पाकिस्तान लौटते ही नवाज शरीफ ने खाई ‘कसम’, भारत के साथ अच्‍छे संबंधों को फिर से शुरू करेंगे

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Pratibha Rana
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पाकिस्तान लौटते ही नवाज शरीफ ने खाई ‘कसम’, भारत के साथ अच्‍छे संबंधों को फिर से शुरू करेंगे

Lahore. पाकिस्तान कंगाली और बदहाली के दौर से गुजर रहा है। इसके बाद भी उनके नेता कश्मीर राग अलापना नहीं छोड़ रहे। पाकिस्‍तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अपने देश लौटने के बाद भारत के साथ अच्‍छे संबंधों को फिर से स्‍थापित करने की कसम खाई है। उनका कहना था कि पाकिस्‍तान, कश्‍मीर का मसला बहुत ही शालीनता से सुलझाकर भारत के साथ अच्‍छे संबंधों को फिर से शुरू करना चाहता है। 73 साल के नवाज ने पाकिस्‍तान लौटने के बाद लाहौर के मिनार-ए-पाकिस्‍तान में पहली सार्वजनिक रैली को संबोधित किया। इसमें उन्‍होंने अच्‍छे रिश्‍तों की वकालत की है। नवाज साल 2019 में लंदन चले गए थे और चार साल के बाद वतन लौटे हैं।

दूसरों से संघर्ष करके पाकिस्तान का विकास नहीं हो सकता

रैली में नवाज शरीफ ने कहा, 'हम एक स्वतंत्र और व्यापक विदेश नीति चाहते हैं। हम पड़ोसी राज्यों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित कर पाकिस्तान को एक आर्थिक शक्ति बनाना चाहते हैं। दूसरों से लड़कर या संघर्ष करके पाकिस्तान का विकास नहीं किया जा सकता। मैं बदले में नहीं विकास में विश्वास रखता हूं।'

... तो भारत से होकर गुजरता इकोनॉमिक कॉरिडोर

रैली में नवाज ने भारत, बांग्‍लादेश के साथ ही पाकिस्तानी सेना तक का जिक्र किया। नवाज के शब्‍द थे, 'अगर पाकिस्तान पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) से अलग नहीं हुआ होता तो भारत से होकर गुजरने वाला एक इकोनॉमिक कॉरिडोर होता। हम पाकिस्तान के विकास के लिए पड़ोसियों और दुनिया के साथ बेहतर संबंध स्थापित करना चाहते हैं।'

रैली के दौरान भावुक हो गए शरीफ

नवाज ने सेना पर टिप्‍पणी की और कहा, 'पाकिस्तान की खातिर, सभी राजनीतिक संगठनों और संस्थानों (सेना और न्यायपालिका) को संविधान का सच्ची भावना से पालन करना होगा।' रैली के दौरान शरीफ भावुक दिखे और उन्होंने बताया कि कैद के दौरान उन्हें अपनी मां और पत्नी की मौत की खबर का सामना कैसे करना पड़ा। नवाज ने रुंधे गले से कहा कि उन्होंने अपनी मां और पत्नी को 'राजनीति के कारण' खो दिया है। उन्‍हें बताया कि आज तक उन्‍हें वह दिन याद है जब उन्‍हें अपनी मां, पिता या पत्नी को अंतिम सम्मान नहीं दे सके।'

भारत को दिया सबसे बड़ा धोखा

नवाज जो अच्‍छे रिश्‍तों की बात कर रहे हैं, उनके कार्यकाल में भारत को सबसे बड़ा धोखा झेलना पड़ा था। सन 1999 में कारगिल की जंग हुई थी, जबकि उसी साल भारत से लाहौर तक एक बस चलाई गई थी। नवाज की पत्‍नी का लंदन में साल 2018 में 70 साल की आयु में निधन हो गया था। उस समय शरीफ और बेटी मरियम दोनों भ्रष्टाचार के मामलों में पाकिस्तान में जेल की सजा काट रहे थे। नवाज 21 अक्टूबर को चार साल लंदन में बिताने के बाद दुबई से इस्लामाबाद पहुंचे। अपनी जमानत के संबंध में कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, वह पंजाब प्रांत में पीएमएल-एन के गढ़ लाहौर के लिए रवाना हुए।

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