भारत में भी अब सूट-बूट वाले नेता, विजय ने तमिलनाडु की राजनीति का ड्रेस कोड बदल दिया क्या?

Ravi Kant Dixit | May 14, 2026, 13:14 IST
Share
Thalapathy Vijay
Thalapathy Vijay

जहां नेता धूल, पसीने और सफेद शर्ट-वेष्टी में दिखते थे, वहां नए मुख्यमंत्री विजय सूट पहनकर पहुंचे। अब पूरे तमिलनाडु में उनके पहनावे की चर्चा है। द सूत्र में पढ़िए ये खास खबर...

दक्षिण भारत की सियासत में कपड़े हमेशा सिर्फ कपड़े नहीं रहे। यहां नेता क्या पहनता है, कैसे दिखता है और खुद को किस अंदाज में पेश करता है, उससे उसकी राजनीति का संदेश भी तय होता है। इसीलिए जब तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने सी.जोसेफ विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ काले सूट में ली तो यह सिर्फ फैशन स्टेटमेंट नहीं माना गया, इसे बड़े राजनीतिक संकेत की तरह देखा गया है।

दरअसल, तमिलनाडु में दशकों से सफेद ढीली शर्ट और वेष्टी नेताओं की पहचान रही है। यह पहनावा बताता था कि नेता आम लोगों जैसे हैं। वही गर्मी, वही पसीना, वही धूल, लेकिन विजय ने उस परंपरा से अलग रास्ता चुना है।

उन्होंने ब्लैक सूट पहना और उसके बाद भी लगातार उसी अंदाज में राजनीतिक फैसले लेते और सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आते रहे। संदेश साफ था कि नई राजनीति, नया चेहरा और नया स्टाइल होगा।

tamil nadu cm vijay resignation | मुख्यमंत्री बनते ही थलापति विजय ने लिया  बड़ा फैसला, त्रिची ईस्ट सीट से दिया इस्तीफा, पेरम्बूर को बनाया अपनी  कर्मभूमि ...
tamil nadu cm vijay resignation | मुख्यमंत्री बनते ही थलापति विजय ने लिया बड़ा फैसला, त्रिची ईस्ट सीट से दिया इस्तीफा, पेरम्बूर को बनाया अपनी कर्मभूमि ...

विजय का सूट क्या कहता है?

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक विजय का सूट उन्हें बाकी नेताओं से अलग दिखाता है। उनका लुक कॉरपोरेट, ग्लोबल और प्रोफेशनल छवि पेश करता है। सिनेमा से राजनीति में उनकी तेज एंट्री को देखते हुए कई लोगों ने इसे इस संदेश की तरह भी देखा कि विजय राजनीति में सिर्फ मौजूदगी दर्ज कराने नहीं, बल्कि पूरी तैयारी के साथ आए हैं। हां, यह जरूर है कि हर कोई विजय के इस बदलाव से सहमत नहीं है। कुछ लोगों का मानना है कि सूट विजय को आम जनता से दूर दिखा सकता है।

आलोचकों का कहना है कि तमिलनाडु में शादी के रिसेप्शन में सूट पहनने वाला दूल्हा भी आखिरकार वेष्टी में लौट आता है। कुछ लोग यह भी कहते हैं कि उमस भरे मौसम वाले तमिलनाडु में सूट व्यावहारिक नहीं लगता, जबकि उत्तर भारत जैसे ठंडे इलाकों में भी नेता नेहरू जैकेट जैसे हल्के विकल्प चुनते हैं।

आयरन लेडी जे जयललिता ने विपक्ष और एक्जिट पोल दोनों को पटखनी दी - India TV  Hindi
आयरन लेडी जे जयललिता ने विपक्ष और एक्जिट पोल दोनों को पटखनी दी - India TV Hindi

नकल करने का पुराना इतिहास

इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के अनुसार, तमिलनाडु की राजनीति में नेताओं के पहनावे का असर जनता पर हमेशा दिखाई दिया है। जे जयललिता के समर्थकों ने तो उनके पसंदीदा अंक 9 के कारण गाड़ियों के नंबर तक उसी अंक पर खत्म होने वाले लेने शुरू कर दिए थे।

