मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

VINAY VERMA | Sept 28, 2026, 22:04 IST
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मंत्रालय में बड़ा फेरबदल<br>
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल

छत्तीसगढ़ के सामान्य प्रशासन विभाग ने हाल ही में 38 अनुभाग अधिकारियों की नई पदस्थापना की है, जिसमें 36 अधिकारियों को नए विभागों में भेजा गया है। गृह, वित्त, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ये बदलाव हुए हैं। इससे मंत्रालय का कामकाज और कार्यप्रणाली में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है, जिससे नए जिम्मेदारियों से कार्यक्षमता में भी बदलाव आएगा।

रायपुर। छत्तीसगढ़ मंत्रालय में एक बार फिर बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। सामान्य प्रशासन विभाग ने 28 सितंबर को आदेश जारी कर 38 अनुभाग अधिकारियों की नई पदस्थापना और प्रभार तय किया है। इनमें 36 अधिकारियों को नए विभागों में भेजा गया है, जबकि 2 अधिकारियों को उनके मौजूदा विभाग में ही रखा गया है। यानी मंत्रालय में एक साथ बड़ी संख्या में अनुभाग अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदल दी गई हैं।

गृह से वित्त तक बदलाव

नई सूची में गृह, वित्त, राजस्व, वन, शिक्षा, जल संसाधन, वाणिज्य एवं उद्योग, चिकित्सा शिक्षा समेत कई अहम विभाग शामिल हैं। दिनकर गजभिये को योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग से गृह के NRI Cell में भेजा गया है। घासीराम नेताम को समाज कल्याण से जल संसाधन और गुलाब साव को वाणिज्य एवं उद्योग से वित्त विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।

छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अक्टूबर से बदलेगा पढ़ाई का तरीका, कठिन विषयों की होंगी लाइव ऑनलाइन क्लास
26 Sept 2026 ,
By Harrison Masih
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई को आसान और बेहतर बनाने के लिए अब ऑनलाइन लाइव क्लास का सहारा लिया जाएगा। अक्टूबर से प्रदेश के स्कूलों में गणित, भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान जैसे विषयों की संभाग स्तर पर लाइव कक्षाएं शुरू होंगी। इन क्लास में विषय के जानकार शिक्षक बच्चों को पढ़ाएंगे और पढ़ाई के दौरान आने वाली शंकाओं का भी समाधान करेंगे।
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई को आसान और बेहतर बनाने के लिए अब ऑनलाइन लाइव क्लास का सहारा लिया जाएगा। अक्टूबर से प्रदेश के स्कूलों में गणित, भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान जैसे विषयों की संभाग स्तर पर लाइव कक्षाएं शुरू होंगी। इन क्लास में विषय के जानकार शिक्षक बच्चों को पढ़ाएंगे और पढ़ाई के दौरान आने वाली शंकाओं का भी समाधान करेंगे।

मुख्यमंत्री सचिवालय में पदस्थ प्रतिभा हुमने को समाज कल्याण विभाग भेजा गया है। जयश्री सोनकर को आवास एवं पर्यावरण से योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की जिम्मेदारी मिली है। वहीं शकुन्तला तिर्की को परिवहन से राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग भेजा गया है।

वित्त विभाग से कई अफसर बाहर

फेरबदल में वित्त विभाग भी खास तौर पर प्रभावित हुआ है। प्रतिभा पंचभावे को उच्च शिक्षा से वित्त विभाग, मधुकांत चौबे को खनिज से वित्त, रमा डण्डोतिया को गृह के NRI Cell से वित्त और मनीराम रात्रे को गृह से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भेजा गया है।

मेरी रोज कुजूर को वित्त से कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग और आरती भोंसले को वित्त से उच्च शिक्षा विभाग भेजा गया है। सुमन गढ़पाले को वित्त विभाग से परिवहन विभाग की जिम्मेदारी मिली है।

झीरम केस के फैसले पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई, आरोपियों के खिलाफ सबूतों की होगी समीक्षा
25 Sept 2026 ,
By Harrison Masih
झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में 10 दोषियों को दी गई मौत की सजा का मामला अब छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में समीक्षा के लिए पहुंच गया है। उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच इस मामले में ट्रायल कोर्ट के निर्णय और सबूतों का पुनरावलोकन करेगी। यदि दोषियों की ओर से अपील की जाती है, तो सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में 10 दोषियों को दी गई मौत की सजा का मामला अब छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में समीक्षा के लिए पहुंच गया है। उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच इस मामले में ट्रायल कोर्ट के निर्णय और सबूतों का पुनरावलोकन करेगी। यदि दोषियों की ओर से अपील की जाती है, तो सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

