रायपुर का आबकारी विभाग नियमों का पालन कराने में असमर्थ? खुले आम चल रहे अहाता सेंटर..

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रायपुर का आबकारी विभाग नियमों का पालन कराने में असमर्थ? खुले आम चल रहे अहाता सेंटर..

Raipur. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार शराबबंदी को लेकर काफी रिसर्च कर रही है। प्रदेश में शराबबंदी और सियासत की बयानबाजी हमेशा सुर्खियों में रहती है। वहीं विपक्ष भी लगातार शराबबंदी के मुद्दे को बुनाने की कोशिश करती है। लेकिन बात करें आबकारी विभाग की तो यहां सबकुछ ठीक नहीं है। विभाग हर क्षेत्र में कड़ी नजर तो रखता है पर नियमों का पालन नहीं करा पा रहा है। हालात ये हैं कि नियमों के उल्लघंन पर कोई कड़ी कार्रवाई भी विभाग की तरफ से नहीं दिख रही है। आने वाले समय में चुनाव के कारण विभाग ने बाहर से तो सब ठीक ठाक रखा है लेकिन अंदर से नियमों को दरकिनार करना लकड़ी में लगे दीमक की तरह विभाग को खोखला करता जा रहा है। जहां एक ओर छत्तीसगढ़ सरकार ने अहाता पर रोक लगाई है। वहीं आबकारी विभाग की नाक नीचे ही अहाताओं का संचालन किया जा रहा है। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि  हर छोटे-बड़े अधिकारी राउंड पर निकलते हैं तो क्या उन्हे अहाता नहीं दिखता? और अगर दिखता है तो वह उसपर कार्रवाई क्यों नहीं करते? 



राजधानी रायपुर में यहां हो रहा अहाता का संचालन 



सरकार ने शराब दुकानों में चल रहे अहातों पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद शहर के 15 से ज्यादा शराब दुकानों के परिसर में अहाता दिनदहाड़े कारोबार कर रहा है। रायपुर शहर के भाटागांव, लाभांठीह, काठाडीह, मोवा, एमजी रोड, टाटीबंध, गंजपारा जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में अहाता का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा शहर के बाहरी इलाकों में भी अहाता संचालन जोरो से किया जा रहा है। इसके अलावा विभाग अहाता संचालन पर सरकार की तरफ से रोक लगाकर रखने का दावा करता है।



क्या कहते हैं नियम?



आबकारी नियमों के मुताबिक चखना सेंटर शराब दुकान से 50 मीटर से कम दूरी पर नहीं होने चाहिए। विभाग के वर्ष 2021-22 के नियम के अहाता संचालन के लिए प्रति अहाता 2 लाख रुपए शुल्क की तरह लेने का प्रस्ताव था। लेकिन कोरोना के प्रभाव के कारण अब तक इस व्यवस्था को लागू नहीं किया जा सका है। वहीं शराब दुकानों से 500 मीटर तक के दायरे में किसी भी तरह का खाद्य पदार्थ के ठेले को प्रतिबंधित किया जाना भी नियम में है। वर्ष 2022- 23 की आबकारी नीति में अहाता संचालन करने के लिए लाइसेंस प्रदान करने की प्रक्रिया और प्रावधान नहीं है। वहीं पॉलिटिकल सपोर्ट से कुछ लोग शराब दुकानों के बगल में धड़ल्ले से अहाते संचालित कर रहे हैं और अहाते से हर महीने लाखों रुपए की अवैध कमाई कर रहे हैं।




क्या कहते हैं विभाग के अधिकारी?



आबकारी विभाग रायपुर के उपायुक्त अरविंद पटले का कहना है कि शहर के शराब दुकानों में अहाता संचालित नहीं हैं, विभाग ने किसी भी व्यक्ति या लोगों को अहाता संचालित करने के लिए लाइसेंस नहीं दिया है। जहां भी अहाता संचालन की जानकारी मिलती है, विभाग वहां कड़ी कार्रवाई करता है। 


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