26 मई का इतिहास: 2014 में जब पीएम मोदी ने भारत के 15वें प्रधानमंत्री के रूप में पहली बार शपथ ली
Narendra Modi Oath Anniversary: भारतीय राजनीति के इतिहास में कुछ तारीखें हमेशा के लिए अमर हो जाती हैं। ऐसी ही एक बेहद खास तारीख थी 26 मई 2014 की शाम। इसी दिन नरेंद्र मोदी ने पहली बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने देश के 15वें प्रधानमंत्री के रूप में कमान संभाली थी।
इस पल का गवाह दिल्ली का भव्य राष्ट्रपति भवन बना था। तब के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उन्हें गोपनीयता की शपथ दिलाई थी। यह समारोह आउटडोर यानी राष्ट्रपति भवन के कोर्टयार्ड में आयोजित हुआ था। इससे पहले बहुत कम प्रधानमंत्रियों ने खुले मैदान में शपथ ली थी।
इस समारोह में देश-विदेश के कई बड़े वीआईपी मेहमान शामिल हुए थे। हर किसी की नजरें गुजरात से दिल्ली आए इस नए नेता पर थीं। बीजेपी ने 2014 के जनरल इलेक्शन में पूर्ण बहुमत हासिल किया था। इस जीत ने भारतीय राजनीति की पूरी दिशा और दशा को बदल दिया।
नरेंद्र मोदी के बारे में
नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) भारत के करंट और 15वें प्रधानमंत्री हैं। वे स्वतंत्र भारत में पैदा होने वाले देश के पहले पीएम हैं। उनका पूरा नाम नरेंद्र दामोदरदास मोदी है। उनका जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था।
राजनीतिक सफर (Political Journey):
- आरएसएस और बीजेपी: उन्होंने अपने करियर की शुरुआत आरएसएस (RSS) के प्रचारक के रूप में की थी, जिसके बाद वे बीजेपी (BJP) में शामिल हुए।
- गुजरात के सीएम: वे साल 2001 से 2014 तक लगातार गुजरात के चीफ मिनिस्टर रहे और वहां के गुजरात मॉडल से काफी मशहूर हुए।
- ऐतिहासिक जीत: साल 2014 में उन्होंने बीजेपी को पूर्ण बहुमत दिलाकर केंद्र में सरकार बनाई। इसके बाद 2019 और फिर 2024 के लोकसभा चुनावों में भी जीत हासिल कर वे लगातार तीसरी बार पीएम बने। उन्हें अपनी कड़क विदेश नीति, डिजिटल इंडिया मिशन और देश में बड़े आर्थिक और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लागू करने के लिए जाना जाता है।
पीएम मोदी ने कैसे दिया था ग्लोबल मैसेज
पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने पहले ही कार्यक्रम से दुनिया को बड़ा संदेश दिया था। उन्होंने अपनी विदेश नीति का ट्रेलर पहले दिन ही दिखा दिया था। शपथ ग्रहण समारोह में सभी सार्क (SAARC) देशों के नेताओं को इनवाइट किया गया था।
इस फैसले ने पूरी दुनिया के मीडिया का ध्यान खींचा था। पड़ोसी देश पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ भी दिल्ली आए थे। किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण में पहली बार किसी पाकिस्तानी नेता की ये उपस्थिति थी।
श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे भी इस भव्य समारोह का हिस्सा बने थे। इसके साथ ही अफगानिस्तान और नेपाल के बड़े नेता भी वहां मौजूद थे।
यह भारत की नेबरहुड फर्स्ट यानी पड़ोसी पहले की नीति की शुरुआत थी। लगभग चार हजार से ज्यादा मेहमान इस पल को लाइव देख रहे थे। इस इवेंट ने साबित कर दिया कि भारत अब ग्लोबल स्टेज पर बड़ी भूमिका निभा सकता है।
मोदी 1.0 (2014-2019): पहले कार्यकाल के बड़े फैसले क्या थे
साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को ऐतिहासिक जीत मिली। इसके बाद नरेंद्र मोदी ने देश के 15वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। सत्ता में आते ही उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को बदलने के लिए जन धन योजना की शुरुआत की।
इसके तहत करोड़ों गरीबों के बैंक खाते खोले गए। साल 2015 में देश को आधुनिक बनाने के लिए डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसे बड़े अभियान शुरू किए गए।
इससे देश में मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिला। साल 2016 की रात को पीएम मोदी ने नोटबंदी का एक बेहद चौंकाने वाला फैसला लिया।
इस फैसले से 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट बंद कर दिए गए थे। इसके बाद साल 2017 में जीएसटी (GST) लागू किया गया, जिससे पूरे देश में एक समान टैक्स सिस्टम बना। इन फैसलों ने भारत के बिजनेस स्ट्रक्चर को पूरी तरह बदल दिया।
मोदी 2.0 (2019-2024): दूसरे कार्यकाल के बड़े फैसले क्या थे
साल 2019 में नरेंद्र मोदी और भी बड़े बहुमत के साथ दोबारा देश के प्रधानमंत्री चुने गए। इस कार्यकाल में सरकार ने कई बड़े और कड़े कानून पारित किए।
अगस्त 2019 में सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए जम्मू-कश्मीर से 'आर्टिकल 370' को पूरी तरह हटा दिया। इसके साथ ही तीन तलाक जैसी कुप्रथा के खिलाफ भी सख्त कानून बना।
इसी कार्यकाल के दौरान देश ने कोरोना जैसी भीषण वैश्विक महामारी का सामना किया। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी खुद की स्वदेशी वैक्सीन बनाई और दुनिया की मदद की।
साल 2024 की शुरुआत में अयोध्या में भव्य राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का ऐतिहासिक कार्य पूरा हुआ। इस इवेंट को पूरे देश और दुनिया में बड़े पैमाने पर देखा गया।
इस कार्यकाल के दौरान भारत में वंदे भारत ट्रेनों का नेटवर्क बढ़ा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड तोड़ काम हुआ। भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भी बन गया।
मोदी 3.0 (2024-2026): तीसरे कार्यकाल में भारत किस दिशा में आगे बढ़ रहा है?
