भारत में AI बना पहली पसंद, 60% भारतीय अब चैटबॉट से शुरू करते हैं सर्च

Jitendra Shrivastava | Jul 16, 2026, 23:55 IST
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भारत में AI बना पहली पसंद
Photograph: (THESOOTR)

NEW DELHI. नई रिपोर्ट के मुताबिक 60% भारतीय दिन की शुरुआत AI असिस्टेंट से सर्च करके करते हैं। शहरी इलाकों में यह आंकड़ा 89% तक है। जेन जी और मिलेनियल्स में यह ट्रेंड सबसे ज्यादा है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • 60% भारतीय अब सुबह सबसे पहले AI से पूछते हैं सवाल।
  • शहरी भारत में 89% लोग सर्च के लिए AI का सहारा।
  • जेन जी में 67% रोज करते हैं AI असिस्टेंट का इस्तेमाल।
  • AI से जवाब मिलते ही 28% लोग सर्च करना बंद कर देते हैं।
  • 69% भारतीय AI पर भरोसा करते हैं, पर सर्च इंजन से कम।
नई रिपोर्ट के मुताबिक AI भारतीयों के लिए जानकारी खोजने का भरोसेमंद जरिया बन गया है। 60% भारतीय दिन की शुरुआत AI असिस्टेंट से करते हैं।

शहरी इलाकों में यह आंकड़ा 89% तक पहुंच गया है। जेन जी और मिलेनियल्स में यह ट्रेंड सबसे तेज है। हालांकि, AI ने अभी सर्च इंजन की जगह पूरी तरह नहीं ली है।

AI बन रहा जरूरी हिस्सा

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब लोगों की रोजमर्रा जिंदगी का जरूरी हिस्सा बनता जा रहा है। यह बात YouGov की एक नई रिपोर्ट से साफ होती है।

रिपोर्ट का नाम है "हाउ AI इज चेंजिंग ऑनलाइन डिस्कवरी इन 2026"। इसके मुताबिक AI असिस्टेंट सर्च इंजन की जगह नहीं ले रहा, बल्कि उसे और बेहतर बना रहा है।

60% लोग सुबह सबसे पहले AI से पूछते हैं

भारत में इंटरनेट पर कुछ भी खोजने के लिए 60% लोग अब दिन की शुरुआत किसी AI असिस्टेंट से करते हैं। यह रोजमर्रा जिंदगी में इस टेक्नोलॉजी की बढ़ती अहमियत दिखाता है।

शहरी इलाकों की बात करें तो यहां सर्च करने वाले 89% लोग किसी न किसी तरह AI असिस्टेंट का इस्तेमाल करते हैं। इससे भारत AI असिस्टेड सर्च अपनाने वाले सबसे तेज देशों में शामिल हो गया है।

युवाओं में सबसे ज्यादा चलन

यह ट्रेंड खासकर युवा यूजर्स के बीच ज्यादा देखा जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार 67% जेन जी और 65% मिलेनियल्स रोजाना कम से कम एक नई सर्च के लिए AI असिस्टेंट इस्तेमाल करते हैं। वहीं बड़ी उम्र के लोगों में यह आंकड़ा सिर्फ 30% ही है। हालांकि नतीजे बताते हैं कि AI ने अभी सर्च इंजन की जगह पूरी तरह नहीं ली है।

सर्च इंजन का इस्तेमाल अब भी जारी

AI चैटबॉट इस्तेमाल करने वाले सिर्फ 27% लोग ही ऑनलाइन सर्च के लिए इसे अपना पहला जरिया मानते हैं। जबकि 36% लोग पहले सर्च इंजन या दूसरे सोर्स से जानकारी लेते हैं, फिर AI का इस्तेमाल करते हैं।

बाकी 26% लोग जानकारी के कई दूसरे जरियों के साथ-साथ AI का भी इस्तेमाल करते हैं। इसके बावजूद AI से मिला जवाब अक्सर सर्च प्रक्रिया का आखिरी कदम नहीं होता।

लिंक पर क्लिक और तुलना का रुझान

आम तौर पर करीब एक-तिहाई यानी 33% यूजर AI असिस्टेंट से मिले लिंक पर क्लिक करते हैं। वहीं 19% लोग कोई कदम उठाने से पहले उस जानकारी की तुलना दूसरी वेबसाइटों से करते हैं।

28% लोगों का कहना है कि AI से जवाब मिलने के बाद वे सर्च करना बंद कर देते हैं। इससे साफ है कि AI में लोगों की जरूरत सीधे पूरी करने की क्षमता बढ़ रही है।

इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा

भारत में AI इस्तेमाल करने वाले तीन-चौथाई यानी 75% लोगों का कहना है कि वे एक साल पहले की तुलना में अब ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। वहीं 68% लोगों को उम्मीद है कि अगले 12 महीनों में उनका इस्तेमाल और बढ़ेगा।

यह रिसर्च एक ऐसे सर्च इकोसिस्टम की ओर इशारा करती है, जहां फैसले लेने से पहले लोग AI असिस्टेंट, सर्च इंजन, वेबसाइट, सोशल मीडिया और मार्केटप्लेस के बीच लगातार आते-जाते रहते हैं।

तेजी और सुविधा सबसे बड़ी वजह

भारतीय यूजर्स के लिए AI की सबसे बड़ी खूबी इसकी तेजी और सुविधा है। करीब आधे यानी 49% लोग सवालों के सीधे जवाब पाने के लिए AI का इस्तेमाल करते हैं।

44% लोग दूसरे सोर्स से मिली जानकारी को वेरिफाई करने के लिए AI पर भरोसा करते हैं। वहीं 43% लोग कंटेंट की समरी बनाने के लिए और इतने ही लोग फैसला लेने से पहले तुलना करने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं।

भरोसा है, पर सर्च इंजन से थोड़ा कम

भारत में ऑनलाइन सर्च करने वाले 69% लोगों का कहना है कि वे AI असिस्टेंट से मिली जानकारी पर भरोसा करते हैं। हालांकि यह भरोसा सर्च इंजन और मैप्स के मुकाबले थोड़ा कम है।

लोगों के मुताबिक भरोसा बढ़ाने के लिए सबसे जरूरी है कि जवाब आधिकारिक सोर्स और कई संदर्भों पर आधारित हों। साथ ही यह भी साफ बताया जाए कि AI जवाब कैसे तैयार करता है।

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