/sootr/media/post_banners/e859c18c0a033f386bbd2a623a3a1fda97afe5370dda3c40ba68467dfd5dade8.jpg)
New Delhi. कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूडो खालिस्तानियों से दोस्ती निभाने में जुटे हैं, वहीं उनका देश अब भूखमरी की कगार पर पहुंचने लगा है। भीषण मंदी का दौर शुरू हो चुका है। खाने-पीने की समस्या बढ़ गई है। 70 लाख से अधिक लोग गरीबी में जी रहे हैं। फूड बैंक्स कनाडा की रिपोर्ट के मुताबिक 18% जनसंख्या खाद्य संकट से पीड़ित है। नोवा स्कोशिया राज्य में स्थिति सबसे खराब है, जहां लोगों के पास खाने को कुछ नहीं है। फूड बैंक्स के सीईओ के अनुसार, कनाडा सरकार गरीबी को दूर करने में विफल रही है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कनाडा के लोग अपने घर के लिए अधिकतम इनकम का 30% खर्च कर रहे हैं।
भारत से दोस्ती बिगड़ी, रिपोर्ट से खुली कनाडा की पोल
खालिस्तान के लिए उनका प्रेम ऐसा है कि वो न तो अपना घर संभाल पा रहे हैं और न ही मित्र देशों से दोस्ती निभा पा रहे हैं। जो भारत कनाडा का मित्र राष्ट्र हुआ करता था आज उनसे खुद इस दोस्ती के रिश्ते में दरार डाल दी है। खालिस्तान को लेकर कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का ये प्रेम अब उनपर ही भारी भर रहा है। ताजा रिपोर्ट ट्रूडो की टेंशन बढ़ा देगी। इस रिपोर्ट ने कनाडा की पोल दुनियाभर के सामने खोल दी है।
भुखमरी के कगार पर कनाडा
कनाडा फूड बैंक ने अपनी रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, कनाडा के लगभग 70 लाख लोगों के पास खाने-पीने का संकट है। 42 फीसदी से अधिक आबादी पिछले साल की तुलना में आर्थिक तौर से कमजोर हुई है। कनाडा के 18 फीसदी लोग फूड इनसिक्योरिटीज से जूझ रहे हैं।
गरीबी में जी रहे कनाडाई लोग
फूड बैंक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कनाडा के 28 लाख कनाडाई गरीबी रेखा से नीचे जी रहे हैं। कनाडा के लोगों के सामने भुखमरी, बेरोजगारी का संकट मंडरा रहा है। वहां गरीबी, भुखमरी और बेरोजगारी के आंकड़ों में बीते कुछ सालों में बड़ा उछाल आया है। फूड बैंक्स कनाडा ने अपनी रिपोर्ट में कई ऐसे खुलासे किए हैं, जो हैरान करने वाले हैं। एक तरफ वहां के पीएम जस्टिन ट्रूडो खालिस्तानियों से दोस्ती निभाने में जुटे हैं तो वहीं दूसरी ओर देश के लोगों की हालात खराब होती जा रही है।
गरीबी, भूखमरी, बेरोजगारी के मामले में कनाडा को डी प्लस की रैंकिंग
कनाडा में 28 लाख लोग गरीबी में जी रहे है। 70 लाख से अधिक लोगों के पास खाने-पीने का संकट है। कनाडा के स्टेट नोवा स्कोशिया की हालात सबसे ज्यादा खराब है। फूड बैंक कनाडा के सीईओ कर्स्टन बियर्डस्ले ने कहा कि कनाडा की सरकार गरीबी से निपटने में पूरी तरह से फेल रही है। अपनी रिपोर्ट में फूड बैंक्स ने ट्रूडो सरकार की तुलना पिछले चार सरकारों से की है। रिपोर्ट के मुताबिक कनाडा के लोगों को अपने घर के लिए अपनी इनकम का 30 फीसदी से अधिक खर्च करना पड़ रहा है। जिसकी वजह से इस कैटेगरी में कनाडा को डी रैंक दिया गया है। रिपोर्ट में फूड बैंक ने गरीबी, भूखमरी, बेरोजगारी के मामले में कनाडा को डी प्लस की रैंकिंग दी है।
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us