महंगाई पर मंथन आज से, बढ़ेगी लोन की ईएमआई या मिलेगी राहत? आरबीआई करने जा रहा है बड़ा फैसला

author-image
Pratibha Rana
एडिट
New Update
महंगाई पर मंथन आज से, बढ़ेगी लोन की ईएमआई या मिलेगी राहत? आरबीआई करने जा रहा है बड़ा फैसला

New Delhi. अभी श्राद्ध पक्ष चल रहा है और इसके बाद त्योहारी सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) बड़ी राहत देने की तैयारी में है। महंगाई पर मंथन करने को आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक आज (5 अक्टूबर) से शुरू होने जा रही है। इसमें केंद्रीय बैंक के तय दायरे से ऊपर बनी महंगाई दर, जीडीपी ग्रोथ समेत अन्य कई मुद्दों पर मंथन होगा। इस दौरान लिए गए फैसलों का ऐलान 6 अक्टूबर को किया जाएगा। बैठक आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में होगी।

बैठक पर लोन की ईएमआई भरने वालों की नजर

होम, वाहन समेत कई प्रकार के लोन लेने वाले ग्राहकों की आरबीआई की बैठक पर सबसे ज्यादा नजर रहती है। महंगाई को कम करने के लिए आरबीआई द्वारा रेपो रेट में किए जाने वाले बदलाव का सीधा असर उसकी ईएमआई पर पड़ता है। अगर रेपो रेट में बढ़ोतरी होती है तो फिर उनकी जेब का सीधा बोझ बढ़ जाता है। हालांकि, इस बार क्या फैसला लिया जाता है ये तो 6 अक्टूबर को ही सामने आ पाएगा। सूत्रों के अनुसार, पिछली एमपीसी बैठक की तरह ही इस बार भी रिजर्व बैंक रेपो रेट को स्थिर रखने का फैसला कर सकता है। बता दें कि आरबीआई की एमपीसी की बैठक हर 2 महीने में होती है और 3 दिन तक चलती है।

आरबीआई का लक्ष्य : को 2 से 6% के दायरे में रहे महंगाई दर

देश में महंगाई की बात करें तो ये फिलहाल भारतीय रिजर्व बैंक के तय किए गए दायरे से बाहर बनी हुई है। भले ही इसमें जुलाई 2023 की तुलना में अगस्त महीने में गिरावट देखने को मिली थी। मालूम हो, जुलाई महीने में खुदरा महंगाई दर (सीपीआई) 7.44 फीसदी के स्तर पर थी, जो अगस्त महीने में घटकर 6.83 फीसदी पर आ गई थी, लेकिन आरबीआई के दायरे की बात करें तो केंद्रीय बैंक ने देश में महंगाई दर को 2 से 6 फीसदी के दायरे में रखने का लक्ष्य तय किया है।

खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर में गिरावट रही

जुलाई के मुकाबले अगस्त महीने में रिटेल महंगाई कम होने में सबसे बड़ा हाथ खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर में आई गिरावट का रहा था। ये 10 फीसदी के नीचे 9.94 फीसदी पर आ गई है, जो जुलाई में 11.51 फीसदी रही थी। इससे बाजार पर सीधा असर देखा गया है। ऐसे में संभावना है कि यह पूर्व की तरह कायम रह सकती है।

लगातर चौथी बार रेपो रेट स्थिर रहने की संभावना

वर्तमान में देश में पॉलिसी रेट या रेपो रेट 6.50 फीसदी है। विश्लेषक उम्मीद जता रहे हैं कि इस बार भी रेपो रेट में इजाफा होने की संभावना कम है यानी आरबीआई लगातार चौथी बार रेपो रेट को स्थिर रख सकता है। बीते साल केंद्रीय बैंक ने चरम पर पहुंची महंगाई दर को काबू में करने के लिए एक के बाद कई बार इस दर में बढ़ोतरी की थी। मई 2022 में रेपो रेट 4 फीसदी पर था, जो फरवरी 2023 आते-आते 6.50 फीसदी पर पहुंच गया था, हालांकि इसके बाद से यह यथावत रखा गया है।

कच्चे तेल की कीमतों का दिख सकता है असर

आज से शुरू हो रही एमपीसी की बैठक में महंगाई और जीडीपी ग्रोथ के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में हो रहे इजाफे को लेकर भी गहन विचार-विमर्श हो सकता है। कच्चे तेल की कीमतें 10 महीनों के उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं, वहीं अमेरिका में आने वाले समय में पॉलिसी रेट को लेकर फेड रिजर्व के सख्त रुख को लेकर भी मंथन होगा।

आरबीआई की बैठक monetary policy review meeting RBI brainstorming from today inflation will decrease home and auto loans cheaper RBI meeting मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक आरबीआई का मंथन आज से महंगाई घटेगी होम और ऑटो लोन सस्ते होने की संभावना
Advertisment