मॉडल की शिकायत पर आंध्र प्रदेश में तीन आईपीएस अधिकारी सस्पेंड, जानिए क्या किया है इन्होंने
Amresh Kushwaha | Sept 16, 2024, 11:53 IST
मॉडल कादंबरी जेठवानी
आंध्र प्रदेश में तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को कादंबरी जेठवानी मामले में लापरवाही और गिरफ्तारी के आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया है। जानें क्या है मॉडल कादंबरी जेठवानी का मामला...
आंध्र प्रदेश में तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई मुंबई की मशहूर एक्ट्रेस और मॉडल कादंबरी जेठवानी ( Model Kadambari Jethwani ) के खिलाफ उनके मामले की जांच में लापरवाही और उसे बिना उचित जांच किए गिरफ्तार करने के आरोपों के चलते की गई है। निलंबित अधिकारियों में एक डीजी रैंक का अधिकारी भी शामिल हैं।
निलंबित अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने कादंबरी जेठवानी के खिलाफ दर्ज केस की सही तरीके से जांच नहीं की। जल्दबाजी में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके साथ ही उन पर एक्ट्रेस और उसके परिवार को परेशान करने का भी आरोप है।
सीताराम सीमा सुरक्षा बल (BSF) के महानिरीक्षक के रूप में तैनात थे। जून 2019 में जगन मोहन रेड्डी के कार्यभार संभालने के बाद वे आंध्र प्रदेश लौट आए थे। विधानसभा चुनाव से दो साल पहले उन्हें खुफिया एजेंसी का प्रमुख बनाया गया था। उन्होंने YSRCP सरकार के समय परिवहन आयुक्त, लोक सेवा आयोग के सचिव और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के डायरेक्टर जनरल के रूप में भी काम किया है।
इन तीनों अधिकारियों में से दो पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के करीबी माने जाते हैं। चंद्रबाबू नायडू के मुख्यमंत्री बनने के बाद इन अधिकारियों को कई दिन नई पोस्टिंग का इंतजार करना पड़ा था। यह स्थिति उन 16 आईपीएस अधिकारियों की सूची में शामिल इन अधिकारियों की थी, जिन्हें बिना किसी पदस्थापना के दिन में पांच बार DIG ऑफिस में रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया था।
कादंबरी जेठवानी साउथ की अभिनेत्री और डॉक्टर हैं। उन्होंने अपने फिल्म कॅरियर की शुरुआत 'साड्डा अड्डा' से की। हिंदी, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और पंजाबी भाषाओं की फिल्मों में अपनी छाप छोड़ी है। कादंबरी की बहु-भाषाई फिल्म भूमिकाओं ने उन्हें दर्शकों के बीच खास पहचान दिलाई है। हाल ही में कादंबरी खुद के साथ हुए कथित मिसबिहेव के कारण चर्चाओं में हैं।
कादंबरी ने गंभीर लगाते हुए कहा है कि उनकी गिरफ्तारी और मिसबिहेव के मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों ने लापरवाही बरती। उन्होंने और उनके परिवार ने लगभग 40 दिनों तक गैरकानूनी हिरासत और मानसिक तथा शारीरिक प्रताड़ना का सामना किया।
कादंबरी ने अपनी शिकायत में नेता और फिल्म निर्माता केवीआर विद्यासागर पर भी आरोप लगाए हैं, जिनके खिलाफ शोषण की शिकायत की गई है। कादंबरी के आरोपों के बाद, आईपीएस अधिकारियों पर की गई कार्रवाई और पुलिस व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम देखा जा रहा है।
निलंबित अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने कादंबरी जेठवानी के खिलाफ दर्ज केस की सही तरीके से जांच नहीं की। जल्दबाजी में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके साथ ही उन पर एक्ट्रेस और उसके परिवार को परेशान करने का भी आरोप है।
कौन हैं तीनों अधिकारी
- पी. सीताराम अंजनेयुलु: पूर्व खुफिया एजेंसी प्रमुख और डीजी रैंक के अधिकारी। सीताराम के खिलाफ पहले भी आपराधिक साजिश, हत्या के प्रयास और धमकी देने के आरोप में केस दर्ज हुआ था। उन्होंने YSRCP सरकार के दौरान कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है।
- क्रांति राणा टाटा: विजयवाड़ा के पूर्व पुलिस कमिश्नर और IG रैंक के अधिकारी। वे 2004 बैच के IPS अधिकारी हैं और विधानसभा चुनाव के दौरान विवादित घटनाओं के बाद पदमुक्त कर दिए गए थे।
- विशाल गुन्नी: पूर्व डिप्टी कमिश्नर (विजयवाड़ा) और 2010 बैच के IPS अधिकारी। फरवरी 2024 में उन्हें विशाखापत्तनम रेंज का DIG बनाया गया था।
बीएसएफ के महानिदेशक थे सीताराम
पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी अधिकारी
कादंबरी जेठवानी कौन हैं?
आईपीएस अधिकारियों पर आरोप
राजनीतिक और फिल्मी मामला
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