साल 1905 में आज ही के दिन कोलकाता से शुरू हुआ था स्वदेशी आंदोलन का इतिहास
Swadeshi Movement 1905: 07 अगस्त 1905 का दिन भारत के इतिहास में बहुत खास है। इस दिन कोलकाता के ऐतिहासिक टाउन हॉल में एक विशाल जनसभा हुई। इस बैठक में हजारों भारतीय एक साथ एकत्र हुए थे। सभी के दिलों में अंग्रेजों के फैसले के खिलाफ भारी गुस्सा था।
इसी मंच से स्वदेशी आंदोलन की औपचारिक घोषणा की गई थी। भारतीय नेताओं ने विदेशी सामान के बहिष्कार का आह्वान किया था। यह केवल एक राजनीतिक विरोध नहीं था।
यह भारत के स्वाभिमान की एक बड़ी शुरुआत थी। अंग्रेजों को आर्थिक चोट देने के लिए यह रणनीति तैयार की गई थी। इस फैसले ने ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिलाकर रख दी।
बंगाल विभाजन की खौफनाक चाल
उस समय भारत के वायसराय लॉर्ड कर्जन थे। कर्जन ने बंगाल को बांटने की एक बड़ी साजिश रची। साल 1905, 16 अक्टूबर को बंगाल का विभाजन लागू कर दिया गया।
अंग्रेजों का तर्क था कि शासन चलाना आसान हो जाएगा। लेकिन असल मकसद भारतीयों की एकता को तोड़ना था। वे हिंदू और मुस्लिम समुदाय को अलग करना चाहते थे।
बंगाल उस समय राष्ट्रीय चेतना का मुख्य केंद्र हुआ करता था। अंग्रेज इस क्रांतिकारी भावना को कुचलना चाहते थे। लेकिन अंग्रेजों का यह दांव पूरी तरह उल्टा पड़ गया। इस फैसले ने पूरे देश को एक साथ जोड़ दिया।
विदेशी सामान का कड़ा बहिष्कार
टाउन हॉल की बैठक के बाद आंदोलन तेजी से फैल गया। लोगों ने विदेशी कपड़ों की दुकानें बंद करवा दीं। सड़कों पर विदेशी सामान की होली जलाई जाने लगी।
मैनचेस्टर के बने कपड़ों का इस्तेमाल बंद कर दिया गया। लिवरपूल के नमक का भी बहिष्कार किया जाने लगा। छात्रों ने अंग्रेजी स्कूलों का बहिष्कार करना शुरू कर दिया।
धोबी भाइयों ने विदेशी कपड़े धोने से साफ मना कर दिया। पुजारियों ने विदेशी चीनी से बनी मिठाइयां लेने से इनकार किया। समाज का हर वर्ग इस आंदोलन से पूरी तरह जुड़ गया। अंग्रेजों को भारत में भारी आर्थिक नुकसान होने लगा।
स्वदेशी उद्योगों की नई शुरुआत
विदेशी सामान के बहिष्कार से भारतीय उद्योगों को नया जीवन मिला। देश में अपने कपड़े और सामान बनने लगे। जमशेदजी टाटा ने टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी की शुरुआत की।
चिदंबरम पिल्लई ने स्वदेशी स्टीम नेविगेशन कंपनी बनाई। आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय ने बंगाल केमिकल्स की स्थापना की। देश भर में स्वदेशी बैंक और बीमा कंपनियां खुलीं। हाथ से बने कपड़ों यानी खादी की मांग अचानक बढ़ गई।
लोग भारतीय सामान खरीदने में गर्व महसूस करने लगे। शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव देखने को मिले। राष्ट्रीय शिक्षा परिषद की स्थापना की गई। तमाम भारतीय विद्यालय और कॉलेज खोले जाने लगे। छात्रों को अपनी भाषा में शिक्षा मिलने लगी।
साहित्य और संस्कृति में क्रांति
स्वदेशी आंदोलन ने भारतीय साहित्य को भी नई दिशा दी। रबींद्रनाथ टैगोर ने आमार शोनार बांग्ला गीत लिखा। यह गीत लोगों के दिलों में देशभक्ति जगाने लगा।
बाद में यही गीत बांग्लादेश का राष्ट्रगान भी बना। चित्रकला के क्षेत्र में अवनींद्रनाथ टैगोर ने नया काम किया। उन्होंने भारत माता का प्रसिद्ध चित्र बनाया।
तमिलनाडु में सुब्रमण्यम भारती ने देशभक्ति के गीत रचे। नाटकों और लोकगीतों के जरिए संदेश फैलाया जाने लगा। स्वदेशी केवल सामान तक सीमित नहीं रहा। यह भारत की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन गया।
