Punjab. वो कहते हैं न कि सपने (dreams) वो नहीं होते जो हम नींद में देखते हैं, सपने वो होते हैं जो हमें सोने नहीं देते। अपने लक्ष्य के लिए कड़ी मेहनत करना और उसे हासिल करना खुद में ही एक बड़ी बात है। ऐसा ही कुछ देखने को मिला पंजाब (punjab) में। दरअसल पंजाब के मुक्तसर के बैकवाटर से रहने वाली मनजीत कौर (Manjeet Kaur), खुशरूप कौर (Khushroop Kaur) भारत और पंजाब की पहली मां-बेटी की जोड़ी हैं, जिन्हें किसी अन्य देश की वायुसेना में सेवा देने का मौका मिला। वे ऑस्ट्रेलिया (Australia) की वायु सेना में सेवाएं देंगी। बेटी खुशरूप की ट्रेनिंग सिडनी के न्यू साउथ वेल्स में आरएएएफ के वाग्गा बेस में होगी।
अधिकारी के रूप में हुई भर्ती
महज 20 साल की खुशरूप कौर संधू का रॉयल ऑस्ट्रेलियाई वायु सेना (आरएएएफ) में एक अधिकारी के रूप में पदस्थ हुई हैं। ये उपलब्धि खुशरूप की मां मंजीत कौर के आरएएएफ (RAAF)द्वारा चुने जाने के पांच साल बाद आई हैं। वे हाल ही में उत्तरी क्षेत्र (NT) में डार्विन एयरबेस में RAAF के मेडिकल विंग में एक एयरक्राफ्टवुमन के रूप में काम कर रही हैं।
परिवार के लिए दोहरी खुशी
सूत्रों के मुताबिक खुशरूप के मामा गुरसाहब सिंह (Gursaheb Singh)ने बताया कि ये उन्हें अपनी भतीजी पर बहुत गर्व है। परिवार के लिए ये दोहरी खुशी की बात है। आगे उन्होंने बताया कि मुझे वो दिन याद है जब 2002 में खुशरूप पैदा हुई थी, मैं सबको मिठाई बांट रहा था। मंजीत और खुशरूप पंजाब की पहली मां-बेटी की जोड़ी हैं, जिन्हें किसी अन्य देश की वायु सेना में सेवा करने का मौका मिला है। उन्होंने भारत का तो नाम रोशन किया लेकिन इसके साथ ही दूसरों के लिए एक मिसाल भी कायम की।
खुशरूप के दादा ने ये कहा
वहीं इस खुशी के बाद खुशरूप के दादा परमजीत कौर (Paramjit Kaur) का कहना है कि हमें लड़कियों को लड़कों से कम नहीं समझना चाहिए। आगे उन्होंने बताया कि हमने अपने परिवार की महिलाओं को कभी भी कुछ भी करने से नहीं रोका है और न ही आगे कभी रोकेंगे।
2013 में मिला ऑस्ट्रेलियाई पीआर
मंजीत के पति रूप सिंह संधू (Roop Singh Sandhu) भी एक ऑस्ट्रेलियाई सरकारी कर्मचारी हैं। मंजीत और रूप सिंह 2009 में स्टडी वीजा पर ऑस्ट्रेलिया चले गए थे। 2013 में उन्हें ऑस्ट्रेलियाई पीआर मिला। इसके बाद वे अपनी दो बेटियों को भी साथ ले गए।