ब्रिटेन को पछाड़कर भारत दुनिया की टॉप-5 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल, UK में 4 दशकों में सबसे तेज महंगाई होने से हालत पतली
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ब्रिटेन को पछाड़कर भारत दुनिया की टॉप-5 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल, UK में 4 दशकों में सबसे तेज महंगाई होने से हालत पतली

Atul Tiwari
03,सितम्बर 2022, (अपडेटेड 03,सितम्बर 2022 12:27 PM IST)

NEW DELHI. अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर भारत को बड़ी सफलता मिली है। ब्रिटेन को पछाड़कर भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। वहीं, ब्रिटेन पांचवें पायदान से फिसलकर छठे नंबर पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के मुताबिक, भारत 2021 के आखिरी 3 महीने में ब्रिटेन से आगे निकला। GDP के आंकड़ों में भारत यह बढ़त 2022-23 के फाइनेंशियल ईयर में भी बनाए रखे हुए है। भारत की अर्थव्यवस्था 854.7 अरब डॉलर तो इसी अवधि में ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था 816 अरब डॉलर रही।

ब्रिटेन इस वक्त जीवन-यापन की लागत बढ़ने की वजह से मुश्किल दौर से गुजर रहा है, ऐसे में उसका छठे नंबर पर फिसलना सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। कभी ब्रिटिश उपनिवेश रहा भारत 2021 के आखिरी महीनों में ब्रिटेन को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया।

भारत की 11वें स् 5वें स्थान की छलांग


रोजमर्रा की चीजें महंगी होने से ब्रिटेन ने पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने का तमगा खो दिया। दूसरी ओर, भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार बढ़ रही है। एक दशक पहले भारत सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में 11वें स्थान पर था, जबकि यूके 5वें स्थान पर था। दरअसल, ब्रिटेन चार दशकों में सबसे तेज इन्फ्लेशन (महंगाई) और मंदी के बढ़ते रिस्क का सामना कर रहा है। बैंक ऑफ इंग्लैंड ने अनुमान जताया है कि यह स्थिति 2024 तक रहेगी। दूसरी तरफ, भारतीय अर्थव्यवस्था के इस वर्ष 7% की दर से बढ़ने का अनुमान है। ब्रिटेन में कंजरवेटिव पार्टी के सदस्य जल्द ही प्रधानमंत्री चुनेंगे। आर्थिक मोर्चे पर ब्रिटेन का फिसलना वहां की आने वाली नई सरकार के लिए जोरदार झटका है। ऐसे में नई सरकार के लिए महंगाई और सुस्त अर्थव्यवस्था सबसे बड़ी चुनौती होगी।

जून 2022 की तिमाही में भी भारत आगे

हाल ही में जारी पहली तिमाही के जीडीपी के आंकड़ों के अनुसार, जून 2022 तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ने 13.5% की दर से वृद्धि की। तमाम अनुमान भी भारत से इसी तरह के आंकड़े की उम्मीद कर रहे थे। जून तिमाही के दौरान अमेरिकी जीडीपी में 0.6% की गिरावट आई। इससे पहले मार्च तिमाही में अमेरिकी इकोनॉमी का साइज 1.6% कम हो गया था। 

भारतीय इकोनॉमी में लगातार बढ़त 

इससे पहले वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में भारत की जीडीपी 4.1% की दर से बढ़ी थी। पूरे वित्त वर्ष की बात करें तो 2021-22 के दौरान जीडीपी की ग्रोथ रेट 8.7% रही थी। नेशनल स्टैटिस्टिकल ऑफिस (NSO) के आंकड़ों के अनुसार, जून 2022 तिमाही में भारतीय इकोनॉमी की ग्रोथ रेट 13.5 फीसदी रही थी।

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