आज के समय में स्वदेशी का महत्व
साल 1905 का स्वदेशी आंदोलन आज भी हमें बड़ी सीख देता है। आज का मेक इन इंडिया उसी विचार का आधुनिक रूप है। आत्मनिर्भर भारत का सपना इसी इतिहास से जुड़ा हुआ है।
स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देना आज बहुत जरूरी है। जब हम देश में बने उत्पाद खरीदते हैं, तो अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। हमारे अपने युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलते हैं।
साल 1905 में जो लड़ाई आजादी के लिए शुरू हुई थी, वह आज (स्वदेशी अभियान) आर्थिक मजबूती की लड़ाई है। स्वदेशी को अपनाकर हम भारत को विश्व पटल पर मजबूत बना सकते हैं। यह हर भारतीय का राष्ट्रीय कर्तव्य भी है। स्वदेशी खरीदो
07 अगस्त की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 07 अगस्त का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 07 अगस्त (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व और भारत इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1880: पंडित दुर्गाप्रसाद मिश्र द्वारा 'उचित वक्ता' समाचार पत्र का प्रकाशन शुरू हुआ।
- 1996: अमेरिकी वैज्ञानिकों को 13 हजार वर्ष पुराने उल्कापिंड के अवशेषों से मंगल ग्रह पर एककोशिकीय जीवों की संभावना के सबूत मिले।
- 1998: केन्या और तंजानिया स्थित अमेरिकी दूतावासों पर हुए आतंकवादी हमलों में 200 से अधिक लोगों की मौत हुई।
- 1999: पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारत से दोबारा बातचीत की पेशकश की।
- 2000: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नए कानून पर हस्ताक्षर कर अपनी शक्तियों का विस्तार किया।
- 2003: बगदाद में जॉर्डन दूतावास के बाहर हुए कार बम विस्फोट में 12 लोगों की जान गई।
- 2005: इसराइल के वित्त मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
- 2008: देना बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दरों में बढ़ोतरी की घोषणा की।
- 1702: 14वें मुगल बादशाह मुहम्मदशाह 'रौशन अख्तर' का जन्म हुआ।
- 1871: प्रसिद्ध भारतीय कलाकार और साहित्यकार अवनीन्द्रनाथ ठाकुर का जन्म हुआ।
- 1900: पंजाब के प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ, सैन्य अधिकारी और ज़मींदार मलिक खिज़ार हयात तिवाना का जन्म हुआ।
- 1904: भारत के प्रसिद्ध विद्वान वासुदेव शरण अग्रवाल का जन्म हुआ।
- 1907: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन्द्र लाल सिंह का जन्म हुआ।
- 1925: भारत में 'हरित क्रांति' के जनक और प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक एम. एस. स्वामीनाथन का जन्म हुआ।
- 1955: ख्यातिप्राप्त भारतीय पार्श्व गायक सुरेश वाडेकर का जन्म हुआ।
- 1941: नोबेल पुरस्कार विजेता और महान भारतीय कवि व लेखक रबीन्द्रनाथ टैगोर का निधन हुआ।
- 1974: प्रसिद्ध अमेरिकी प्रसूति एनेस्थेटिस्ट वर्जीनिया एपगर का निधन हुआ।
- 1976: चौथी लोकसभा के सदस्य पी. सी. अदिचन का निधन हुआ।
- 2009: हिंदी फिल्मों के मशहूर गीतकार गुलशन बावरा का निधन हुआ।
- 2011: द्वितीय विश्व युद्ध की प्रसिद्ध महिला लड़ाके नैंसी वेक का निधन हुआ।
- 2018: तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज राजनेता एम. करुणानिधि का निधन हुआ।
- विश्व स्तनपान दिवस (सप्ताह): माताओं और शिशुओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है।
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