जमनालाल बजाज की विरासत: चेतक से EV तक, समय के साथ बदला हमारा बजाज
The Sootr | May 16, 2026, 21:54 IST
Photograph: (thesootr)
BHOPAL. बजाज ग्रुप ने 100 साल में सूत की मिल से 14 लाख करोड़ का साम्राज्य बनाया। ऑटो, फाइनेंस से अब ग्रीन एनर्जी और डिजिटल में विस्तार का सफर जारी है।
बजाज ग्रुप ने हाल ही में अपनी स्थापना के 100 साल पूरे किए हैं। 1926 में एक शुगर मिल से शुरू हुआ यह सफर आज 14 लाख करोड़ के कारोबारी साम्राज्य में बदल चुका है। परंपरा और आधुनिकता के मेल से बना यह समूह अब डिजिटल, ग्रीन एनर्जी और टेक-मोबिलिटी में नई उड़ान भरने को तैयार है।
![bajaj group]()
बजाज समूह (Bajaj Group) की जड़ें 1905 में महाराष्ट्र के वर्धा में हैं। वहां बछराज बजाज ने सूत कताई की एक छोटी मिल चलाई। इसी परिवार ने 11 मई 1926 को समूह की औपचारिक स्थापना की।
जमनालाल बजाज (Jamnalal Bajaj) ने महाराष्ट्र में एक शुगर मिल के साथ नई शुरुआत की। वह छोटी शुरुआत आज 14 लाख करोड़ रुपये के विशाल कारोबारी साम्राज्य में बदल चुकी है। समूह की यह यात्रा सिर्फ व्यापार की नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय विरासत की कहानी है।
बजाज समूह का पहला कारोबार चीनी उत्पादन (Sugar Production) था। यह परंपरा आज भी जीवित है। बजाज हिंदुस्तान शुगर मिल लिमिटेड एशिया की नंबर एक चीनी कंपनी है।
वैश्विक स्तर पर यह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी एकीकृत चीनी कंपनी मानी जाती है। साल 2022 में समूह ने एक और उपलब्धि हासिल की। यह अफीम प्रसंस्करण (Opium Processing) का लाइसेंस पाने वाली देश की पहली कंपनी बनी। यह उपलब्धि समूह की विविधता और नवाचार की क्षमता को दर्शाती है।
बजाज ऑटो (Bajaj Auto) भारतीय मन में गहरी जगह रखती है। 1970 के दशक में चेतक स्कूटर ने करोड़ों भारतीयों के दिल जीते। समय बदला तो कंपनी ने भी खुद को बदला। आज बजाज ऑटो का बाजार पूंजीकरण करीब 3 लाख करोड़ रुपए है।
यह दुनिया की सबसे मूल्यवान दोपहिया और तिपहिया कंपनियों में शामिल है। 108 देशों में निर्यात (Export) करने वाली यह कंपनी अफ्रीका और अन्य उभरते बाजारों में मजबूती से खड़ी है। अब EV मार्केट में भी कंपनी ने कदम रख दिया है।
बजाज फाइनेंस कंपनी (Bajaj Finance Company) को समूह की असली जान कहना गलत नहीं होगा। इसका मौजूदा बाजार पूंजीकरण करीब 6 लाख करोड़ रुपये है। यह कंपनी कर्ज, बीमा और धन प्रबंधन (Wealth Management) के क्षेत्र में अग्रणी है।
इसकी मूल कंपनी बजाज फिनसर्व का बाजार पूंजीकरण तीन लाख करोड़ रुपए के करीब है। इन दोनों कंपनियों ने वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में समूह को एक नई पहचान दिलाई है। आम भारतीय के लिए EMI और लोन का मतलब अब बजाज फाइनेंस बन चुका है।
बजाज इलेक्ट्रिकल्स (Bajaj Electricals) समूह की एक और मजबूत पहचान है। 1938 में कमलनयन बजाज ने इसे 'रेडियो लैंप वर्क्स' के नाम से शुरू किया था।
इटली में बने रेडियो लैंप से शुरू हुआ यह कारोबार आज एक बहुआयामी इलेक्ट्रिकल उत्पाद कंपनी बन चुका है। फिलहाल इसका बाजार पूंजीकरण करीब 4,442 करोड़ रुपये है। घरेलू उपकरणों से लेकर लाइटिंग सॉल्यूशंस तक कंपनी हर घर तक पहुंच चुकी है।
समूह अब स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र (Healthcare Sector) में भी बड़ा दांव लगाने जा रहा है। इस साल के अंत तक समूह 2,000 से 2,500 करोड़ रुपये का निवेश करेगा।
इस निवेश से अस्पताल, डायग्नोस्टिक्स, बीमा और रोगी देखभाल को एकसाथ जोड़ा जाएगा। यह मॉडल पारंपरिक अस्पताल श्रृंखलाओं से बिल्कुल अलग होगा। देश के अलग-अलग शहरों में इसका विस्तार होगा। यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
बजाज समूह अब भविष्य की तकनीक की ओर तेजी से बढ़ रहा है। डिजिटल पेमेंट (Digital Payment) और ऐप-बेस्ड फाइनेंस में समूह की मौजूदगी बढ़ रही है। ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
ग्रीन एनर्जी (Green Energy) और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग में विस्तार की योजना तैयार है। EV और टेक-मोबिलिटी सॉल्यूशंस (Tech Mobility Solutions) भी समूह की प्राथमिकता में हैं। 100 साल की यह विरासत अब आने वाले 100 सालों के लिए नई नींव रख रही है।
ये खबरें भी पढ़ें...
