नई दिल्ली. कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं को लेकर केंद्र सरकार सतर्क है। सरकार ने तीसरी लहर (corna third wave) की मौजूदा स्थिति पर चर्चा के लिए अहम बैठक बुलाई है। जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी (PM modi) की अगुवाई में होने वाली इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्रालय, कैबिनेट सचिव और नीति आयोग भी शामिल होगा। इसके साथ ही बैठक में महामारी से निपटने के लिए अब तक के प्रयासों का रिव्यू होगा।
बच्चों में वैक्सीन नहीं लगने से खतरा
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट (NIDM) तीसरी लहर की चेतावानियों पर अध्ययन कर एक रिपोर्ट पीएमओ को भेजी है। जिसके मुताबिक तीसरी लहर का पीक अक्टूबर में हो सकता है। साथ ही यह भी कहा गया है कि इस बात के पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले हैं कि बच्चों पर इस वायरस का असर ज्यादा होगा। लेकिन वैक्सीन (vaccine) की डोज नहीं लगने के कारण बच्चों में खतरा बढ़ सकता है।
तीसरी लहर न आने का दावा
आईआईटी कानपुर (IIT kanpur) के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल ने दावा किया है कि देश में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका अब नहीं के बराबर है। प्रोफेसर अग्रवाल ने कहा कि इसके पीछे वजह बड़ी संख्या में वैक्सीन लगना है। उनका यह दावा मैथमैटिकल मॉडल पर आधारित है। अग्रवाल ने कहा कि अक्टूबर तक देश में कोरोना संक्रमण के एक्टिव केस 15 हजार के करीब ही रह जाएंगे।