अम्बेडकर अस्पताल में 725 पद खाली, 494 नए पदों की भी जरूरत,मरीजों की आफत

Arun Tiwari | Aug 20, 2026, 16:56 IST
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मेकाहारा और DKS अस्पताल में स्टाफ का टोटा
मेकाहारा और DKS अस्पताल में स्टाफ का टोटा

रायपुर के अम्बेडकर अस्पताल, डीकेएस और कैंसर अस्पताल में 725 पद खाली हैं। बढ़े बेड के हिसाब से 494 नए पदों की जरूरत है। सरकार ने भर्ती प्रक्रिया 3 से 4 महीने में पूरी करने का लक्ष्य रखा है।

Raipur : राजधानी के सबसे बड़े अस्पताल और मेडिकल कॉलेज डॉ भीमराव अम्बेडकर अस्पताल, डीकेएस अस्पताल और 100 बिस्तर वाले कैंसर अस्पताल के स्वीकृत सेटअप में कुल 1382 पद हैं। इनमें से 657 पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 725 पद रिक्त हैं। सरकार के अनुसार तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की भर्ती के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है और प्रक्रिया जारी है। पदों की स्वीकृति मिलने के बाद 3 से 4 महीने में भर्ती की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

बीमार हैं अस्पताल

जानकारी के अनुसार डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, डीकेएस अस्पताल और 100 बिस्तर वाले कैंसर अस्पताल के लिए स्वीकृत सेटअप के तहत द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कुल 1382 पद स्वीकृत हैं। इनमें 657 पद भरे हुए हैं और 725 पद खाली हैं। शासकीय हृदय रोग संस्थान यानी एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में वर्तमान में 31 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध है। स्वीकृत सेटअप के अनुसार द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कुल 53 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 21 पद भरे हुए हैं, जबकि 32 पद रिक्त हैं। सरकार का कहना है कि इन रिक्त पदों को भी भरा जाएगा और अनुमति प्राप्त होने के बाद 3 से 4 महीने में भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य है।

अम्बेडकर अस्पताल में पहले 700 बेड, अब 1355

मरीजों के लिए अस्पतालों में उपलब्ध बिस्तरों की संख्या में भी बड़ा बदलाव हुआ है। जानकारी के मुताबिक डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय में पहले 700 बिस्तरों की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध थी, जबकि डीकेएस अस्पताल में 450 बिस्तरों की सुविधा थी। जून 2026 की स्थिति में अम्बेडकर अस्पताल में मरीजों के लिए 1355 बिस्तर और डीकेएस अस्पताल में 450 बिस्तर की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है। यानी अम्बेडकर अस्पताल में बिस्तरों की संख्या पहले के मुकाबले काफी बढ़ी है।

1355 बेड के हिसाब से करीब 1600 पद चाहिए

उपलब्ध सुविधा के अनुसार एनएमसी, आईएनसी और शासन के सामान्य मानकों को ध्यान में रखते हुए 1355 बिस्तरों के लिए द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के लगभग 1600 पद होने चाहिए। इसी तरह 450 बिस्तरों के लिए लगभग 600 पद होने का अनुमान है। इस हिसाब से दोनों अस्पतालों में मौजूदा स्वीकृत पदों की तुलना में बड़ी संख्या में अतिरिक्त पदों की जरूरत सामने आती है। वर्तमान स्वीकृत पदों और अनुमानित आवश्यकता के बीच अंतर भी स्पष्ट किया गया है। डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय 1355 बिस्तरों के लिए वर्तमान में 1250 पद स्वीकृत हैं, जबकि डीकेएस अस्पताल 450 बिस्तरों के लिए 456 पद स्वीकृत हैं। मानकों के अनुसार अम्बेडकर अस्पताल में करीब 350 अतिरिक्त पद और डीकेएस अस्पताल में करीब 144 अतिरिक्त पदों की आवश्यकता होगी। इस तरह दोनों अस्पतालों के लिए कुल मिलाकर लगभग 494 अतिरिक्त पदों की जरूरत बनती है।

3-4 महीने में भर्ती का लक्ष्य

सरकार ने स्पष्ट किया है कि पदों की स्वीकृति और अनुमति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भर्ती की कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार पदों की स्वीकृति एवं भर्ती की कार्रवाई 3-4 महीने में पूरी कर ली जाएगी। इससे राजधानी के दोनों बड़े शासकीय अस्पतालों में बढ़ी हुई बेड क्षमता के अनुरूप मानव संसाधन उपलब्ध कराने की उम्मीद है। खासतौर पर अम्बेडकर अस्पताल में 700 से बढ़कर 1355 बिस्तरों की सुविधा होने के बाद अतिरिक्त कर्मचारियों की जरूरत को देखते हुए नए पदों की स्वीकृति और भर्ती महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

FAQ

  1. रायपुर अम्बेडकर अस्पताल में कितने पद खाली हैं?
    डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल, डीकेएस अस्पताल और कैंसर अस्पताल में कुल 725 पद खाली हैं।
  2. अम्बेडकर अस्पताल में कितने नए पदों की जरूरत है?
    बढ़ी हुई बेड क्षमता के अनुसार अम्बेडकर और डीकेएस अस्पताल में करीब 494 नए पदों की जरूरत है।
  3. अस्पतालों में भर्ती प्रक्रिया कब तक पूरी होगी?
    सरकार के अनुसार पदों की स्वीकृति मिलने के बाद 3 से 4 महीने में भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य है।

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