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SHIVPURI. सरकार कुपोषित बच्चों को लेकर बेहद गंभीर है। ऐसे बच्चों को बेहतर खानपान देने और इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल में पुनर्वास केंद्र की भी स्थापना की गई है। लेकिन इसके बावजूद भी कुपोषण का शिकार होकर बच्चों की मौत के मामले थम नहीं रहे है। मध्यप्रदेश के शिवपुरी में कुपोषण की वजह से दो बच्चियों की मौत का मामला सामने आया है। वहीं विभाग का कहना है कि बच्चियों की मौत दस्त से हुई है।
शिवपुरी में दो कुपोषित बच्चियों की मौत
दरअसल पटपरी गांव की लाली ( उम्र 1) और मुरैना जिले की प्रीति (उम्र 1) की कुपोषण से मौत हो गई है। दोनों का वजन लगभग 5 किलो था। जबकि डब्ल्यूएचओ के अनुसार 8 से 9 किलो होना चाहिए। इन दोनों बच्चियों को इलाज के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराया गया था। हालांकि उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इस वजह से उनके परिवार वाले उन्हें घर ले आए थे। वहीं महिला और बाल विकास विभाग का कहना है कि दोनों की मौत दस्त से हुई है। एकीकृत बाल विकास परियोजना के सीडीपीओ नीरज सिंह गुर्जर ने बताया कि दोनों बच्चियों को निमोनिया की शिकायत थी।
हालत में सुधार ना होना पर घर ले आए थे परिजन
वही ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कोई आंगनवाड़ी भवन नहीं है। बच्चों को पोषण आहार नहीं मिल रहा था। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रचना वर्मा ने बताया कि यहां 112 बच्चे दर्ज हैं, पर मांगने पर ​रजिस्टर नहीं दिया। बताया जाता है कि प्रीति की मां सुमित्रा का पटपरी में मायका है। 9 अगस्त को तबीयत ज्यादा खराब होने के बाद प्रीति को पोहरी एनआरसी में एडमिट करवाया गया था। यहां से उसे शिवपुरी एनआरसी लाया गया। लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। 6 सितंबर को प्रीति की मौत हो गई। उसे उल्टी और दस्त की शिकायत थी। जबकि 7 सितंबर को लाली ने भी दम तोड़ दिया। लाली को भी यही परेशानी थी। उसे भी एनआरसी में भर्ती कराया गया था।
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