अन्नामलाई ने छोड़ी BJP, तमिलनाडु में पार्टी को बड़ा झटका
समझें क्या है पूरा मामला...
- के. अन्नामलाई ने BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष को इस्तीफा सौंप दिया है।
- तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में BJP को सिर्फ 1 सीट मिली है।
- AIADMK गठबंधन पर मतभेद ही पार्टी छोड़ने की मुख्य वजह है।
- अन्नामलाई अब नई क्षेत्रीय पार्टी या जनांदोलन शुरू करेंगे।
- अमित शाह से मुलाकात के बाद भी उनका इरादा नहीं बदला।
अन्नामलाई ने BJP छोड़ी
तमिलनाडु में BJP (भारतीय जनता पार्टी) को मंगलवार, 03 जून को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इस्तीफे के साथ उन्होंने पांच पेज की एक रिपोर्ट भी दी है। इस रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि तमिलनाडु में BJP का प्रदर्शन इतना खराब क्यों रहा।
अन्नामलाई ने पार्टी नेतृत्व से अमिकेबल सेपरेशन यानी सौहार्दपूर्ण विदाई मांगी। नेतृत्व की मनाने की हर कोशिश नाकाम रही। इस्तीफे के बाद अन्नामलाई ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और अपना फैसला समझाया। वहीं, शाह की बात सुनने के बाद भी उनका रुख नहीं बदला।
पार्टी के अंदरूनी हलकों में हलचल मच गई। BJP के केंद्रीय नेतृत्व ने तमिलनाडु के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन को भी दिल्ली बुला लिया। हाईकमान की ओर से अन्नामलाई को रोकने की हर कोशिश नाकाम रही। सूत्रों का कहना है कि अन्नामलाई के करीबियों ने साफ कर दिया था कि उनका फैसला अटल है।
चुनाव में बुरी तरह हारी BJP
अप्रैल 2025 में AIADMK (ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) के NDA (नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस) में वापसी के बाद अन्नामलाई ने तमिलनाडु BJP के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उस समय एडप्पाडी पलानीस्वामी और अन्नामलाई के बीच खींचतान चल रही थी। इसी विवाद के चलते AIADMK कुछ समय के लिए NDA से अलग हो गई थी।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में BJP का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक था। पार्टी ने 27 सीटों पर चुनाव लड़ा था। इसमें से सिर्फ एक सीट जीत पाई। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, AIADMK से गठबंधन की वजह से BJP का वोट शेयर 2024 के लोकसभा चुनाव में 11 फीसदी से गिरकर विधानसभा चुनाव में महज तीन फीसदी रह गया। अन्नामलाई ने इसे एक रणनीतिक भूल बताई है।
AIADMK गठबंधन पर विरोध
अन्नामलाई का शुरू से मानना था कि तमिलनाडु में BJP को DMK (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) जैसी क्षेत्रीय ताकतों से मुकाबले के लिए AIADMK की बैसाखी की जरूरत नहीं है। वे चाहते थे कि BJP बिना गठबंधन के अकेले चुनाव लड़े। इसके उलट, दिल्ली में बैठे आलाकमान का एकमात्र मकसद DMK को हराने के लिए AIADMK से हर हाल में गठबंधन करना था। यही वैचारिक टकराव दोनों के बीच की गहरी खाई बन गया है।
अन्नामलाई ने अपने करियर में AIADMK के दिग्गज नेताओं जैसे सी.एन. अन्नादुरई और जे. जयललिता पर टिप्पणियां कीं। इससे पार्टी के सबसे अहम संभावित सहयोगी के साथ रिश्ते खराब हो गए हैं। इससे BJP का तमिलनाडु में गठबंधन की राजनीति करना और भी मुश्किल हो गया है।
कौन हैं के. अन्नामलाई?
