आगरा में दो ब्रह्मकुमारी बहनों ने आश्रम में फांसी लगाई, सुसाइड नोट में लिखा- योगी जी इन्हें आसाराम की तरह जिंदगी भर जेल में रखो
Chandresh Sharma | Nov 11, 2023, 24:00 IST
आगरा में दो ब्रह्मकुमारी बहनों ने आश्रम में फांसी लगाई, सुसाइड नोट में लिखा- योगी जी इन्हें आसाराम की तरह जिंदगी भर जेल में रखो
उत्तर प्रदेश के आगरा में प्रजापति ब्रह्मकुमारी आश्रम में रहने वाली दो सगी बहनों ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया है। दोनों ने आत्महत्या करने से पहले तीन पेज का सुसाइड नोट भी लिखा है
AGRA. उत्तर प्रदेश के आगरा में प्रजापति ब्रह्मकुमारी आश्रम में रहने वाली दो सगी बहनों ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया है। दोनों ने आत्महत्या करने से पहले तीन पेज का सुसाइड नोट भी लिखा है, जिसमें उन्होंने आत्महत्या के लिए संस्था के 4 लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। सुसाइड नोट में दोनों बहनों ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से आरोपियों को आसाराम की तरह उम्रकैद की सजा दिलाने के लिए कहा है। उन्होंने लिखा है, 'योगी जी इन आरोपियों को आसाराम बापू की तरह उम्रकैद की सजा दिलाना'। यह घटना आगरा के जगनेर की है। चार आरोपियों में से एक महिला ग्वालियर के आश्रम में रहती है। पुलिस ने दो को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो की तलाश में टीमें भेजी गई हैं।
पैसे हड़पने, अनैतिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप
मरने से पहले दोनों बहनों ने सुसाइड नोट में चारों आरोपियों पर पैसे हड़पने के साथ-साथ अनैतिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप भी लगाए हैं। एसीपी खैरागढ़ के मुताबिक चारों आरोपी आगरा से बाहर के हैं, जिनमें से दो को गिरफ्तार कर लिया गया है, वहीं दो की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें रवाना कर दी गई हैं।
दीक्षा के लेने के बाद परिवार ने ही बनवा दिया ब्रह्मकुमारी केंद्र
पुलिस के मुताबिक, एकता और शिखा ने 8 साल पहले ब्रह्मकुमारी की दीक्षा ली थी। दीक्षा के बाद उनके परिवार ने जगनेर में ब्रह्मकुमारी केंद्र बनवा दिया था, जिसमें दोनों रह रही थीं। मृतक बहनों में से शिखा (32) ने एक पेज का सुसाइड नोट लिखा है, जबकि एकता (38) ने दो पेज का सुसाइड नोट लिखा है। शिखा ने सुसाइड में दोनों बहनों के पिछले एक साल से परेशान किए जाने का जिक्र किया है। सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी मौत का जिम्मेदार आश्रम के नीरज सिंघल, धौलपुर के ताराचंद, नीरज के पिता और ग्वालियर के आश्रम में रहने वाली एक महिला को ठहराया है।
सुसाइड नोट : ग्वालियर के आश्रम की एक महिला से बनाता रहा संबंध
सुसाइड नोट में एकता ने लिखा,'नीरज ने केंद्र में रहने का आश्वासन दिया था, लेकिन केंद्र बनने के बाद उसने बात करना बंद कर दिया। एक साल तक हम बहनें रोती रहीं, लेकिन उसने नहीं सुनी। उसका साथ उसके पिता के अलावा ग्वालियर आश्रम में रहने वाली एक महिला और ताराचंद नाम के शख्स ने भी दिया। 15 साल तक साथ रहने के बाद भी वह ग्वालियर की महिला के साथ संबंध बनाता रहा। चारों ने हमारे साथ गद्दारी की है’।
आश्रम के ग्रुप पर पोस्ट किया सुसाइड नोट
दोनों बहनों के भाई सोनू के मुताबिक, घटना शुक्रवार रात करीब 11.18 बजे की है। इस समय ही दोनों बहनों ने आश्रम के ग्रुप पर सुसाइड नोट पोस्ट किया। उन्हें फोन करके एकता और शिखा के सुसाइड नोट के बारे में बताया गया। अचानक बहनों के सुसाइड नोट की बात सुनकर सोनू 13 किलोमीटर दूर स्थित आश्रम भागकर पहुंचे। जब उन्होंने कमरे का दरवाजा खोला तो दोनों बहनों को फंदे से लटा हुआ पाया।
दो दिन पहले भाई ने की थी दोनों से मुलाकात
सोनू ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले ही दोनों बहनों से आश्रम पहुंचकर मुलाकात की थी। तब उन्होंने बातचीत के दौरान इस बात का जरा भी अहसास नहीं हुआ कि दोनों ऐसा कोई कदम उठा सकती हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने अपने सुसाइड नोट में आश्रम के कुछ कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अब परिजनों की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर आगे एक्शन लिया जाएगा।
सुसाइड नोट में लगाए सनसनीखेज आरोप
आत्महत्या करने वाली दोनों बहनों के परिवार ने आश्रम के कर्मचारियों को बेटियों की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ सख्त एक्शन लेने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि उनकी बेटियों को मौत की दहलीज तक पहुंचाने वाले आश्रम के कर्मचारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
पैसे हड़पने, अनैतिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप
मरने से पहले दोनों बहनों ने सुसाइड नोट में चारों आरोपियों पर पैसे हड़पने के साथ-साथ अनैतिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप भी लगाए हैं। एसीपी खैरागढ़ के मुताबिक चारों आरोपी आगरा से बाहर के हैं, जिनमें से दो को गिरफ्तार कर लिया गया है, वहीं दो की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें रवाना कर दी गई हैं।
दीक्षा के लेने के बाद परिवार ने ही बनवा दिया ब्रह्मकुमारी केंद्र
पुलिस के मुताबिक, एकता और शिखा ने 8 साल पहले ब्रह्मकुमारी की दीक्षा ली थी। दीक्षा के बाद उनके परिवार ने जगनेर में ब्रह्मकुमारी केंद्र बनवा दिया था, जिसमें दोनों रह रही थीं। मृतक बहनों में से शिखा (32) ने एक पेज का सुसाइड नोट लिखा है, जबकि एकता (38) ने दो पेज का सुसाइड नोट लिखा है। शिखा ने सुसाइड में दोनों बहनों के पिछले एक साल से परेशान किए जाने का जिक्र किया है। सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी मौत का जिम्मेदार आश्रम के नीरज सिंघल, धौलपुर के ताराचंद, नीरज के पिता और ग्वालियर के आश्रम में रहने वाली एक महिला को ठहराया है।
सुसाइड नोट : ग्वालियर के आश्रम की एक महिला से बनाता रहा संबंध
सुसाइड नोट में एकता ने लिखा,'नीरज ने केंद्र में रहने का आश्वासन दिया था, लेकिन केंद्र बनने के बाद उसने बात करना बंद कर दिया। एक साल तक हम बहनें रोती रहीं, लेकिन उसने नहीं सुनी। उसका साथ उसके पिता के अलावा ग्वालियर आश्रम में रहने वाली एक महिला और ताराचंद नाम के शख्स ने भी दिया। 15 साल तक साथ रहने के बाद भी वह ग्वालियर की महिला के साथ संबंध बनाता रहा। चारों ने हमारे साथ गद्दारी की है’।
आश्रम के ग्रुप पर पोस्ट किया सुसाइड नोट
दोनों बहनों के भाई सोनू के मुताबिक, घटना शुक्रवार रात करीब 11.18 बजे की है। इस समय ही दोनों बहनों ने आश्रम के ग्रुप पर सुसाइड नोट पोस्ट किया। उन्हें फोन करके एकता और शिखा के सुसाइड नोट के बारे में बताया गया। अचानक बहनों के सुसाइड नोट की बात सुनकर सोनू 13 किलोमीटर दूर स्थित आश्रम भागकर पहुंचे। जब उन्होंने कमरे का दरवाजा खोला तो दोनों बहनों को फंदे से लटा हुआ पाया।
दो दिन पहले भाई ने की थी दोनों से मुलाकात
सोनू ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले ही दोनों बहनों से आश्रम पहुंचकर मुलाकात की थी। तब उन्होंने बातचीत के दौरान इस बात का जरा भी अहसास नहीं हुआ कि दोनों ऐसा कोई कदम उठा सकती हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने अपने सुसाइड नोट में आश्रम के कुछ कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अब परिजनों की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर आगे एक्शन लिया जाएगा।
सुसाइड नोट में लगाए सनसनीखेज आरोप
आत्महत्या करने वाली दोनों बहनों के परिवार ने आश्रम के कर्मचारियों को बेटियों की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ सख्त एक्शन लेने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि उनकी बेटियों को मौत की दहलीज तक पहुंचाने वाले आश्रम के कर्मचारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
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