शिक्षा और स्वास्थ्य में भी बदलाव

स्कूल शिक्षा विभाग में भी नई जिम्मेदारी दी गई है। कमलेश कुमार धनगर को जल संसाधन से स्कूल शिक्षा विभाग भेजा गया है, जबकि सुनीता मरसकोले को स्कूल शिक्षा से सहकारिता विभाग में पदस्थ किया गया है।

स्वास्थ्य से जुड़े अनुभाग अधिकारियों में भी बदलाव हुआ है। डीआर ध्रुव को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग भेजा गया है। डॉ. संयोगिता चन्द्राकर को स्वास्थ्य से योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की जिम्मेदारी मिली है। ग्रीष्मा राठौर और संदीप शेण्डे को चिकित्सा शिक्षा विभाग भेजा गया है।

अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
28 Sept 2026 ,
By VINAY VERMA
कोरबा का लाइफ केयर हॉस्पिटल 2011 में भ्रूणों के विभिन्न बोतलों में पाए जाने के मामले में विवाद में रहा है। निचली अदालत ने डॉक्टरों को बरी कर दिया था, लेकिन राज्य सरकार ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। अब हाईकोर्ट ने मेटरनिटी एक्ट के तत्वावधान में डॉक्टरों को दोषी ठहराया है, जिससे अस्पतालों के भीतर भ्रूण संरक्षण संबंधी नियमों पर गंभीर प्रश्न उठ खड़े हुए हैं।
कोरबा का लाइफ केयर हॉस्पिटल 2011 में भ्रूणों के विभिन्न बोतलों में पाए जाने के मामले में विवाद में रहा है। निचली अदालत ने डॉक्टरों को बरी कर दिया था, लेकिन राज्य सरकार ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। अब हाईकोर्ट ने मेटरनिटी एक्ट के तत्वावधान में डॉक्टरों को दोषी ठहराया है, जिससे अस्पतालों के भीतर भ्रूण संरक्षण संबंधी नियमों पर गंभीर प्रश्न उठ खड़े हुए हैं।

कुछ अफसरों को राहत

पूरी सूची में दो अधिकारियों की जिम्मेदारी नहीं बदली गई है। ओंकार राम भूआर्य को धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग में ही रखा गया है, जबकि कांति सूर्यवंशी महिला एवं बाल विकास विभाग में यथावत रहेंगी। कुमुदनी एक्का को भी वित्त विभाग में ही रखा गया है। यानी सूची में कुल तीन अधिकारियों की मौजूदा जिम्मेदारी कायम रही है।

मंत्रालय में फिर बढ़ी हलचल

इसके अलावा हीरामणी राणा को वन एवं जलवायु परिवर्तन, विद्याभुषण को गृह, दीपिका देवांगन को वाणिज्य एवं उद्योग, संतोष कुमार महिलांग को वन एवं जलवायु परिवर्तन, अरूण कुमार रोहिदास को मछली पालन, इन्द्रपाल सिंह को सामान्य प्रशासन विभाग के विधिक प्रकोष्ठ और राजपाल बघेल को खनिज साधन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।

हाईकोर्ट की फटकार से जागा स्वास्थ्य विभाग: सचिव अमित कटारिया पर लगा जुर्माना, लापरवाही में कांकेर CMHO सस्पेंड
28 Sept 2026 ,
By VINAY VERMA
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया को समय पर जवाब न देने पर जुर्माना लगाया। इसके परिणामस्वरूप, CMHO डॉ. रामचंद्र ठाकुर को निलंबित कर दिया गया। डॉ. ठाकुर पर यह कार्रवाई गंभीर लापरवाही के कारण की गई। विभाग ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम का उल्लंघन माना है। निलंबित होने पर भी डॉ. ठाकुर को जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया को समय पर जवाब न देने पर जुर्माना लगाया। इसके परिणामस्वरूप, CMHO डॉ. रामचंद्र ठाकुर को निलंबित कर दिया गया। डॉ. ठाकुर पर यह कार्रवाई गंभीर लापरवाही के कारण की गई। विभाग ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम का उल्लंघन माना है। निलंबित होने पर भी डॉ. ठाकुर को जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।

विजय लाल जाटवर को साप्रवि की लेखा शाखा, मिर्जा आयाज को लोकभवन सचिवालय, अश्वनी भतपहरी को खनिज साधन और संगीता नायक को ग्रामोद्योग विभाग भेजा गया है। आदेश के बाद मंत्रालय के कई विभागों में कामकाज का समीकरण बदलना तय है।
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