सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा- हवाई किराया कम करने के लिए क्या कदम उठाए

Pawan Modiya | Jul 13, 2026, 23:04 IST
Share
हवाई किराया सुनवाई
हवाई किराया सुनवाई

त्योहारों में बढ़ते हवाई किराए को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा है कि सरकार दो हफ्तों में किराया नियंत्रण नियमों की कॉपी जमा करे। केंद्र ने बताया कि नियम तैयार हैं और संसद में पेश किए जाएंगे।

    समझें क्या है पूरा मामला

    • सुप्रीम कोर्ट ने हवाई किराए पर सरकार से जवाब मांगा है।
    • त्योहारों में किराया बढ़ने की शिकायतों पर सुनवाई हुई।
    • केंद्र ने किराया नियंत्रण नियम तैयार होने की जानकारी दी।
    • कोर्ट ने दो हफ्तों में नियमों की कॉपी मांगी।
    • मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी।

    हवाई किराए पर SC सख्त

    त्योहारों के समय हवाई टिकटों की बढ़ती कीमतों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से हवाई किराया तय करने वाले नियम मांगे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दो हफ्तों के भीतर नियमों की कॉपी जमा करने का आदेश दिया है। यह कॉपी सीलबंद लिफाफे में कोर्ट को देनी होगी।

    मामले की सुनवाई सोमवार को जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने की। यह सुनवाई हवाई किराए में अचानक बढ़ोतरी के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर हुई। केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि हवाई किराया नियंत्रण के नियम तैयार हैं। सरकार ने कहा कि इन नियमों को 30 दिनों में संसद के सामने रखा जाएगा। इस पर कोर्ट ने कहा कि संसद में पेश करने की प्रक्रिया अलग है। लेकिन नियमों की जानकारी कोर्ट को जल्द दी जानी चाहिए।

    किराया बढ़ोतरी पर सवाल

    यह मामला हवाई यात्रियों की परेशानी से जुड़ा है। त्योहारों और छुट्टियों के दौरान कई बार टिकटों के दाम काफी बढ़ जाते हैं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि एयरलाइंस कंपनियां यात्रियों से मनमाना किराया वसूलती हैं।

    सोशल एक्टिविस्ट एस लक्ष्मीनारायणन ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की थी। याचिका में मांग की गई थी कि देश में एक मजबूत और स्वतंत्र नियामक बनाया जाए। यह नियामक हवाई किराए और अतिरिक्त शुल्क पर नजर रख सके। याचिका में यात्रियों के हितों की सुरक्षा की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में कहा गया कि कई मौकों पर हवाई किराया 300 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। इस पर बेंच ने हल्के अंदाज में टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि वकीलों की फीस भी कई बार 400 प्रतिशत तक बढ़ जाती है।

    सरकार ने बताए नियम

    सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने बताया कि हवाई किराए से जुड़े नियम तैयार हो चुके हैं। सरकार ने कहा कि नियमों को संसद में पेश किया जाएगा। इसके लिए करीब 30 दिनों का समय बताया गया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को इससे पहले नियमों की कॉपी देने को कहा है।

    कोर्ट ने साफ किया कि नियम संसद में जाने से पहले भी उनकी जानकारी अदालत को दी जा सकती है। मामले की अगली सुनवाई अब 3 अगस्त को होगी। कोर्ट इस मामले में यह देख रहा है कि हवाई यात्रियों को अचानक बढ़ते किराए से कैसे राहत मिल सकती है।

    पहले भी लगी थी फटकार

    इस मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले भी केंद्र सरकार से जवाब मांग चुका है। 30 अप्रैल की सुनवाई में कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि हवाई किराए और अतिरिक्त शुल्क में उतार चढ़ाव को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए। उस समय केंद्र की ओर से जरूरी हलफनामा दाखिल नहीं किया गया था। इसके बाद कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा था। कोर्ट ने पूछा था कि हलफनामा दाखिल करने में देरी क्यों हुई।

    सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से एक आवेदन के साथ जवाब देने को कहा था। इसमें देरी के कारण और अतिरिक्त समय मांगने की वजह बताने को कहा गया था।

    यात्रियों को राहत की उम्मीद

    हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह मामला काफी अहम माना जा रहा है। अगर किराया नियंत्रण के नियम लागू होते हैं तो यात्रियों को फायदा मिल सकता है। खासकर त्योहारों और छुट्टियों के दौरान टिकट कीमतों में अचानक बढ़ोतरी पर रोक लग सकती है। हालांकि अंतिम नियम क्या होंगे, यह केंद्र सरकार की ओर से कोर्ट में जमा दस्तावेजों के बाद साफ होगा। एयरलाइंस कंपनियों के किराया निर्धारण की व्यवस्था अभी बाजार आधारित है। ऐसे में सरकार की नई व्यवस्था से किराया तय करने के तरीके में बदलाव आ सकता है।

    ये खबरें भी पढ़ें...

    लड़का-लड़की भागे तो हरबार पॉक्सो केस नहीं, दुरुपयोग रोकने सुप्रीम कोर्ट सख्त

    भोजशाला मामले में नया मोड़, सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार

    सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के गोहत्या बैन आदेश पर लगाई रोक, कहा सुधार जरूरी

    राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, ट्रस्ट को नोटिस

    Tags:
    • सुप्रीम कोर्ट
    • केंद्र सरकार
    • संसद
    • नियम
    • हलफनामा
    • हवाई यात्रा
    • हवाई किराया
    गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
    छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

    By Arun Tiwari

    छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
    मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

    By Sandeep Kumar

    मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
    IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

    By VINAY VERMA

    IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
    राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

    By Ashish Bhardwaj

    राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
    पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

    By Arun Tiwari

    पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
    भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

    By Jitendra Shrivastava

    भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
    UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

    By Sanjay Dhiman

    UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज