नाम दिया गया। यह नाम इतिहास में दर्ज हो गया।
इस टेस्ट के बाद बदल गई पूरी दुनिया
इस पहले न्यूक्लियर टेस्ट (हिरोशिमा पर परमाणु बम से हमला)ने पूरी मानव सभ्यता को बदल दिया। इसके बाद दुनिया कभी पहले जैसी नहीं रही। अमेरिका ने साबित कर दिया कि उसके पास सबसे घातक शक्ति है। इस शक्ति ने सबको खौफ में डाल दिया।
इस सफल टेस्ट के ठीक कुछ दिनों बाद बड़ा फैसला लिया गया। अमेरिका ने जापान पर परमाणु हमला (एटम बम) कर दिया। हिरोशिमा और नागासाकी पर ये बम गिराए गए थे। वहां लाखों मासूम लोग पल भर में मारे गए थे। दूसरे विश्व युद्ध का अंत इसी भयानक तबाही के साथ हुआ। परमाणु बम का डर हर तरफ फैल गया।
आज भी डराता है परमाणु हथियारों का इतिहास
साल 1945 का वह दिन इतिहास का सबसे काला पन्ना माना जाता है। इसने हथियारों की होड़ शुरू कर दी। आज दुनिया के कई देशों के पास परमाणु हथियार मौजूद हैं। हर देश खुद को सुरक्षित रखने का दावा करता है। लेकिन इस खतरनाक सफर की शुरुआत उसी ट्रिनिटी टेस्ट से हुई थी।
वह दिन आज भी हमें सचेत करता है। विज्ञान की इस बड़ी ताकत ने विनाश का रास्ता भी खोल दिया। हमें इतिहास से सबक लेने की बहुत जरूरत है। यह कहानी हमें शांति और समझदारी का सबसे बड़ा पाठ सिखाती है। परमाणु बम केवल विनाश ही ला सकता है।
सोर्स क्रेडिट:
- U.S. Department of Energy: The Manhattan Project: An Interactive History - Trinity Test
- Los Alamos National Laboratory: हैं: Los Alamos National Laboratory - Our History
- परमाणु विरासत संस्थान (Atomic Heritage Foundation): Atomic Heritage Foundation - Trinity Test (1945)
- अन्तरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) - International Atomic Energy Agency (IAEA) - Nuclear Safety and Security
16 जुलाई की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 16 जुलाई का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 16 जुलाई (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व और भारत इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1945: अमेरिका ने न्यू मैक्सिको के रेगिस्तान में दुनिया के पहले परमाणु बम का सफल परीक्षण किया।
- 1999: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ़. कैनेडी के पुत्र जॉन एफ़. कैनेडी जूनियर की एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई।
- 2001: बेल्जियम के जैक्स रोगे अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (IOC) के आठवें अध्यक्ष चुने गए।
- 2002: दक्षिण अमेरिकी देश पराग्वे में राजनीतिक अशांति के चलते आपातकाल की घोषणा की गई।
- 2003: पाकिस्तान और सऊदी अरब सहित 55 इस्लामी देश, इस्रायल को साल 2005 तक मान्यता देने पर राजी हुए।
- 2004: चीन ने अपने सबसे बड़े तटीय शहर त्यानचिन में देश का पहला ऑनलाइन वायु सुरक्षा अभ्यास आयोजित किया।
- 2006: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में उत्तर कोरिया पर कड़े प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ।
- 2007: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना वाजिद को धन वसूली (रंगदारी) के एक मामले में गिरफ्तार किया गया।
- 2008: ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने सुरक्षा कारणों से गाजा क्षेत्र की अपनी प्रस्तावित यात्रा को रद्द कर दिया।
- 2008: अमेरिका ने अगले पांच सालों में पाकिस्तान को साढ़े सात अरब डॉलर की असैनिक मदद देने के लिए एक नया विधेयक पेश किया।
- 2011: जनगणना आयुक्त की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि भारत में गांवों की तुलना में शहरी आबादी ढाई गुना से ज्यादा तेजी से बढ़ी है।
- 2011: सरकारी रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक दशक में देश की कुल जनसंख्या में 17.64% का इजाफा दर्ज किया गया था।
- 1896: नॉर्वे के प्रसिद्ध मजदूर नेता, लेखक और संयुक्त राष्ट्र के पहले महासचिव ट्रीगवी ली का जन्म हुआ।
- 1909: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की महान वीरांगना और 'ग्रैंड ओल्ड लेडी' अरुणा आसफ़ अली का जन्म हुआ।
- 1917: हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध नाटककार और कुशल लेखक जगदीशचन्द्र माथुर का जन्म हुआ।
- 1923: भूतपूर्व भारतीय थल सेना प्रमुख (आर्मी चीफ) जनरल के. वी. कृष्ण राव का जन्म हुआ था।
- 1937: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्य सभा सांसद आर. के. धवन का जन्म हुआ।
- 1937: प्रसिद्ध भारतीय-अमेरिकी कलाकार और बेहतरीन प्रिंटमेकर ज़रीना हाशमी का जन्म हुआ था।
- 1956: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र से राज्य सभा सांसद भागवत कराड का जन्म हुआ।
- 1968: भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और देश के दिग्गज हॉकी खिलाड़ी धनराज पिल्लै का जन्म हुआ।
- 1984: बॉलीवुड की मशहूर और बेहद लोकप्रिय अभिनेत्री कटरीना कैफ का जन्म आज ही के दिन हुआ था।
- 2005: प्रसिद्ध कन्नड़ नाटककार, रंगमंच कलाकार और रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता के. वी. सुबन्ना का निधन हुआ।
- 2017: भारतीय राजनीतिज्ञ और सिक्किम के भूतपूर्व दूसरे मुख्यमंत्री नर बहादुर भंडारी का निधन हुआ।
- 2021: भारतीय सिनेमा और टेलीविजन की दिग्गज व राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री सुरेखा सीकरी का निधन हुआ।
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