साल 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए (NDA) गठबंधन की जीत के बाद नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। पंडित नेहरू के बाद वे ऐसा करने वाले दूसरे नेता हैं।
सरकार बनते ही मोदी 3.0 के पहले 100 दिनों में 15 लाख करोड़ रुपए के बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही 3 करोड़ नए पक्के घर बनाने का काम शुरू हुआ।
इस कार्यकाल में 70 साल से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों को आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज देने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया।
आज साल 2026 में पीएम मोदी का पूरा फोकस देश को साल 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने पर है। डिजिटल पेमेंट के मामले में भारत आज पूरी दुनिया में सबसे आगे है।
ग्लोबल स्टेज पर भारत की विदेश नीति काफी मजबूत हुई है और पीएम मोदी को दुनिया के कई बड़े देशों ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से भी नवाजा है। आज का भारत तकनीक, रक्षा और व्यापार के क्षेत्र में ग्लोबल लीडर बन रहा है।
Reference Links:
- भारत सरकार का आधिकारिक पीएम प्रोफाइल पोर्टल: PM Modi India Profile
- भारत सरकार की प्रमुख पहलों की आधिकारिक जानकारी: PM India Major Initiatives
- प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) द्वारा मोदी 3.0 के फैसलों की रिपोर्ट: PIB Press Release on Modi 3.0 Achievements
- ब्रिटानिका इनसाइक्लोपीडिया पर नरेंद्र मोदी की विस्तृत जीवनी: Britannica Narendra Modi Biography
26 मई की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 26 मई का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 2 मई (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व और भारत इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 2002: चीन का एक बड़ा यात्री विमान समंदर में क्रैश होकर गिर गया, इस दर्दनाक हादसे में 225 लोगों की मौत हो गई थी।
- 2006: साइंस वर्ल्ड में हुए एक बड़े शोध के मुताबिक खुलासा हुआ कि एड्स (AIDS) का वायरस कैमरून में पाए जाने वाले चिंपैंजियों से फैला है।
- 2007: भारत और जर्मनी ने अपने द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करते हुए एक ऐतिहासिक रक्षा समझौते (Defense Pact) पर दस्तखत किए।
- 2008: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए फसल लोन बीमा की लिमिट 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये की।
- 2008: उत्तर प्रदेश सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए अनाज और खाद्य तेलों (Edible Oils) की स्टॉक सीमा तय करने की अधिसूचना जारी की।
- 2008: नासा का प्रसिद्ध 'फीनिक्स यान' (Phoenix Spacecraft) लाल ग्रह के रहस्य जानने के लिए सफलतापूर्वक मंगल ग्रह की सतह पर उतरा।
- 2008: नेपाल सरकार ने राजशाही के अंत के संकेत देते हुए नरेश ज्ञानेन्द्र के 'नारायणहिती महल' को पूरी तरह प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया।
- 2008: मशहूर कान फिल्म फेस्टिवल में फ्रांसीसी फिल्म 'द क्लास' को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फिल्म के 'पाल्मे डी ओर' पुरस्कार से नवाजा गया।
- 2010: सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए लिव-इन रिलेशनशिप से पैदा हुए बच्चों को माता-पिता की खुद की संपत्ति में हकदार माना।
- 1906: आधुनिक भारतीय मूर्तिकला के जनक और देश के बेहद ख्याति प्राप्त मूर्तिकार रामकिंकर बैज का जन्म हुआ था।
- 1912: मातृभूमि की आजादी के लिए लड़ने वाले देश के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानियों में से एक छगनराज चौपासनी वाला का जन्म हुआ था।
- 1937: दक्षिण भारतीय सिनेमा में अपनी शानदार कॉमेडी के लिए मशहूर दिग्गज तमिल अभिनेत्री मनोरमा का जन्म हुआ था।
- 1940: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सरताज सिंह का जन्म हुआ था।
- 1945: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज राजनेता विलासराव देशमुख का जन्म हुआ था।
- 1946: सूचना के अधिकार (RTI) आंदोलन की नींव रखने वाली देश की मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय का जन्म हुआ था।
- 1983: बीजिंग ओलंपिक में कुश्ती में देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रचने वाले पहलवान सुशील कुमार का जन्म हुआ था।
- 1934: विदेशी धरती पर रहकर भारत की आजादी का बिगुल फूंकने वाले महान क्रांतिकारी चम्पक रमन पिल्लई का निधन हुआ था।
- 1986: हिंदी साहित्य के बेहद मशहूर कथाकार, गीतकार, प्रखर समीक्षक और राजनेता श्रीकांत वर्मा का निधन हुआ था।
- 2017: पंजाब से आतंकवाद का खात्मा करने वाले 'सुपरकॉप' और राज्य के दो बार डीजीपी रहे के. पी. एस. गिल का निधन हुआ था।
- राष्ट्रीय धातु दिवस (National Metallurgists Day): देश के धातु विज्ञान के क्षेत्र में काम करने वाले वैज्ञानिकों और इंजीनियर्स के योगदान को सराहने के लिए यह विशेष दिन मनाया जाता है।
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