हालांकि माना जा रहा है कि विजय के सूट स्टाइल को अपनाने वालों की संख्या शायद कम ही होगी, लेकिन तमिलनाडु में सूट पहनने वाले पहले बड़े नेता विजय नहीं हैं। AIADMK के संस्थापक एम जी रामचंद्रन यानी MGR भी फिल्मों में सूट पहनने के लिए मशहूर थे।

8423ed87-7bf
8423ed87-7bf

MGR पहनते थे चमकीले कपड़े

University of Madras में कम्युनिकेशन पढ़ा चुके मीडिया और फिल्म विशेषज्ञ गोपालन रविंद्रन बताते हैं कि MGR बेहद चमकीले रंगों के कपड़े पहनते थे। गरीब किरदार निभाते समय भी वह गुलाबी के साथ पीला या लाल के साथ सुनहरा रंग पहनते थे। उस दौर में इन्हें मेल न खाने वाले रंग माना जाता था।

रविंद्रन के मुताबिक, उलगम सुत्रुम वलीबन जैसी फिल्मों में खासकर एम करुणानिधि से अलग होने के बाद MGR के रंग खुद विद्रोह का प्रतीक बन गए थे। वह किसी पारंपरिक नेता की तरह नहीं, बल्कि बीटल्स जैसे वैश्विक कलाकारों की तरह दिखाई देते थे, जो रंगों का इस्तेमाल प्रदर्शन के तौर पर करते थे।

उन्होंने कहा कि तमिल जनता MGR को सिर्फ इंसान नहीं, सुपरह्यूमन की तरह देखती थी। कई लोग सच में मानते थे कि उनकी त्वचा में सुनहरी या गुलाबी चमक है। बाद में फर वाली टोपी भी उनकी पहचान बन गई।

6c3b3094-981
6c3b3094-981

इन्हें नहीं रही कपड़ों की परवाह

दक्षिण में कभी ऐसे भी नेता थे, जिन्हें कपड़ों की परवाह ही नहीं थी। तमिल राजनीति की शुरुआत करने वाले बड़े नेताओं की सोच बिल्कुल अलग थी। आत्मसम्मान आंदोलन के जनक ई वी रामासामी पेरियार और DMK संस्थापक सी एन अन्नादुरई बाहरी दिखावे को महत्व नहीं देते थे। पेरियार के बारे में कई किस्से मशहूर हैं कि वह कपड़ों और यहां तक कि रोज नहाने जैसी चीजों को भी ज्यादा अहमियत नहीं देते थे। उनके लिए शरीर से ज्यादा विचार मायने रखते थे।

एक कहानी के मुताबिक, लंबे दौरे से लौटने के बाद उनकी पत्नी लगातार उन्हें नहाने के लिए कहती रहीं, लेकिन वह मना करते रहे। बाद में मामला इतना बढ़ गया कि गोबर मिले पानी की बाल्टी तक बीच में आ गई और पूरा विवाद हास्यास्पद बन गया। अन्नादुरई के एक पूर्व सहयोगी बताते हैं कि एक शादी में जाने से पहले वह अपनी छह वेष्टियों में से एक भी ऐसी नहीं ढूंढ पा रहे थे, जो ज्यादा घिसी हुई न हो।

एक और किस्से में अभिनेता-राजनेता एस एस राजेंद्रन ने अन्नादुरई को डांटा था, क्योंकि वह अमेरिका यात्रा के लिए नया सूट सिलवाने की बजाय किसी का सूट उधार लेने की कोशिश कर रहे थे।

Surly face': C.N. Annadurai's Tamil story 'Sudumoonji' in translation -  Frontline
Surly face': C.N. Annadurai's Tamil story 'Sudumoonji' in translation - Frontline

करुणानिधि का पीला शॉल बड़ा संदेश

एस एस राजेंद्रन ने करुणानिधि पर राजा की तरह कपड़े पहनने का आरोप लगाया था। यह टिप्पणी उनके खास पहनावे को लेकर थी। एम करुणानिधि का पीला शॉल और काला चश्मा उनकी पहचान बन गए थे। उन्होंने यह शॉल लगभग उसी समय पहनना शुरू किया था, जब उनकी मुलाकातें सत्य साईं बाबा से चर्चा में थीं।
शॉल से पहले द्रविड़ राजनीति में स्टोल का चलन था, जिसे अन्नादुरई ने लोकप्रिय बनाया था।

1960 के दशक में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा था कि वे एक-दूसरे को साधारण हथकरघा स्टोल पहनाकर सम्मानित करें। इसका उद्देश्य बुनकरों की मदद करना और जातिगत भेदभाव तोड़ना था। उस दौर में कई निचली जातियों के लोगों को कंधे पर कपड़ा डालने की भी अनुमति नहीं होती थी। अन्नादुरई ने सभी को ऐसा पहनने के लिए कहा।

M Karunanidhi – A big face of Tamil Nadu politics - Navbharat Times  Reader's Blog
M Karunanidhi – A big face of Tamil Nadu politics - Navbharat Times Reader's Blog

जयललिता ने समझी ड्रेस पॉलिटिक्स

तमिलनाडु की राजनीति की दूसरी बड़ी नेता जयललिता भी जानती थीं कि राजनीति में पहनावा कितना असर डालता है। उनकी खास तरह की केप, बड़े क्लोक और हरे रंग के प्रति लगाव उनकी पहचान बन गया था। हरा रंग समृद्धि और AIADMK के दो पत्तियों वाले चुनाव चिह्न दोनों से जुड़ा माना जाता था।

भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद पूर्व अभिनेत्री जयललिता ने गहने छोड़ने की कसम खाई थी और जिंदगी भर उस फैसले पर कायम रहीं। उनकी करीबी सहयोगी वी के शशिकला भी अक्सर उन्हीं की तरह कपड़े पहनती थीं, जिसे दोनों की नजदीकी का प्रतीक माना जाता था।

जयललिता की संपत्तियों पर 20 करोड़ रुपये के कर बकाया के चलते नीलामी का खतरा
जयललिता की संपत्तियों पर 20 करोड़ रुपये के कर बकाया के चलते नीलामी का खतरा

अब बड़ा सवाल विजय बदलेंगे या तमिलनाडु?

चुनाव प्रचार के दौरान सुपरस्टार थलापति विजयसफेद शर्ट और हल्के भूरे रंग की पैंट में नजर आते थे, लेकिन सत्ता में आते ही उनका अंदाज बदल गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या विजय आगे चलकर ऐसा संतुलन बनाएंगे, जिसमें वह अलग भी दिखें और जनता के बीच घुले-मिले भी लगें।

फिलहाल तो अनुमान लगाया जा रहा है कि चेन्नई में शायद कोई दर्जी किसी युवा ग्राहक के लिए नया ब्लेजर सिल रहा होगा... क्योंकि तमिलनाडु की राजनीति का ड्रेस कोड बदलता हुआ दिखाई दे रहा है।

ये खबरें भी पढ़ें...

थलपति विजय को लेकर CSK ने जारी की चेतावनी, फैंस से कहा ऐसा मत करना...

तमिलनाडु के 9वें CM बनेंगे सुपर स्टार विजय: TVK को 5 पार्टियों का समर्थन, शपथ आज सुबह 10 बजे

फैन क्लब से मुख्यमंत्री की दावेदारी तक, 15 साल में थलपति विजय ने कैसे जीता तमिलनाडु?

शपथ समारोह में पत्नी की जगह Thalapathy Vijay की कथित गर्लफ्रेंड रहीं मौजूद



Tags:
  • Thalapathy Vijay
  • तमिलनाडु
  • चेन्नई
  • जयललिता
  • सुपरस्टार थलापति विजय
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा