HC को जवाब देने में मनमानी, कोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव को किया तलब, नाराज सरकार ने लापरवाह CMHO को किया सस्पेंड
VINAY VERMA | Sept 28, 2026, 18:47 IST
IAS कटारिया का कटा जुर्माना
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया को समय पर जवाब न देने पर जुर्माना लगाया। इसके परिणामस्वरूप, CMHO डॉ. रामचंद्र ठाकुर को निलंबित कर दिया गया। डॉ. ठाकुर पर यह कार्रवाई गंभीर लापरवाही के कारण की गई। विभाग ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम का उल्लंघन माना है। निलंबित होने पर भी डॉ. ठाकुर को जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
Raipur। हाईकोर्ट में चल रहे एक मामले में लापरवाही पूरे स्वास्थ्य विभाग पर भारी पड़ गई है। समय पर जवाब नहीं देने पर छग हाईकोर्ट ने न केवल स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया को तलब किया, बल्कि सचिव पर 3 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। कानूनी प्रक्रिया के बीच अमित कटारिया ने जुर्माना भरकर दफ्तर वापसी की। जिसके बाद जिम्मेदार सीएमएचओ डॉ. रामचन्द्र ठाकुर पर कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इसका आदेश जारी किया है।
मामला हाईकोर्ट बिलासपुर से जुड़ा है। प्रकरण डॉ. लखन जुरी विरुद्ध छत्तीसगढ़ शासन है। 13 अगस्त 2026 के आदेश के बाद कांकेर CMHO डॉ. ठाकुर को इस केस में शासन की ओर से प्रभारी अधिकारी बनाया गया था। यानी कोर्ट में शासन का पक्ष रखने और जरूरी जवाब समय पर पहुंचाने की जिम्मेदारी उन्हीं की थी।
महाधिवक्ता कार्यालय ने 7 और 9 सितंबर को स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजकर मामले में कार्रवाई के लिए कहा था। इसके बाद विभाग ने 16 सितंबर को डॉ. ठाकुर को साफ निर्देश दिया कि 25 सितंबर से पहले हाईकोर्ट में जवाबदावा पेश किया जाए। इसके बावजूद तय समय-सीमा में जवाब दाखिल नहीं किया गया।
जवाब नहीं पहुंचने का सीधा असर शासन पर पड़ा। हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दे दिया। इतना ही नहीं, कोर्ट के निर्देश पर 3 हजार रुपए भी जमा कराने पड़े। इसके बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और ब्डभ्व् पर कार्रवाई की।
विभाग के आदेश में कहा गया है कि संवेदनशील न्यायालयीन मामले में तय समय पर जवाब नहीं देना गंभीर लापरवाही है। इसे कर्तव्य के प्रति उदासीनता और पदीय जिम्मेदारी निभाने में विफलता माना गया है। विभाग ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम का उल्लंघन बताया है।
सरकार ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियम के तहत डॉ. ठाकुर को निलंबित किया है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय बस्तर संभाग के स्वास्थ्य सेवाओं के संयुक्त संचालक कार्यालय में रहेगा। बिना अनुमति वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
निलंबन अवधि में डॉ. ठाकुर को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। हालांकि इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य विभाग के न्यायालयीन मामलों की निगरानी पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। क्योंकि एक जवाब समय पर दाखिल नहीं होने का असर सीधे विभाग के सचिव तक पहुंचा और सरकार को अपने ही अधिकारी पर कार्रवाई करनी पड़ी।
हाईकोर्ट में चल रहा था मामला
25 सितंबर तक देना था जवाब
अफसर की गलती, सचिव को भुगतना पड़ा
सरकार ने माना गंभीर कदाचार
तत्काल प्रभाव से निलंबन
निलंबन में भी मिलेगा भत्ता
FAQ - अक्सर पूछे जानें वाले सवाल
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने क्यों स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया पर जुर्माना लगाया?
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया पर समय पर जवाब न देने के कारण 3000 रुपए का जुर्माना लगाया।- डॉ. रामचंद्र ठाकुर को क्यों निलंबित किया गया?
डॉ. रामचंद्र ठाकुर को इसलिए निलंबित किया गया क्योंकि उन्होंने हाईकोर्ट में समय पर जवाब दाखिल नहीं किया, जो कि गंभीर लापरवाही मानी गई। - क्या निलंबन की अवधि में डॉ. ठाकुर को कोई भत्ता मिलेगा?
हाँ, निलंबन की अवधि के दौरान डॉ. ठाकुर को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
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