AI Deepfake Video Delete New Rules: अब 3 घंटे में हटेगा डीपफेक, सरकार सख्त!

केंद्र सरकार ने AI कंटेंट के दुरुपयोग के खिलाफ नई गाइडलाइंस लागू की हैं, जिनके तहत डीपफेक वीडियो को अब तीन घंटे के भीतर हटाना होगा। यह बदलाव 20 फरवरी से लागू होगा।

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Sanjay Dhiman
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AI Deepfake Video Delete New Rules Now deepfake will be removed in 3 hours, government is strict

Photograph: (the sootr)

NEWS IN SHORT

  • केंद्र सरकार ने AI से बने फेक कंटेंट को हटाने के लिए नए नियम लागू किए।
  • 20 फरवरी से लागू नए नियम, अब 3 घंटे में हटाना होगा फेक कंटेंट।
  • AI से बनी सामग्री को सिंथेटिक कंटेंट माना जाएगा, यदि वह असली दिखे।
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को फेक कंटेंट पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
  • यूजर्स को नियमों की जानकारी देने के लिए प्लेटफॉर्म्स को तीन महीने में अपडेट करना होगा।

NEWS IN DETAIL

New Delhi. केंद्र सरकार ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर AI द्वारा बनाए गए कंटेंट के दुरुपयोग को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। यह बदलाव सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 में किए गए संशोधनों के तहत लागू किए गए हैं। अब इन दिशानिर्देशों के तहत सरकार ने AI से उत्पन्न कंटेंट, जैसे डीपफेक वीडियो, फेक फोटो, और अन्य दृश्य सामग्री, को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

नई गाइडलाइंस क्या कहती हैं?

इन नए नियमों के अनुसार, ‘सिंथेटिकली जेनरेटेड इंफॉर्मेशन’ (कृत्रिम सामग्री) को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसका मतलब है कि किसी भी वीडियो, फोटो, या ऑडियो जो असली जैसा दिखता है और किसी व्यक्ति या घटना को असली रूप में प्रस्तुत करता है, उसे सिंथेटिक कंटेंट माना जाएगा। सरकार ने यह भी साफ किया है कि सामान्य एडिटिंग, रंग सुधार, अनुवाद, या दस्तावेज तैयार करने को सिंथेटिक कंटेंट के दायरे में नहीं लाया जाएगा, बशर्ते वे भ्रामक या नकली जानकारी न बनाएं।

फेक कंटेंट को तीन घंटे में हटाना होगा

सबसे अहम बदलाव यह है कि अब अगर किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अवैध या भ्रामक AI कंटेंट अपलोड होता है, तो उसे तीन घंटे के भीतर हटाना या उस पर प्रतिबंध लगाना जरूरी होगा। पहले इसके लिए 36 घंटे का समय था, लेकिन नए नियमों के तहत समय को घटाकर तीन घंटे कर दिया गया है। यह बदलाव सोशल मीडिया कंपनियों के लिए बड़ी जिम्मेदारी और दबाव पैदा करेगा।

क्या इसका असर पड़ेगा?

इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य इंटरनेट पर फैलने वाली फेक न्यूज़ और धोखाधड़ी को कम करना है। AI कंटेंट की बढ़ती लोकप्रियता ने इसे एक गंभीर समस्या बना दिया है। अगर इस तरह के कंटेंट को समय रहते नहीं हटाया गया, तो यह समाज में भ्रम और अविश्वास फैला सकता है। ऐसे में सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को कठोरता से निर्देश दिए हैं कि वे इस नए नियम का पालन करें।

डिजिटल प्लेटफॉर्म को सरकार ने दिए निर्देश

केंद्र सरकार ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया है कि वे हर तीन महीने में यूजर्स को नियमों और कानूनों के बारे में जानकारी दें। इसके अलावा, यूजर्स को यह बताना होगा कि AI से तैयार अवैध या आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने पर कौन-कौन से कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि AI से बने कंटेंट को स्पष्ट रूप से लेबल किया जाए और उसमें स्थायी डिजिटल पहचान (metadata) जोड़ा जाए, जिसे बाद में हटाया नहीं जा सके।

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