अडानी को बड़ी राहत: अमेरिकी कोर्ट ने सभी आपराधिक आरोप हटाए, केस हमेशा के लिए बंद
Jitendra Shrivastava | May 19, 2026, 24:04 IST
Photograph: (THESOOTR)
अमेरिकी न्याय विभाग DoJ ने गौतम अडानी और सागर अडानी के सभी आपराधिक आरोप वापस ले लिए हैं। न्यूयॉर्क कोर्ट ने केस विथ प्रिज्युडिस खारिज कर दिया है।
समझें पूरा मामला...
- DoJ ने अडानी के सभी आपराधिक आरोप वापस लिए।
- केस विथ प्रिज्युडिस खारिज, दोबारा नहीं खुलेगा।
- ट्रंप के निजी वकील गिफ्रा ने पैरवी की थी।
- अडानी ने 27.5 करोड़ डॉलर का भुगतान किया।
- अमेरिका में 10 अरब डॉलर निवेश का वादा किया।
न्यूयॉर्क कोर्ट ने यह केस विथ प्रिज्युडिस यानी हमेशा के लिए बंद कर दिया है। ट्रंप के निजी वकील रॉबर्ट गिफ्रा की मजबूत कानूनी पैरवी इस ऐतिहासिक फैसले में निर्णायक रही।
अडानी को अमेरिकी कोर्ट से राहत
न्यूयॉर्क की अदालत में चल रहा यह हाई-प्रोफाइल सिक्योरिटीज और वायर फ्रॉड (Securities and Wire Fraud) का मामला पूरी तरह बंद हो गया। अमेरिकी अभियोजकों ने स्वीकार किया कि वे इन आरोपों को साबित करने की स्थिति में नहीं हैं। यह फैसला अडानी ग्रुप (Adani Group) के लिए एक बड़ी कूटनीतिक और कानूनी जीत है।
विथ प्रिज्युडिस खारिज हुआ मामला
DoJ ने अपनी फाइलिंग में कहा कि न्याय विभाग ने अपने अभियोगात्मक विवेक का उपयोग करते हुए इन आरोपों पर आगे संसाधन न लगाने का निर्णय लिया। अदालत ने आदेश दिया कि अडानी और अन्य के विरुद्ध सभी आरोप स्थायी रूप से खारिज किए जाते हैं।
क्या था पूरा मामला
साथ ही अमेरिकी निवेशकों और ऋणदाताओं से पूंजी जुटाते समय इस व्यवस्था को छुपाया गया था। यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद चर्चित रहा। अब सबूतों के अभाव में यह पूरा मामला निरस्त हो गया है।
ट्रंप के वकील की निर्णायक भूमिका
गिफ्रा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के निजी वकील भी हैं। उन्होंने तर्क दिया कि यह मामला अमेरिकी क्षेत्राधिकार (US Jurisdiction) में नहीं आता और सबूतों की भारी कमी है। उन्होंने यह भी बताया कि जब तक मामला चलता रहेगा, अडानी एंटरप्राइजेज अमेरिका में निवेश नहीं कर पाएगी। इस दलील का DoJ के फैसले पर गहरा असर पड़ा।
अडानी का अमेरिका में निवेश वादा
यह वादा अमेरिका-भारत व्यापार संबंधों (India-US Trade Relations) को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। अब केस बंद होने के बाद यह निवेश योजना आगे बढ़ सकती है।
ट्रेजरी विभाग से अलग समझौता
जांच में यह देखा जा रहा था कि क्या कंपनी ने ईरान के विरुद्ध अमेरिकी प्रतिबंधों (US Sanctions) का उल्लंघन किया था। इस भुगतान से कंपनी ने उस विवाद को भी पूरी तरह सुलझा लिया। अब अडानी ग्रुप के सामने अमेरिका में कोई बड़ी कानूनी बाधा नहीं बची है।
अडानी ग्रुप की प्रतिक्रिया
पीटीआई (PTI) ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अभियोजकों को कोई स्पष्ट अमेरिकी लिंक और पर्याप्त सबूत नहीं मिले। महीनों की आक्रामक कानूनी पैरवी के बाद यह ऐतिहासिक राहत मिली है। यह फैसला भारतीय उद्योग जगत के लिए भी एक बड़ा संदेश है।
FAQ
- अमेरिकी कोर्ट ने अडानी के खिलाफ आरोप क्यों और कैसे खारिज किए?
अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) ने गौतम अडानी (Gautam Adani) और सागर अडानी के विरुद्ध सभी आपराधिक आरोप इसलिए वापस लिए क्योंकि अभियोजकों को इन आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले और कोई स्पष्ट अमेरिकी क्षेत्राधिकार (US Jurisdiction) भी स्थापित नहीं हो सका। कोर्ट ने इस मामले को विथ प्रिज्युडिस (With Prejudice) खारिज किया, जिसका अर्थ है कि यह केस भविष्य में कभी दोबारा नहीं खोला जा सकेगा। अमेरिकी आपराधिक कार्यवाही में इस प्रकार का फैसला बेहद दुर्लभ होता है और इसे अडानी ग्रुप (Adani Group) की एक बड़ी कानूनी और व्यावसायिक जीत माना जा रहा है। - ट्रंप के निजी वकील रॉबर्ट गिफ्रा की इस मामले में क्या भूमिका रही?
रॉबर्ट गिफ्रा (Robert Giuffra), जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के निजी वकील भी हैं, ने अडानी की कानूनी पैरवी में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने न्याय विभाग के अधिकारियों को 100 पन्नों का विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया जिसमें मुख्य तर्क यह था कि यह मामला अमेरिकी क्षेत्राधिकार में नहीं आता और सबूतों की भारी कमी है। गिफ्रा ने यह भी बताया कि जब तक यह मामला चलता रहेगा, अडानी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) अमेरिका में अपना 10 अरब डॉलर का निवेश (Investment) नहीं कर पाएगी। इस तर्क ने DoJ के अंतिम निर्णय को प्रभावित करने में अहम भूमिका निभाई। - अडानी के खिलाफ मूल आरोप क्या थे और अब ग्रुप की क्या स्थिति है?
वर्ष 2024 के अंत में अमेरिकी नियामक SEC और DoJ ने आरोप लगाया था कि अडानी ग्रुप ने भारत में सौर ऊर्जा (Solar Energy) के ठेके हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को लगभग 26.5 करोड़ रुपये की रिश्वत (Bribery) देने की योजना बनाई और अमेरिकी निवेशकों से यह तथ्य छुपाया। अब सभी आरोप खारिज हो जाने और अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के साथ 27.5 करोड़ डॉलर का अलग समझौता हो जाने के बाद अडानी ग्रुप के सामने अमेरिका में कोई बड़ी कानूनी बाधा नहीं है। गौतम अडानी का अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 10 अरब डॉलर निवेश और 15,000 नौकरियां देने का वादा अब आगे बढ़ सकता है।
पीएम मोदी को नॉर्वे का सर्वोच्च सम्मान: 32वां वैश्विक सम्मान बना भारत-नॉर्वे रिश्तों का नया अध्याय
40 हजार की ऑडेमार्स वॉच के लिए दिल्ली से लंदन तक मची होड़, सीमित स्टॉक ने बढ़ाई भीड़
भारत का रुख साफ, रूसी तेल खरीदते रहेंगे, अमेरिकी छूट से कोई फर्क नहीं
पालघर में बारातियों से भरे ट्रक और कंटेनर की भीषण टक्कर, 13 की मौत, 25 लोग घायल
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari