SEBI ने किया बड़ा फैसला, Demat Account वालों को मिलेगी बड़ी राहत

Dolly patil | May 14, 2024, 10:05 IST
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अब अगले कुछ महीनों में निवेशकों को एक खास सुविधा मिल सकती है। क्लियरिंग कॉर्पोरेशन बेचे गए शेयर या बॉन्ड की रकम सीधे निवेशकों के डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर सकता है।

अगर आप का भी Demat Account है , तो आप जानते होंगे कि शेयर या बॉन्ड का पैसा पहले ब्रोकर के खाते में भेजा जाता है, फिर वो ब्रोकर अपना कमीशन निकलता है, जिसके कारण लगभग आधे पैसे निवेशकों तक पहुंचते ही नहीं हैं , लेकिन अब अगले कुछ महीनों में निवेशकों को एक खास सुविधा मिल सकती है। क्लियरिंग कॉर्पोरेशन ( Clearing Corporation )बेचे गए शेयर या बॉन्ड की रकम सीधे निवेशकों के डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर सकता है।



सेबी ( SEBI ) ने एक प्रस्ताव में कहा कि परिचालन दक्षता ( operating efficiency ) और क्लाइंटों की प्रतिभूतियों ( securities ) को लेकर जोखिम कम करने के लिए निवेशकों के खाते में सीधे प्रतिभूतियों की बिक्री की रकम डालने की प्रक्रिया पर विचार चल रहा है। हालांकि बाजार नियामक ने इस पर 30 मई तक टिप्पणियां मांगी हैं।



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डीमैट खाते अप्रैल में 15 करोड़ के पार


डीमैट अकाउंट्स की संख्या पहली बार मार्च में ही 15 करोड़ के आंकड़े के पार चली गई। दरअसल शेयर व अन्य प्रतिभूतियों को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मेट में रखने के लिए ये खाता जरूरी है। हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद भी मार्च में 31 लाख नए डीमैट खाते जुड़े और कुल डीमैट खातों की संख्या 15 करोड़ के पार हो गई। भारतीय परिवार सीधे तौर पर इक्विटी में निवेश कर रहे हैं। 2024 में करीब 3.7 करोड़ नए डीमैट खाते जुड़े हैं। ये एक वित्त वर्ष में सबसे ज्यादा नए खातों का आंकड़ा हैं। हालांकि पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले इसमें 32 फीसदी की बढ़ोतरी भी हुई है। इसी के साथ 2024 के दौरान बेंचमार्क निफ्टी-50 इंडेक्स ने 29 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की, जो कोविड प्रभावित 2021 के बाद का सबसे अच्छा आंकड़ा है।



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डीमैट अकाउंट क्या है ?


डीमैट अकाउंट एक बैंक अकाउंट की तरह है, जिसमें आप शेयर सर्टिफिकेट और अन्य सिक्योरिटीज को इलेक्ट्रॉनिक फार्म में रख सकते हैं। डीमैट अकाउंट का मतलब डिमैटेरियलाइजेशन अकाउंट होता है। इसमें शेयर, बॉन्ड्स, गवर्नमेंट सिक्योरिटीज , म्यूचुअल फंड, इंश्योरेंस और ईटीएफ जैसे इन्वेस्टमेंट को रखने की प्रक्रिया आसान हो जाती है। हालांकि इस अकाउंट के माध्यम से शेयरों और संबंधित डॉक्युमेंट्स के रखरखाव की परेशानियों दूर हो जाती हैं।



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