नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर से 10 किलो सोना चोरी, जलहरी के रूप में भगवान शिव को चढ़ाया गया था 108 किलो गोल्ड

author-image
Rahul Garhwal
एडिट
New Update
नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर से 10 किलो सोना चोरी, जलहरी के रूप में भगवान शिव को चढ़ाया गया था 108 किलो गोल्ड

इंटरनेशनल डेस्क. नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर से 10 किलो सोना चोरी हो गया है। भगवान शिव को जलहरी के रूप में 108 किलो सोना चढ़ाया गया था। इसमें से 10 किलो सोना गायब हो गया है। 25 जून की दोपहर को मंदिर पहुंचे भक्त हैरान रह गए थे। मंदिर में अफरातफरी का महौल था। नेपाल आर्मी, पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स के जवान लोगों को मंदिर से बाहर निकाल रहे थे।



जांच के लिए बंद कर दिया गया मंदिर



सोना चोरी होने के बाद पशुपतिनाथ मंदिर को बंद कर दिया गया, ताकि जांच हो सके। नेपाल में करप्शन की जांच एजेंसी CIAA ने मंदिर में एंट्री ली। उनके साथ सोना और चांदी विक्रेता संघ और खान और भूविज्ञान डिपार्टमेंट के लोग भी थे।



सोना चोरी हुआ या मंदिर में पहुंचा ही नहीं ?



2021 में पशुपतिनाथ मंदिर में जलहरी के रूप में भगवान शिव को 108 किलो सोना चढ़ाया गया था। इसमें से 10 किलो सोना गायब हो गया है। सवाल ये उठता है कि क्या सोना चोरी हुआ या वो 10 किलो सोना मंदिर में पहुंचा ही नहीं था।



नेपाल की संसद में उठा था मुद्दा



सोने की चोरी का मामला सबसे पहले नेपाल की संसद से शुरू हुआ था। यहां भगवान शिव को जलहरी के रूप में चढ़ाए गए 108 किलो सोने में से 10 किलो सोना चोरी होने का मुद्दा उठा था। नेपाल में इस मामले के तूल पकड़ने के बाद सरकार ने करप्शन की जांच करने वाली एजेंसी CIAA को इसकी जांच की जिम्मेदारी सौंप दी थी। CIAA और बाकी एजेंसी के लोग 25 जून को मंदिर पहुंचे थे। सोने का वजन और उसकी गुणवत्ता चेक करने के लिए जांच एजेंसी सोने की जलहरी को अपने साथ ले गई। अब इसकी रिपोर्ट आना बाकी है।



पशुपति क्षेत्र विकास ट्रस्ट के सचिव ने क्या कहा ?



पशुपति क्षेत्र विकास ट्रस्ट के सचिव मिलन कुमार थापा मंदिर से सोना गायब होने की बात से साफ इनकार कर रहे हैं। अब सोना चोरी हुआ है या सोने का गबन हुआ है इसका पता तो CIAA की जांच रिपोर्ट के बाद ही चलेगा।



ये खबर भी पढ़िए..



मणिपुर में हिंसा को लेकर सर्वदलीय बैठक के बाद अमित शाह ने की पीएम मोदी से मुलाकात, दी पूरी जानकारी, सीएम बीरेन सिंह से भी मिले



पढ़िए जलहरी की कहानी



25 जनवरी 2021 को नेपाल के पीएम के पी शर्मा ओली ने पशुपतिनाथ मंदिर में मौजूद शिवलिंग पर सोने की जलहरी लगाने के लिए 30 करोड़ रुपए सेंशन किए थे। संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय की ओर से ये पैसा कुछ ही दिनों में मंदिर को सेंक्शन कर दिया गया जिसके बाद सोने की जलहरी बनाने का काम शुरू हो गया था। सोने की जलहरी शिवलिंग पर चढ़ाई जाती, इससे पहले ही नरोत्तम बैध्य और वकील निकिता ढुंगाना ने इतना सोना मंदिर में चढ़ाए जाने के खिलाफ नेपाल की सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर दी, लेकिन 24 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले ही नेपाल के पूर्व राष्ट्रपति बिध्या देवी भंडारी ने आनन-फानन में अधूरी बनी जलहरी को ही शिवलिंग पर अर्पण कर दिया। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उसी दिन जलहरी की इंस्टॉलेशन पर रोक लगा दी। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर आने से पहले अधूरी जलहरी को भोलेनाथ को अर्पण किया गया था तो जो शिवलिंग के नीचे 10 किलो के सोने का एक बेस लगाया जाना था वो काम अधूरा ही रह गया। ये जलहरी नट-बोल्ट और कीलों की मदद से इस्टॉल की गई थी तो भक्तों ने इस सोने के चढ़ावे में गबन होने की बात उठानी शुरू कर दी।


Nepal Pashupatinath Temple gold stolen from Pashupatinath temple 10 kg gold stolen from Pashupatinath temple 108 kg gold was offered as Jalhari नेपाल पशुपतिनाथ मंदिर पशुपतिनाथ मंदिर से सोना चोरी पशुपतिनाथ मंदिर से 10 किलो सोना चोरी जलहरी के रूप में चढ़ा था 108 किलो सोना
Advertisment