अन्नामलाई का पूरा नाम अन्नामलाई कुप्पुसामी है। उनका जन्म 04 जून 1984 को तमिलनाडु के करूर जिले के थोट्टामपट्टी में हुआ था। वे IPS (इंडियन पुलिस सर्विस) अधिकारी रहे। उन्होंने कर्नाटक स्टेट पुलिस में 2011 से 2019 तक सेवाएं दीं और डेप्युटी कमिश्नर ऑफ पुलिस के पद तक पहुंचे। उन्होंने 2019 में नौकरी छोड़ी और राजनीति में आने का मन बनाया।
नौकरी छोड़ने के बाद वे करूर जिले में अपने गांव लौट गए और ऑर्गेनिक फार्मिंग करने लगे। कहा जाता है कि उन्हें राजनीति में आने से पहले अभिनेता रजनीकांत की पार्टी के लिए सीएम उम्मीदवार के रूप में तैयार किया जा रहा था। जब रजनीकांत ने पार्टी नहीं बनाई तो अन्नामलाई BJP में शामिल हो गए थे।
उन्हें जुलाई 2021 में BJP का तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। वे करीब चार साल तक इस पद पर रहे। उन्होंने एन मान, एन मक्कल यात्रा के जरिए सभी 234 विधानसभा क्षेत्रों तक BJP का झंडा पहुंचाया। इससे तमिलनाडु में पार्टी की पहचान तो बनी, लेकिन यह जीत में नहीं बदल सकी।
अब क्या करेंगे अन्नामलाई?
के अन्नामलाई एक नई जनांदोलन शुरू करने वाले हैं, जिसे बाद में राजनीतिक पार्टी का रूप दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, इस आंदोलन का नाम रजनीकांत के किसी लोकप्रिय संवाद या वाक्यांश पर रखा जा सकता है।
अन्नामलाई ने पहले भी CBSE स्कूलों में त्रिभाषा नीति (Three Language Policy) को थोपने का विरोध करके तमिलनाडु की भावनाओं के साथ खड़े होने की कोशिश की थी। इससे वे हिंदुत्व की छवि से अलग एक राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश करते नजर आए। उनकी नई पार्टी तमिलनाडु की स्थानीय आकांक्षाओं को केंद्र में रखकर काम करेगी, ऐसा उनके करीबियों का मानना है।
अन्नामलाई अप्रैल 2025 में प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद से ही नाराज थे। पार्टी से अलग होने के संकेत वे काफी समय से दे रहे थे। उनके जाने से तमिलनाडु में BJP का एकमात्र चमकदार चेहरा गायब हो गया है। पार्टी के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि राज्य में अपनी साख कैसे बचाई जाए।
BJP के लिए क्या मतलब?
तमिलनाडु में विजय (अभिनेता से नेता बने) के मुख्यमंत्री बनने के बाद राजनीतिक परिदृश्य पहले से ही बदल चुका है। ऐसे में अन्नामलाई का BJP छोड़ना पार्टी के लिए दोहरी मार है। एक तरफ पार्टी विधानसभा चुनाव में बुरी तरह हार गई, और दूसरी तरफ अब वह नेता भी चला गया जो राज्य में पार्टी की पहचान था।
अन्नामलाई ने राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने कम से कम सात साल तक पूरी स्वायत्तता (Autonomy) के साथ राज्य में नेतृत्व का अधिकार मांगा था। यह मांग नहीं मानी गई, और नतीजा सबके सामने है।
FAQ
- अन्नामलाई ने BJP क्यों छोड़ी?
अन्नामलाई और BJP के केंद्रीय नेतृत्व के बीच मुख्य मतभेद AIADMK से गठबंधन को लेकर था। अन्नामलाई चाहते थे कि BJP तमिलनाडु में अकेले अपनी ताकत बनाए। लेकिन दिल्ली का आलाकमान DMK को हराने के लिए AIADMK से गठबंधन चाहता था। इसके अलावा, उन्हें लगा कि पार्टी के अंदर उन्हें हाशिए पर रखा जा रहा था। अप्रैल 2025 में प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला कर लिया था। उन्होंने राष्ट्रीय नेतृत्व को पांच पेज की रिपोर्ट देकर इन कारणों का विस्तार से जिक्र किया।
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