सैफई मेडिकल कॉलेज का लालची डॉक्टर गिरफ्तार, 600 से ज्यादा मरीजों को लगाया डुप्लीकेट पेसमेकर, अब तक 200 की मौत, जानें पूरा मामला

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Vikram Jain
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सैफई मेडिकल कॉलेज का लालची डॉक्टर गिरफ्तार, 600 से ज्यादा मरीजों को लगाया डुप्लीकेट पेसमेकर, अब तक 200 की मौत, जानें पूरा मामला

LUCKNOW.भगवान का दूसरा रूप कहे जाने वाले एक डॉक्टर ने चंद रुपयों के लालच में 200 मरीजों को मौत की नींद सुला दिया। यह अनोखा मामला यूपी के इटावा से सामने आया है। यहां सैफई मेडिकल यूनिविर्सटी के हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. समीर सराफ ने मरीजों से ज्यादा पैसे लेकर सस्ता और नकली पेसमेकर लगाए। आरोप है कि यूनिवर्सिटी में करीब 600 मरीजों को ये पेसमेकर लगाए गए जिसमें 200 से ज्यादा मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया। अब मामले में पुलिस की जांच में इसका खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। शिकायत के पौने दो साल तक चली जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की गई। मामसे में शासन ने आरोपी डॉक्टर को 2021 में निलंबित कर दिया था।

जानें क्या पूरा मामला

सैफई मेडिकल यूनिविर्सटी के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. समीर सर्राफ पर मरीजों को सस्ता और डुप्लीकेट पेसमेकर लगाने सहित वित्तीय अनियमितता का आरोप 2021 में लगा था। 2017 से 2021 के बीच मेडिकल यूनिवर्सिटी में दिल के एक हजार से अधिक मरीज आए। 600 से ज्यादा मरीजों को पेसमेकर लगाए गए। पेसमेकर लगाने की सलाह डॉ. समीर ने दी और खुद ने ही लगाए। 600 से अधिक मरीजों को डुप्लीकेट पेसमेकर लगाया है। जिसकी कीमत भी दो गुने से ज्यादा वसूली गई है। इसे लगवाने वाले कई मरीजों को दिक्कतें हुईं तो दूसरी जगह जांच कराई। लेकिन यह दो महीने में ही खराब हो गया जिसके कारण अभी तक 200 मरीजों की मौत हो गई है।

रोगियों ने शिकायत के बाद मामले में हुई जांच

रोगियों ने शिकायत के बाद तत्कालीन कुलपति डॉ. राजकुमार ने जांच कराई। मरीज की शिकायत पर संस्थान ने कमेटी का गठन कर जांच करवाई तो भ्रष्टाचार के मामले खुलकर सामने आए। कमेटी ने जांच रिपोर्ट दी तो कुलपति ने कुलसचिव को रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा लेकिन टालमटोल की जाती रही। बाद में कमेटी के चेयरमेन रहे डॉ. आदेश को ही निर्देश दिए गए कि एफआईआर दर्ज कराएं। इसके बाद कार्रवाई तेज हुई।

2021 में डॉ. समीर सर्राफ को किया था सस्पेंड

प्रारंभिक पड़ताल में पता चला कि जिस क्वालिटी के पेसमेकर का पैसा चार्ज किया गया था वह न लगाकर सस्ते लगाए गए। एक फर्म से साठगांठ कर कम दामों पर खरीदे गए। मामला सही पाए जाने पर कुलपति ने तत्कालीन सीएमएस डॉ. आदेश को रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। साथ ही मामले में कुलपति प्रो. डॉ. राजकुमार ने 20 मार्च, 2021 को समीर सर्राफ को सस्पेंड कर दिया था। मामले को लेकर शासन ने एक जांच कमेटी बनाकर रिपोर्ट देने को कहा था।

सैफई मेडिकल यूनिविर्सटी में मरीजों से ज्यादा पैसे लेकर सस्ते पेसमेकर लगाने के आरोपी हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. समीर सराफ को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। शिकायत के पौने दो साल तक चली जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की गई। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट में पेश करने के लिए पुलिस डॉक्टर को लखनऊ ले गई।

डॉक्टर पर विदेशों में मेडिकल इक्विपमेंट को गलत तरीके से बेचने का भी आरोप है। जिसमें 2-3 करोड़ रुपए का घोटाला होने की बात सामने आ रही है। कमेटी की रिपोर्ट में समीर के सहयोगियों का भी जिक्र है। हालांकि सहयोग करने वालों में कौन-कौन शामिल है और अब तक उन पर एक्शन क्यों नहीं लिया गया ये एक सवाल बना हुआ है। डॉ. समीर सराफ घटिया पेसमेकर लगाने का काम कई साल से काम कर रहे थे। इसका मामला तब खुला जब अस्पताल में चिकित्सीय सामग्री होने के बाद एक करोड़ की खरीद का प्रस्ताव भेजा गया। इसकी जांच शुरू हुयी तभी मरीजों से अधिक पैसे लेकर कम पैसे वाला पेसमेकर लगाने की शिकायत आ गई। इसके बाद दोनों मामले सामने आने के बाद कमेटी बनाकर जांच शुरू कराई गई। पांच सदस्यीय कमेटी तब के सीएमएस डॉ. आदेश कुमार की अध्यक्षता में बनाई।

सीओ सैफई कर रहे मामले में जांच

मामले में SSP संजय कुमार वर्मा ने बताया, एक सप्ताह पहले समीर सर्राफ पर शासन से मुकदमा चलाने और गिरफ्तारी की इजाजत मिल गई थी। सीओ सैफई नागेंद्र चौबे ने डॉ. समीर को गिरफ्तार किया है। नागेंद्र चौबे इस मामले की जांच भी कर रहे हैं।

पढ़िए क्या होता है पेसमेकर

मरीज की दिल की धड़कन असामान्य होने पर पेसमेकर लगाया जाता है। पेसमेकर को चलाने के लिए बैटरी लगी होती है। यह धड़कनों को रेग्युलेट करने का काम करता है। जब दिल काम करना कम कर देता है। इससे धड़कन बहुत धीमी हो जाती हैं। कई बार धड़कन बहुत धीमी या तेज हो जाती हैं। सांस फूलने, चक्कर आना, बेहोश होने समेत अन्य लक्षण देखने को मिलते हैं। इससे हार्ट की दीवारें कमजोर हो जाती हैं। हार्ट वीक होने पर हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे हालात में पेसमेकर लगाया जाता है। पेसमेकर लगाने में तीन से पांच लाख तक का खर्च आता है।

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