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Union Budget 2026 लाइव अपडेट्स
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सीतारमण ने कहा कि माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास जयंती के इस पावन मौके पर मैं बजट पेश कर रही हूं।
उन्होंने आगे कहा कि हमने 12 साल पहले सरकार संभाली थी, और तब से देश के आर्थिक हालात काफी बेहतर हुए हैं। पीएम मोदी की अगुआई में हमारी सरकार ने लगातार काम किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने घरेलू विनिर्माण क्षमता को मजबूत किया और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा दिया। आम लोगों को प्राथमिकता दी गई। सरकार ने बयानबाजी की जगह सुधारों को चुना और मोदी सरकार ने असमंजस छोड़कर फैसले लेने का रास्ता अपनाया।
उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा लगातार आर्थिक वृद्धि और नियंत्रित महंगाई के साथ आगे बढ़ी है। नीतिगत फैसलों से मजबूत मैक्रो-आर्थिक स्थिरता भी बनी है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला केंद्रीय बजट है। उन्होंने देश की जनता का आभार जताया और कहा कि हम विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में मजबूती से खड़े हैं।
बजट के 3 मुख्य कर्तव्य
पहला कर्तव्य: आर्थिक विकास को तेज़ और सतत बनाए रखना।
दूसरा कर्तव्य: लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमताओं का निर्माण करना।
तीसरा कर्तव्य: 'सबका साथ, सबका विकास' के सिद्धांत के अनुरूप समावेशी विकास।
उन्होंने यह भी कहा कि इन तीन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सहायक परिवेश, दक्ष पूंजी आवंटन और जोखिम प्रबंधन बहुत ज़रूरी हैं।
बजट के बड़े ऐलान
कैंसर और शुगर की दवाइयां सस्ती होंगी।
बैटरी और विमानों का ईंधन सस्ता होगा।
सरकार ने कस्टम ड्यूटी घटाने का ऐलान किया है।
*गैर-ऑडिट ट्रस्ट्स के लिए टैक्स फाइलिंग समयसीमा बढ़ी:* अब 31 अगस्त तक फाइलिंग की जा सकती है।
ITR-1 और ITR-2 फॉर्म्स की फाइलिंग डेडलाइन:* 31 जुलाई तक तय की गई है।
रिटर्न संशोधन की समयसीमा बढ़ी:* अब 31 मार्च तक रिटर्न को संशोधित किया जा सकता है, इसमें मामूली शुल्क लगेगा।
*कर्ज-जीडीपी अनुपात में गिरावट:* वित्त मंत्री के अनुसार, यह 56.1 प्रतिशत से घटकर 55.6 प्रतिशत हो जाएगा।
*अपराध से बाहर होगी खातों की अनुपस्थिति:* आयकर अधिनियम के तहत, अब खातों की अनुपस्थिति को अपराध नहीं माना जाएगा।
*अभियोजन ढांचा सरल होगा:* आयकर कानून में अभियोजन के प्रक्रिया को सरल बनाने की योजना।
*न्यूनतम कर भुगतान घटाया गया:* 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा।
- *वैल्यूएशन और पेनल्टी प्रक्रिया एकीकृत होगी:* टैक्स प्रक्रिया को और सरल बनाया जाएगा।
*विदेशी संपत्ति घोषणा योजना:* छात्रों और युवा पेशेवरों के लिए नई योजना लागू की जाएगी।
*IT सेवाओं के लिए सेफ हार्बर सीमा बढ़ी:* अब सीमा 2,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाई जाएगी।
*15.5 प्रतिशत सामान्य सेफ हार्बर मार्जिन:* यह सभी IT सेवाओं पर लागू होगा।
विदेशी संपत्ति गैर-घोषणा पर सुरक्षा: कुछ विदेशी संपत्तियों की गैर-घोषणा पर अभियोजन से सुरक्षा दी जाएगी।
विदेश यात्रा पैकेज पर TCS: विदेश यात्रा कार्यक्रम के पैकेज की बिक्री पर TCS दर अब 2% होगी, जो पहले 5% और 20% थी। इसके लिए कोई राशि की शर्त नहीं होगी।
मोटर एक्सीडेंट क्लेम: मोटर एक्सीडेंट क्लेम पर मिलने वाले ब्याज पर अब आयकर नहीं लगेगा और TDS भी नहीं काटा जाएगा।
पर्यटन और पर्यावरण पहल: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ पर्वतीय ट्रेल्स बनाई जाएंगी, साथ ही अराकू वैली और पश्चिमी घाट में भी ऐसी ट्रेल्स विकसित की जाएंगी। ओडिशा, कर्नाटक और केरल में कछुआ घोंसले वाले क्षेत्रों के पास कछुआ ट्रेल्स बनेंगे।
कृषि क्षेत्र में बदलाव: 'भारत विस्तार' के तहत AI टूल का इस्तेमाल किया जाएगा, जो किसानों और कृषि व्यवसायियों को स्मार्ट और आसान एक्सेस देगा।
SHE मार्क्स: महिला उद्यमियों को सपोर्ट करने के लिए SHE (Self-help Entrepreneur) मार्क्स को कम्युनिटी-स्वामित्व वाली खुदरा दुकानों के रूप में स्थापित किया जाएगा।
मोटर एक्सीडेंट क्लैम: मोटर एक्सीडेंट क्लैम को इनकम टैक्स से छूट दी जाएगी।
टैक्स अनुमान: कुल टैक्स 34 लाख करोड़ रुपये का है।
कैपिटल एक्सपेंडिचर: 11 लाख करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।
बजट एस्टिमेट: कुल बजट 36.5 लाख करोड़ रुपये का है।
नया टैक्स एक्ट:
नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा
सिंपल फॉर्म: टैक्स फॉर्म को सरल और आम आदमी के लिए आसान बनाया गया है।
ओवरसीज टूर टैक्स: ओवरसीज टूर पर 5% की बजाय 2% टैक्स होगा।
एजुकेशन और मेडिकल टैक्स: एजुकेशन और मेडिकल पर 5% की जगह 2% टैक्स होगा।
एम्प्लाईज हायरिंग टैक्स: एम्प्लाईज हायरिंग पर 1% से 2% टैक्स होगा।
किसानों के लिए AI आधारित एग्री टूल्स की शुरुआत की जाएगी।
हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा।
पश्चिम बंगाल के डानकुनी के लिए एक नया फ्रेट कॉरिडोर बनाए जाने का ऐलान किया गया है।
इंफ्रा पर बड़ा खर्च: अगले वित्त वर्ष (2026-27) के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपए का कैपेक्स तय किया गया है, जो पिछले साल के 11.2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है।
रेयर अर्थ कॉरिडोर: केरल, तमिलनाडु और ओडिशा में दुर्लभ खनिजों के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे, और आंध्र प्रदेश को भी जोड़ा जाएगा ताकि खनिज संपन्न राज्यों को फायदा हो।
टेक्सटाइल सेक्टर: देश में बड़े टेक्सटाइल पार्क्स बनाए जाएंगे।
10,000 करोड़ रुपए के निवेश के साथ 'बायो-फार्मा शक्ति' योजना शुरू होगी, जिसके तहत तीन नए संस्थान खोले जाएंगे।
भारत अपना सेमीकंडक्टर मिशन ISM 2.0 लॉन्च करेगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स पर जोर: मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स के कलपुर्जे बनाने के लिए बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपए कर दिया गया है।
कनेक्टिविटी के लिए:
सी प्लेन सपोर्ट: देश में सी प्लेन बनाने वालों को सपोर्ट दिया जाएगा।
7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर: 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिनमें मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, और सिलिगुड़ी से वाराणसी शामिल होंगे।
हाई लेवल बैंकिंग कमेटी: विकसित भारत के लिए एक हाई लेवल बैंकिंग कमेटी बनाई जाएगी।
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आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट बढ़ाया जाएगा।
युवाओं के लिए करियर पाथवे स्कीम लाई जाएगी।
अगले 5 साल में 1 लाख हेल्थकेयर प्रोफेशनल और 1.5 लाख केयर गिवर्स को ट्रेनिंग दी जाएगी।
आयुर्वेद के 3 नए एम्स और नेशनल लैब्स बनाए जाएंगे।
जामनगर में WHO ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर खोला जाएगा।
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वित्त मंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट बनाने के लिए 40 हजार करोड़ रुपए दिए जाएंगे।
1000 मान्यता प्राप्त क्लीनिकल साइट्स बनाई जाएंगी, जहां साइंटिफिक रिव्यू किए जा सकेंगे।
सेमीकंडक्टर मिशन के तहत प्रोडक्शन और भारतीय आईपी बनाने के लिए प्रावधान किया गया है, साथ ही सप्लाई चेन भी तैयार की जाएगी।
रियर अर्थ मटेरियल के लिए ओडिशा, तमिलनाडु, और आंध्र प्रदेश में डेडिकेटेड फैसिलिटी बनाने की पहल की गई है। इसके लिए डेडिकेटेड मिनरल पार्क भी बनाए जाएंगे।
बॉयोफार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपए अगले 5 साल में खर्च किए जाएंगे।
बॉयोफार्मा सेक्टर को और मजबूत बनाने के लिए तीन नए नाइपर्स इंस्टीट्यूट खोले जाएंगे।
सीतारमण ने कहा कि मेगा टैक्सटाइल पार्क बनाए जाएंगे।
टेक्सटाइल सेक्टर के लिए नेशनल फाइबर स्कीम, मैन मेड फाइबर और एडवांस्ड फाइबर की योजना बनाई जाएगी।
नेशनल हैंडलूम पॉलिसी के तहत कारीगरों को प्रोत्साहन और मदद मिलेगी, और एकेडमिक इंस्टीट्यूट से तकनीकी मदद मिल सकेगी।
महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना के तहत खादी को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोडक्शन, ट्रेनिंग और मार्केटिंग की व्यवस्था होगी।
वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट योजना को बढ़ावा दिया जाएगा।
स्पोर्ट्स के लिए उपकरण डिजाइन और बनाने की योजना बनाई गई है।
इंडस्ट्रियल क्लस्टर के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी सुधारने के लिए एक स्कीम तैयार की गई है।
एमएसएमई के लिए एक "सेल्फ रिलायंट इंडिया फंड" बनाया जाएगा, जिससे माइक्रो इंटरप्राइजेज को मदद मिलेगी।
लिक्विडिटी सपोर्ट के लिए एक "ट्रांजेक्शन सैटलमेंट प्रोग्राम" शुरू किया जाएगा।
क्रेडिट गारंटी सपोर्ट मैकेनिज्म तैयार किया जाएगा, और GEM को ट्रेड से जोड़ा जाएगा।
एसेट बेस्ड सिक्योरिटी की योजना बनाई जाएगी।
प्रोफेशनल सपोर्ट के लिए शॉर्ट टर्म मॉड्युलर कोर्स डिजाइन करने के लिए सरकारी संस्थाओं को निर्देश दिए गए हैं।
टियर-2 और टियर-3 शहरों तक ट्रेनिंग की सुविधा दी जाएगी।
सरकार ने आर्थिक विकास को तेज़ी से बढ़ाने के लिए छह अहम क्षेत्रों पर फोकस करने की योजना बनाई है। इनमें:
मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना।
पुराने औद्योगिक क्षेत्रों को फिर से ज़िंदा करना।
चैंपियन MSMEs (माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज) बनाना।
इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना।
दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना।
सिटी इकोनॉमिक रीजन को विकसित करना।
दिल्ली-वाराणसी समेत 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान
* बजट में दिल्ली-वाराणसी समेत 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया गया है।
* बनारस और पटना में जहाज मरम्मत की सुविधा स्थापित की जाएगी।
* दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी के बीच हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनेंगे।
* अगले 5 सालों में पांच औद्योगिक क्षेत्रों में कार्बन कैप्चर के लिए ₹20 हजार करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है।
* वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपए कर दिया है।
कार्गो ले जाने के लिए फ्रेट कॉरिडोर बनेंगे
5 लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-2 और 3 शहरों के डेवलपमेंट के लिए 11.2 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। 2026-27 में इसे बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपए किया जाएगा।
प्राइवेट डेवलपर्स के लिए एक इन्फ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड बनाया गया है, जिसमें सरकार partial गारंटी देगी।
रियल एस्टेट के रिसाइक्लिंग के लिए एक नई योजना बनाई गई है।
कार्गो ले जाने के लिए एक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनेगा, और दंकुनी से सूरत तक पोर्ट को जोड़ने के लिए भी एक स्कीम है।
वाराणसी और पटना को डेवलप करके इंटरनल वाटरवेज को बढ़ावा देने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी।
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आज 1 फरवरी है, और ये दिन देश की अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाला है। आज संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार 9वां केंद्रीय बजट (union budget 2026) पेश करने जा रही हैं। केंद्रीय कैबिनेट ने बजट 2026-27 को मंजूरी दे दी है, और कुछ ही देर में संसद में बजट पेश किया जाएगा।
इस बजट से टैक्सपेयर्स को राहत की उम्मीद तो है ही, वहीं मिडिल क्लास से लेकर गांव-किसान तक सभी की नजरें सरकार पर टिकी हैं। निवेशक भी इस बात पर ध्यान लगाए हुए हैं कि सरकार ग्रोथ और वित्तीय संतुलन के बीच किस तरह का तालमेल बैठाती है।
यह बजट ऐसे वक्त में आ रहा है, जब एक तरफ देश की घरेलू मांग मजबूत दिख रही है, तो दूसरी तरफ दुनिया में काफी उथल-पुथल है। अमेरिकी टैरिफ नीतियों और भू-राजनीतिक तनावों के बीच, वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। बजट से ठीक पहले संसद में पेश इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 ने भारत की अर्थव्यवस्था का बड़ा चित्र पेश किया। इसमें कहा गया है कि वर्किंग-एज आबादी का फायदा मिल रहा है, लेकिन हेल्थ और रोजगार की बड़ी चुनौती सामने है। अगले वित्त वर्ष में 6.8% से 7.2% ग्रोथ का अनुमान है और घरेलू मांग मजबूत हुई है।
अब, हर कोई ये जानना चाहता है कि क्या इस बजट में टैक्स स्लैब में कोई बदलाव होगा? क्या रोजगार और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फिर से जोर दिया जाएगा? या फिर ग्रामीण खर्च बढ़ाने पर ध्यान होगा?
टैक्सपेयर्स को उम्मीद
बजट 2026 में इनकम टैक्स से जुड़े नियमों पर खास ध्यान दिया जाने की उम्मीद है। नौकरीपेशा लोग चाहते हैं कि नई टैक्स रिजीम में भी NPS, हेल्थ इंश्योरेंस और होम लोन जैसे खर्चों पर टैक्स छूट मिले।
इसके साथ ही टैक्स रिटर्न भरने का तरीका और भी आसान हो, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के अपना रिटर्न फाइल कर सकें। इसके अलावा, कैपिटल गेन टैक्स और टैक्स छूट को लेकर भी बजट में साफ तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
खुला रहेगा शेयर बाजार
अगर आप शेयर बाजार में निवेश या ट्रेडिंग करते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए काफी जरूरी है। 1 फरवरी 2026 को बजट रविवार को पेश किया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद NSE और BSE दोनों खुले रहेंगे।
एक्सचेंज ने साफ किया है कि बाजार अपने सामान्य समय पर खुलेगा, यानी सुबह 9:15 से लेकर दोपहर 3:30 बजे तक ट्रेडिंग होगी। बजट सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
पहली बार रविवार को पेश होगा बजट
हाल के इतिहास में यह पहली बार होगा जब केंद्रीय बजट रविवार को पेश किया जाएगा। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी को शुरू हुआ है और यह 2 अप्रैल तक चलेगा।
हालांकि, 1 फरवरी हमेशा बजट पेश करने की तय तारीख नहीं रही। 2016 तक, इसे हमेशा फरवरी के आखिरी कामकाजी दिन पेश किया जाता था। फिर 2017 में इसमें बदलाव हुआ और तब के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 1 फरवरी 2017 को वित्त वर्ष 2018 का आम बजट पेश किया था।
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मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से, 18 को पेश होगा बजट
- Feb 01, 2026 10:54 IST
बजट को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी, 11 बजे संसद में होगा पेश
कैबिनेट की बैठक में बजट को मंजूरी दे दी गई। यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई थी। अब बजट संसद में रखा जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे संसद में बजट भाषण पढ़ेंगी।
- Feb 01, 2026 09:48 IST
थोड़ी देर में लोकसभा में बजट पेश करेंगी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक डिजिटल टैबलेट दिखाया, जिसमें वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार के आय-व्यय और आर्थिक रोडमैप से जुड़े सभी दस्तावेज थे। राष्ट्रपति भवन से निकलने के बाद, वित्त मंत्री संसद पहुंचीं, जहां सुबह 11 बजे लोकसभा में बजट पेश किया जाएगा। यह बजट देश की अर्थव्यवस्था, टैक्सपेयर्स, मिडिल क्लास, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार से जुड़ी दिशा तय करेगा।
- Feb 01, 2026 09:45 IST
बजट से पहले राष्ट्रपति से मिलीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
बजट से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और उन्हें बजट के बारे में जानकारी दी। इस दौरान उनके साथ वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी मौजूद थे।
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