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कांग्रेस वर्किंग कमेटी ( CWC ) की मीटिंग शनिवार को दिल्ली के अशोका होटल में करीब 3 घंटे चली। इसमें दो बड़ी मांग रखी गई। पहला- राहुल गांधी विपक्ष के नेता की कुर्सी संभाले। दूसरा- दिल्ली और हरियाणा में आम आदमी पार्टी ( AAP ) के साथ गठबंधन तोड़ा जाए।राहुल गांधी को लोकसभा में विपक्ष का नेता बनाने के लिए पार्टी सांसदों ने एक प्रस्ताव भी पारित किया। इस पर राहुल ने कहा- मुझे सोचने का वक्त दीजिए। यह पद पिछले 10 साल से खाली है। अब शाम 5.30 बजे कांग्रेस की संसदीय दल की बैठक होगी। इसमें संसदीय दल का नेता चुना जाएगा।
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विपक्ष का नेता किसे कहते हैं
नेता विपक्ष एक संसद सदस्य होता है जो विपक्ष का प्रभारी होता है और सरकार बनाने वाली पार्टी के बाद सबसे अधिक सीटों वाली सबसे बड़ी पार्टी या पार्टियों के गठबंधन का संसदीय अध्यक्ष होता है। इस पद के लिए सांसद का चयन उस पार्टी के सदस्यों की ओर से किया जाता है।
मल्लिकार्जुन खड़गे का बड़ा बयान
पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक में कहा- जहां-जहां से राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा और भारत जोड़ो न्याय यात्रा गुजरी, वहां-वहां पार्टी की सीटें बढ़ी हैं। खड़गे ने लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन के लिए सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के अलावा पार्टी के हर एक नेता और कार्यकर्ता को बधाई दी। CWC की मीटिंग में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल और प्रियंका के अलावा कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और नवनिर्वाचित सांसद शामिल हुए। बैठक में लोकसभा में जीती और हारी हुई सीटों पर भी चर्चा हुई।
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