महाराष्ट्र सरकार का एक्शन: गूगल को ओला, उबर और रैपिडो ऐप हटाने के आदेश
मीडिया के एक वर्ग ने मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया: सीजेआई सूर्यकांत
भारत के पास हर समय होगा तीन करोड़ बैरल कच्चा तेल: UAE के साथ PM मोदी की ऐतिहासिक डील
Google Storage Update: गूगल ने बदली अपनी स्टोरेज पॉलिसी, बिना वेरिफिकेशन नहीं मिलेगा पूरा स्पेस
bajaj group
एक मिल से महासाम्राज्य तक
जमनालाल बजाज (Jamnalal Bajaj) ने महाराष्ट्र में एक शुगर मिल के साथ नई शुरुआत की। वह छोटी शुरुआत आज 14 लाख करोड़ रुपये के विशाल कारोबारी साम्राज्य में बदल चुकी है। समूह की यह यात्रा सिर्फ व्यापार की नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय विरासत की कहानी है।
चीनी कारोबार आज भी मजबूत
वैश्विक स्तर पर यह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी एकीकृत चीनी कंपनी मानी जाती है। साल 2022 में समूह ने एक और उपलब्धि हासिल की। यह अफीम प्रसंस्करण (Opium Processing) का लाइसेंस पाने वाली देश की पहली कंपनी बनी। यह उपलब्धि समूह की विविधता और नवाचार की क्षमता को दर्शाती है।
बजाज ऑटो : भारत की शान
यह दुनिया की सबसे मूल्यवान दोपहिया और तिपहिया कंपनियों में शामिल है। 108 देशों में निर्यात (Export) करने वाली यह कंपनी अफ्रीका और अन्य उभरते बाजारों में मजबूती से खड़ी है। अब EV मार्केट में भी कंपनी ने कदम रख दिया है।
बजाज फाइनेंस: समूह की ताकत
इसकी मूल कंपनी बजाज फिनसर्व का बाजार पूंजीकरण तीन लाख करोड़ रुपए के करीब है। इन दोनों कंपनियों ने वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में समूह को एक नई पहचान दिलाई है। आम भारतीय के लिए EMI और लोन का मतलब अब बजाज फाइनेंस बन चुका है।
बजाज इलेक्ट्रिकल्स का सफर
इटली में बने रेडियो लैंप से शुरू हुआ यह कारोबार आज एक बहुआयामी इलेक्ट्रिकल उत्पाद कंपनी बन चुका है। फिलहाल इसका बाजार पूंजीकरण करीब 4,442 करोड़ रुपये है। घरेलू उपकरणों से लेकर लाइटिंग सॉल्यूशंस तक कंपनी हर घर तक पहुंच चुकी है।
हेल्थकेयर में बड़ी छलांग
इस निवेश से अस्पताल, डायग्नोस्टिक्स, बीमा और रोगी देखभाल को एकसाथ जोड़ा जाएगा। यह मॉडल पारंपरिक अस्पताल श्रृंखलाओं से बिल्कुल अलग होगा। देश के अलग-अलग शहरों में इसका विस्तार होगा। यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
डिजिटल और ग्रीन भविष्य
ग्रीन एनर्जी (Green Energy) और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग में विस्तार की योजना तैयार है। EV और टेक-मोबिलिटी सॉल्यूशंस (Tech Mobility Solutions) भी समूह की प्राथमिकता में हैं। 100 साल की यह विरासत अब आने वाले 100 सालों के लिए नई नींव रख रही है।
ये खबरें भी पढ़ें...
महाराष्ट्र सरकार का एक्शन: गूगल को ओला, उबर और रैपिडो ऐप हटाने के आदेश
मीडिया के एक वर्ग ने मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया: सीजेआई सूर्यकांत
भारत के पास हर समय होगा तीन करोड़ बैरल कच्चा तेल: UAE के साथ PM मोदी की ऐतिहासिक डील
Google Storage Update: गूगल ने बदली अपनी स्टोरेज पॉलिसी, बिना वेरिफिकेशन नहीं मिलेगा पूरा स्पेस
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
By VINAY VERMA
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान
By Ashish Bhardwaj
वेदांता ग्रुप को जल्द नया और युवा नेतृत्व मिलेगा: प्रिया अग्रवाल हेब्बर हो सकती हैं उत्तराधिकारी, कौन सी जिम्मेदारी मिलेगी?
By Arohi Raj
हाईकोर्ट की फटकार से जागा स्वास्थ्य विभाग: सचिव अमित कटारिया पर लगा जुर्माना, लापरवाही में कांकेर CMHO सस्पेंड
By Umeshwari Baghel